गोहाल में आहरों का अस्तित्व खतरे में
Updated at : 14 May 2019 1:33 AM (IST)
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जयनगर : प्रखंड के ग्राम पंचायत गोहाल के फुटला आहर व नवा आहर का अस्तित्व इन दिनों खतरे में पड़ गया है. पांच एकड़ में स्थित फुटला आहर में एक बूंद भी पानी नहीं बचा है, बल्कि आहर में धूल उड़ रही है. ठेका प्रथा व बिचौलियावाद के कारण प्रत्येक वर्ष इन आहरों के गहरीकरण […]
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जयनगर : प्रखंड के ग्राम पंचायत गोहाल के फुटला आहर व नवा आहर का अस्तित्व इन दिनों खतरे में पड़ गया है. पांच एकड़ में स्थित फुटला आहर में एक बूंद भी पानी नहीं बचा है, बल्कि आहर में धूल उड़ रही है. ठेका प्रथा व बिचौलियावाद के कारण प्रत्येक वर्ष इन आहरों के गहरीकरण में लाखों रुपये खर्च कर महज खानापूर्ति होती है, जिससे धीरे-धीरे आहरों का दायरा सिमटता जा रहा है.
फिलहाल इस पंचायत के दोनों आहर का हाल बुरा है, जिसके कारण गांव में जल संकट गहराता जा रहा है. कुएं भी सूख रहे हैं और चापानल दम तोड़ रहा है. झामुमो के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य संदीप कुमार पांडेय, मुखिया आशा देवी, पंसस मनोज दास आदि ने जिला प्रशासन से तालाबों के अस्तित्व को बचाने की गुहार लगायी है.
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