डकरा/खलारी : विपरीत परिस्थितियों में सभ्य समाज के निर्माण के लिए जब कोई व्यक्ति सामने आता है, तब उसे त्याग, तपस्या, बलिदान, साधना जैसे गुणों से लैस होना पड़ता है. तब जाकर संत शिरोमणि गुरु घासीदास जैसे महापुरुष का जन्म होता है. छत्तीसगढ़ी समाज के अलावा पूरे इंसानियत को गुरु घासीदास ने जो रास्ता दिखाया, वह अनुकरणीय है.
उसी रास्ते पर चल कर हम एक सभ्य समाज की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं. उक्त बातें कांके विधायक जीतूचरण राम ने मंगलवार को डकरा में गुरु घासीदास जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही. कहा कि सतनाम का अलख जगानेवाले गुरु घासीदास ने छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज को सच्ची राह दिखायी. वे समाज के सच्चे पथ प्रदर्शक थे. उन्होंने नशा के विरुद्ध अभियान चलाया. छत्तीसगढ़ी एकता मंच डकरा रांची द्वारा आयोजित इस समारोह को सांसद प्रतिनिधि नसीबलाल महतो, मानवाधिकार प्रशासन के मिथिलेश पासवान, मुखिया मानसी देवी, पंचायत समिति सदस्य उर्मिला देवी, सहित मंच के कई पदाधिकारी, सीसीएल अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि व समाजसेवियों ने संबोधित किया. इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों, स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया.
जिसमें छत्तीसगढ़ी पंथी नृत्य, पंथी गीत, सतनाम मंगल भजन तथा प्रवचन प्रस्तुत किया गया. इसके पूर्व पूरे पारंपरिक तरीके से जैतखाम की पूजा की गयी और प्रसाद बांटा गया. भंडारे के रूप में महाप्रसाद खिचड़ी को हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया. कार्यक्रम का संचालन उतरा कुमार और अमर लाल सतनामी ने संयुक्त रूप से किया. जयंती समारोह में छत्तीसगढ़ी कला-संस्कृति से संबंधित कई कार्यक्रम आयोजित किये गये.
मौके पर मौजूद लोग : इस अवसर पर सागर राम, डीपी सिंह, देवपाल मुंडा, राजदेव प्रसाद, राहुल कुमार, रविशंकर बघेल, जगदीश सतनामी, कुशराम सतनामी, जगजीवन सतनामी, कार्तिक सतनामी, बिनोद सतनामी, संतोष कोशले, बसंत लाल, खीक राम, लक्ष्मण प्रसाद, शंकर सतनामी, फागुलाल सतनामी, रामचरण सतनामी, भजोराम सतनामी, बीडी महंत, महावीर सतनामी, ठाकुर राम सतनामी सहित महिलाएं व बच्चे मौजूद थे.
