मुंडारी भाषा को सूची में शामिल नहीं करना विश्वासघात : नीलकंठ

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मुंडारी भाषा को सूची में शामिल नहीं करना विश्वासघात : नीलकंठ

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2025 में खूंटी जिले में मुंडारी भाषा को शामिल नहीं किये जाने का जिले में जोरदार विरोध किया जा रहा है.

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प्रतिनिधि, खूंटी.

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2025 में खूंटी जिले में मुंडारी भाषा को शामिल नहीं किये जाने का जिले में जोरदार विरोध किया जा रहा है. सामाजिक संगठन, विपक्षी पार्टी सहित अन्य लोग मुंडारी भाषा को शामिल नहीं किये जाने को लेकर रोष प्रकट कर रहे हैं. खूंटी के पूर्व विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने खूंटी जिले में मुंडारी भाषा को दरकिनार किये जाने का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि खूंटी जिले में मुंडारी भाषा बहुलता से बोली जाती है. इसके बाद भी सरकार ने इसे शामिल नहीं किया है. यह जिले के मुंडा समुदाय के साथ धोखा, अन्याय और विश्वासघात है. कहा कि खूंटी से झामुमो के दो विधायक हैं. दोनों मुंडा भी हैं, लेकिन वे इस विषय पर खामोश हैं. चुनाव के समय धोखा देकर वोट ले लिया और आज मुंडा समुदाय के साथ सरकार विश्वासघात कर रही है. श्री मुंडा ने कहा कि सरकार इस निर्णय को वापस ले और मुंडारी भाषा को नियमावली में शामिल करे, नहीं तो जोरदार आंदोलन किया जायेगा. खूंटी, खूंटकट्टी का जिला है. जहां मुंडा राजा होते हैं. मुंडा समुदाय के साथ विश्वासघात को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

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चंदन कुमार

लेखक के बारे में

By चंदन कुमार

चंदन कुमार ने करियर की शुरुआत 1996 में प्रभात खबर से की. ऑल इंडिया रेडियो, सहारा समय टीवी, इंडिया टुडे एवं राष्ट्रीय सहारा में कार्य अनुभव. यात्रा वृतांत,साहित्य, सामाजिक बदलाव एवं कानूनी मामले की खबरों में रुचि. वर्तमान में मधेपुरा से खबरों का संकलन करते हैं.

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