1. home Hindi News
  2. state
  3. jharkhand
  4. kodarma
  5. jain muni mangal entry in koderma city is buzzing with cheer praman sagar ji is the state guest see pics smj

जैन मुनि का कोडरमा में हुआ मंगल प्रवेश, जयकारों से गूंजा शहर, राजकीय अतिथि हैं प्रमाण सागर जी, देखें Pics

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
राजकीय अतिथि मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी के कोडरमा आने पर हुआ भव्य स्वागत.
राजकीय अतिथि मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी के कोडरमा आने पर हुआ भव्य स्वागत.
प्रभात खबर.

Jharkhand News, Koderma news, कोडरमा : झारखंड के गौरव, जैन संत व राज्य सरकार के राजकीय अतिथि मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी गुरुदेव का मंगलवार (23 मार्च, 2021) को कोडरमा शहर में मंगल प्रवेश हुआ. शहर में प्रवेश से पहले बाईपास रोड में जैन समाज के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया. गुरुदेव के साथ पुलिस प्रशासन की टीम एवं सैकड़ों युवा पैदल साथ-साथ चल रहे थे.

कलश लेकर महिला श्रद्धालु भी नगर भ्रमण में हुई शामिल.
कलश लेकर महिला श्रद्धालु भी नगर भ्रमण में हुई शामिल.
प्रभात खबर.

कोडरमा शहर के बाईपास चौक पर जैन समाज की महिलाएं केसरिया वस्त्र में तथा पुरुष और बच्चे श्वेत वस्त्र में गुरु की अगवानी के लिए पहुंचे हुए थे. सुबह जैसे ही जैन मुनि री 108 प्रमाण सागर जी का कदम यहां पड़ा लोग हर्षित और पुलकित नजर आये. बाद में मुनिश्री नगर भ्रमण करते हुए डाक्टर गली स्थित जैन मंदिर पहुंचे.

नगर भ्रमण बाईपास रोड, ओवरब्रिज, झंडा चौक, डॉक्टर गली होते हुए जैन मंदिर पहुंचा, जहां भक्तों ने मुनिश्री के चरण पखारे और आरती की. कार्यक्रम का मंच संचालन समाज के उप मंत्री राज छाबड़ा ने किया. समाज के पदाधिकारियों और निवर्तमान वार्ड पार्षद पिंकी जैन ने आचार्य विद्यासागर जी गुरुदेव के चित्र का अनावरण व दीप प्रज्जवलन किया.

जैन मुनी के आगमन को लेकर जैन समुदाय के श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़.
जैन मुनी के आगमन को लेकर जैन समुदाय के श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़.
प्रभात खबर.

धर्म से ही व्यक्ति का हो सकता है कल्याण : मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी

जैन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी ने अपने उद्बोधन में जैन समाज और पूरे कोडरमा जिला के लोगों को मंगल आशीर्वाद दिया. अपने उपदेश में उन्होंने कहा कि धर्म ही एक ऐसा सहारा है जिससे व्यक्ति का कल्याण हो सकता है. जीवन सुखमय हो सकता है. जैन समाज के लोगों की धर्म के प्रति भक्ति और श्रद्धा के कारण ही संतों के चरण झुमरीतिलैया की पावन धरती पर पड़ रहे हैं. संत और गुरु के चरण जहां पड़ते हैं वहां निश्चित ही कल्याण होता है, सत्य अहिंसा और शांति का दिव्य घोष होता है, लोगों को सकारात्मक सोच की ऊर्जा मिलती है.

उन्होंने कहा कि व्यक्ति यदि हमेशा खुश रहना चाहता है तो अपने दुख में ही सुख को खोजे. धर्म की प्रभावना और समाज के कल्याण के लिए हमेशा तन, मन, धन से सहयोग करें और हमेशा धर्म कल्याण में, जरूरतमंदों के प्रति दान की भावना रखें. यदि व्यक्ति के पास पैसा नहीं है तब भी वह धर्म और समाज की रक्षा के लिए शरीर से, श्रम से योगदान दें और यही सबसे बड़ा दान है. आज मनुष्य अपने दुख से दुखी नहीं है वह दूसरों के सुख से दुखी है. यही कारण है कि व्यक्ति हमेशा डिप्रेशन में जा रहा है और बीमारी ग्रस्त रह रहा है. आज के इस भागमभाग दौड़ में जीवन को सुखमय बनाने के लिए सकारात्मक सोच को आत्मसात करें. दूसरों की निंदा में अपना जीवन व्यतीत न करें. धर्म के मार्ग पर चलें इसी लक्ष्य से जीवन आनंदमय बन सकता है.

मौके पर कार्यक्रम के संयोजक प्रदीप जैन छाबड़ा, सुशील जैन छाबड़ा पुण्याजक चुन्नी लाल, प्रदीप छाबड़ा, सुरेश झांझरी, मूलचंद सुशील छाबड़ा, समाज के अध्यक्ष विमल बड़जात्या, उपाध्यक्ष कमल सेठी, प्रदीप पांड्या, मंत्री ललित सेठी, उप मंत्री राज जैन छाबड़ा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन काला, सरोज जैन भंडारी, सुनील जैन, सुरेश-नरेंद्र जैन झांझरी, रूपचंद-सुलोचना देवी पांड्या, महिला संगठन की अध्यक्षा नीलम जैन सेठी, सचिव आशा जैन गंगवाल, सुनीता सेठी, बालिका संगठन की ईशा, निधि, चहेती, पूर्वी, देशना, जैन युवक समिति के राजीव जैन छाबड़ा, सुमित जैन, पीयूष जैन, संजय छाबड़ा, मीडिया प्रभारी नवीन जैन, राजकुमार जैन आदि मौजूद थे.

Posted By : Samir Ranjan.

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें