दोषी बहनोई को आजीवन कारावास
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Mar 2019 1:16 AM
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जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने सुनाया फैसला कोडरमा : जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय संजय कुमार सिंह की अदालत ने चंदवारा के शंकर साव हत्याकांड के मामले में त्वरित गति से न्याय करते हुए मुख्य अभियुक्त मृतक के बहनोई शोभा साव को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. अभियुक्त चंदवारा […]
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जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने सुनाया फैसला
कोडरमा : जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय संजय कुमार सिंह की अदालत ने चंदवारा के शंकर साव हत्याकांड के मामले में त्वरित गति से न्याय करते हुए मुख्य अभियुक्त मृतक के बहनोई शोभा साव को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. अभियुक्त चंदवारा थाना अंतर्गत सरदारोडीह निवासी है.
जानकारी के अनुसार शंकर साव को उसके बहनोई शोभा साव ने षड्यंत्र के तहत फोन कर मोटरसाइकिल से महतो अहरा के समीप किसी अन्य कार्य के लिए बुलाया था व टांगी से काट कर उसकी हत्या कर दी थी. घटना के बाद हत्या में प्रयुक्त टांगी को आरोपी ने शव से कुछ दूरी पर फेंक दिया था. इस मामले को लेकर मृतक के पिता प्रसादी साव के लिखित आवेदन पर चंदवारा थाना कांड संख्या 86/16 दिनांक 29.10.16 अंतर्गत धारा 302/201/34 भादवि के तहत दर्ज किया गया था.
29 मई 2017 को इस वाद को कमिट कर सत्र न्यायालय में विचारण हेतु भेजा गया. यहां सत्रवाद संख्या 66/17 के रूप में दर्ज करते हुए 19 अप्रैल 2018 को उपरोक्त अभियुक्त के विरुद्ध आरोप गठित किया गया. न्यायालय ने इस कांड की गंभीरता को देखते हुए इसका त्वरित गति से विचारण करते हुए लगभग दो वर्ष में अहम फैसला सुनाया.
अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाहों का परीक्षण कराया गया. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक दिनेश चंद्रा व बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विनय कुमार सिंह ने अपनी दलीलें पेश की. न्यायालय ने गवाहों द्वारा दिये गये बयान व अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी शोभा साव को धारा 302 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया.
अर्थदंड की राशि नहीं जमा करने पर छह महीने अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा काटनी होगी. इसके अलावा धारा 201 के तहत दोषी पाते हुए पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा व 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया. अर्थदंड की राशि नहीं जमा करने पर तीन महीने अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा होगी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.
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