ePaper

सरहुल केवल उत्सव नहीं, यह हमारी परंपरा और पहचान का प्रतीक : स्वास्थ्य मंत्री

Updated at : 01 Apr 2025 11:37 PM (IST)
विज्ञापन
सरहुल केवल उत्सव नहीं, यह हमारी परंपरा और पहचान का प्रतीक : स्वास्थ्य मंत्री

मंत्री ने कहा कि सरहुल न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि यह हमें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करता है.

विज्ञापन

जामताड़ा. स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने मंगलवार को जामताड़ा पहुंचकर बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ सरहुल पर्व मनाया. इस अवसर पर उन्होंने झारखंड सहित पूरे जामताड़ा वासियों को सरहुल की हार्दिक शुभकामनाएं दी. मंत्री ने कहा कि सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और जीवन के बीच संतुलन का प्रतीक है. यह उत्सव हमें यह सिखाता है कि मानव जीवन का अस्तित्व प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है और इसे संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि सरहुल न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि यह हमें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करता है. झारखंड सहित पूरे देश में सरहुल का उत्साह और उमंग हर वर्ष बढ़ रहा है. यह पर्व हमारी परंपराओं को संजोए रखने और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का अवसर प्रदान करता है. सरहुल उत्सव के दौरान स्थानीय लोगों ने पारंपरिक नृत्य और गीत प्रस्तुत किए, जिससे पूरे वातावरण में उल्लास और भक्ति का माहौल बना रहा. मंत्री ने भी स्थानीय लोगों के साथ इस पर्व की खुशियों में सहभागिता की और समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर संस्कृति और प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
MANOJ KUMAR

लेखक के बारे में

By MANOJ KUMAR

MANOJ KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola