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आम के नहीं मिल रहे दाम, किसान निराश

Updated at : 04 Jul 2025 6:18 PM (IST)
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आम के नहीं मिल रहे दाम, किसान निराश

आम की फसल का इंतजार किसान एक वर्ष करते हैं. किसानों को उम्मीद रहती है कि जब आम की फसल तैयार होंगे तो उसे बेचकर अच्छी आमदनी करेंगे.

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सतीश शर्मा, तोरपा.

आम की फसल का इंतजार किसान एक वर्ष करते हैं. किसानों को उम्मीद रहती है कि जब आम की फसल तैयार होंगे तो उसे बेचकर अच्छी आमदनी करेंगे. परंतु इस बार किसानों को निराशा हाथ लगी है. आम के वर्तमान सीजन में आम का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. जिससे किसानों में भारी निराशा है. इस वर्ष आम की पैदावार अच्छी हुई, लेकिन बाजार में गिरते दामों ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. प्रखंड में आम्रपाली, मलिका, दशहरी, मालदा, लंगड़ा आम की बागवानी की गयी है. तोरपा प्रखंड में लगभग 4000 एकड़ में आम की बागवानी की गयी है. इसमें से लगभग 1500 एकड़ में लगे पौधे से आम का उत्पादन हुआ है. एक अनुमान के अनुसार इस बार प्रखंड में 350 मिट्रिक टन से ज्यादा आम का उत्पादन हुआ है. उपज की भरमार्र तथा समुचित मार्केटिंग नहीं होने के कारण आम के दाम किसानों को नहीं मिल रहे हैँ.

10-12 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा आम :

बाजार में आम का थोक भाव 10-12 रुपये प्रति किलोग्राम है. खुदरा बाजार में 15-20 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से आम की बिक्री हो रही है. आम के मार्केटिंग में सहयोग करने वाले प्रदान के आदित्य झा ने बताया कि आम की बिक्री रांची, चाईबासा, हजारीबाग, बोकारो के जिलों में की गयी है. वहां के व्यापारी आम लेकर गये हैं. परंतु आम का उत्पादन अधिक मात्रा में होने तथा बारिश के कारण आम में दाग आ जाने के कारण समुचित मार्केटिंग नहीं हो पा रही है.

क्या कहती है एफपीओ की अध्यक्ष :

किसान उत्पादक संघ, तोरपा महिला कृषि बागवानी सहकारी समिति की अध्यक्ष एतवारी देवी कहती है कि इस बार आम का उत्पादन अच्छी मात्रा में हुई. परंतु अत्यधिक बारिश का असर फल पर पड़ा. जिसके कारण आम का उचित दाम किसानों को नहीं मिला. उन्होंने कहा कि प्रखंड में जितनी मात्रा में आम का उत्पादन होता है, उसे देखते हुए समुचित बाजार व्यवस्था कराना पड़ेगा. सरकार इस ओर ध्यान दे. साथ ही इस क्षेत्र में आम का प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जाय, ताकि आम से आधारित अन्य उत्पाद तैयार किया जा सके.

क्या कहते हैं किसान :

प्रखंड के चटकपुर गांव के किसान फिलिप बारला कहते हैं कि इस बार किसानों को आम का सही दाम नहीं मिला. पिछले बार थोक में किसानों ने 30-35 रुपये प्रति किलोग्राम आम बेचा था. परंतु इस बार 10-12 रुपये बेचना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण आम में दाग आ गये हैं. आम का फल पेड़ में ही फट जा रहा है. जिसके कारण बाहर के व्यापारी आम नहीं खरीद रहे हैं. अम्मापकना के किसान रामधन तथा डेरांग की सुसारी भी यही बात दुहराती हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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