कोयला व लौह अयस्क से झारखंड को मिला सबसे अधिक सेस, केंद्रीय विधेयक से हो जायेगा बंद
खदान में कोयला निकालने के दौरान काम करती मशीनें( ai generated image)
झारखंड मिनरल सेस रूल-2024 के तहत कोयला और लौह अयस्क से राज्य सरकार को भारी राजस्व प्राप्त हो रहा है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोयला से ₹6341.67 करोड़ और लौह अयस्क से ₹1014.53 करोड़ का सेस मिला है. एमएमडीआर संशोधन के विरोध में दरें बढ़ाई गई हैं.
रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट
Jharkhand Mineral Cess: झारखंड को द झारखंड मिनरल बियरिंग लैंड सेस रूल-2024 के तहत खनिज धारित भूमि पर सबसे अधिक सेस कोयला और लौह अयस्क से मिलता है. सेस की सबसे अधिक दर भी इन्हीं खनिजों पर है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में खनिजों पर सेस से सरकार को कुल 7487.91 करोड़ रुपये राजस्व मिला था. वहीं इस वित्तीय वर्ष 2026-27 में 13800 करोड़ रुपये का राजस्व केवल सेस से प्राप्त होने का लक्ष्य रखा गया है. जिसमें अप्रैल 26 से लेकर जुलाई 26 तक 4400 करोड़ रुपये बतौर सेस मिल चुके हैं.
दर संशोधन के बाद बढ़ा सेस राजस्व
वर्ष 2024 में सरकार ने सेस लगाना आरंभ किया था. वित्तीय वर्ष 2024-25 में तब सेस केवल 1379 करोड़ रुपये मिले थे. इसके बाद सरकार ने दर में संशोधन किया, जिससे वित्तीय वर्ष 2025-26 में सेस से राजस्व बढ़ा. खान विभाग ने एक रिपोर्ट सीएमओ को भेजी है.
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मिला कुल सेस
| मद | सेस (करोड़ रुपये) |
| कुल सेस | 7487.91 |
| कोयला से प्राप्त कुल सेस | 6341.67 |
| लौह अयस्क से मिला सेस | 1014.53 |
सेस देने वाले प्रमुख जिले : हजारीबाग, धनबाद, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा)
अन्य खनिजों से कितना सेस (वर्ष 2025-2026)
| खनिज | सेस (रुपये में) |
| बॉक्साइट | 113.37 करोड़ |
| कॉपर | 4.55 करोड़ |
| सोना | 0.54 करोड़ |
| यूरेनियम | 13.25 करोड़ |
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एमएमडीआर संशोधन का विरोध, बढ़ा सेस
केंद्र के एमएमडीआर संशोधन विधेयक से राज्य सरकार द्वारा वसूला जानेवाला सेस पूरी तरह बंद हो जायेगा. इसका विरोध झारखंड सरकार कर रही है. राज्य सरकार ने दिसंबर 2025 में सेस की नयी दर अधिसूचित की थी. द झारखंड मिनरल बियरिंग लैंड सेस रूल-2024 के तहत खनिज धारित भूमि पर सेस की दर बढ़ायी गयी थी. इसमें बॉक्साइट धारित भूमि पर सेस की दर ज्यादा बढ़ायी गयी थी. बॉक्साइट पर पूर्व में 116 रुपये प्रति टन की दर से सेस लिया जाता था, जिसे बढ़ाकर नन मेटालर्जिकल बॉक्साइट की दर 180 रुपये प्रति टन की गयी है. वहीं, मेटालर्जिकल ग्रेड के बॉक्साइट पर लंदन मेटल एक्सचेंज की दर का दो प्रतिशत सेस लिया जायेगा. यह दो हजार रुपये प्रति टन होता है. दूसरी ओर कोयला की दर 250 से बढ़ाकर 450 प्रति टन की गयी. जबकि लौह अयस्क 400 से बढ़ाकर 600 रुपये प्रति टन, लाइमस्टोन की दर 40 से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति टन तथा सोना, तांबा व सीसा पर लंदन मेटल एक्सचेंज की दर दो प्रतिशत से 8.5% तक की गयी.
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लेखक के बारे में
By प्रिया गुप्ता
प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.
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