नियमावली में मुंडारी भाषा को शामिल करने की मांग
Updated at : 09 Jun 2025 5:03 PM (IST)
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आदिवासी मुंडारी भाषा व संस्कृति बचाव संघर्ष समिति खूंटी के बैनर तले एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त आर रॉनिटा को ज्ञापन सौंपा.
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खूंटी.
आदिवासी मुंडारी भाषा व संस्कृति बचाव संघर्ष समिति खूंटी के बैनर तले एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त आर रॉनिटा को ज्ञापन सौंपा. जिसमें झारखंड शिक्षक पात्रता नियमावली में मुंडारी भाषा को शामिल करने की मांग की गयी है. समिति के पदधारियों ने कहा कि खूंटी मुंडा बहुल जिला है. साजिश के तहत नियमावली में मुंडारी भाषा को नहीं रखा गया है. खूंटी के अलावा अन्य जिलों में भी जहां मुंडारी बहुतायत पर बोली जाती है, वहां भी मुंडारी भाषा को शामिल नहीं किया गया है. यह बेहद खेद का विषय है. समिति ने नियमावली में मुंडारी भाषा को शामिल करने की मांग की है. मौके पर चंद्रप्रभात मुंडा, दामू मुंडा, दुर्गावती ओड़ेया, मानसिंह बोदरा, बासिंह मुंडा, मंगरा मुंडा सहित अन्य उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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