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मांझी, जोगमांझी, प्राणिक, जोगप्रणिक, नाईकी, भद्दो को मिले सम्मान राशि

Updated at : 15 Sep 2025 8:32 PM (IST)
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मांझी, जोगमांझी, प्राणिक, जोगप्रणिक, नाईकी, भद्दो को मिले सम्मान राशि

जामताड़ा. मांझी परगना सरदार महासभा की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर समाहरणालय के समीप जिलास्तरीय धरना-प्रदर्शन किया गया.

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मांझी परगना सरदार महासभा ने समाहरणालय के समीप दिया धरना, कहा जिलाध्यक्ष ने उपायुक्त को सौंपा पांच सूत्री ज्ञापन संवाददाता, जामताड़ा. मांझी परगना सरदार महासभा की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर समाहरणालय के समीप जिलास्तरीय धरना-प्रदर्शन किया गया. अनुसूचित क्षेत्र के आदिवासी स्वशासन के रुढ़िवादी परंपरा के पदाधिकारियों मांझी, जोगमांझी, नाईकी, कुडाम नाईकी, प्राणिक, जोगप्रणिक, गोडित, लासेरसाल एवं परगना की समस्याओं पर उपायुक्त रवि आनंद को पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा. धरने की अध्यक्षता मांझी परगना सरदार महासभा के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार हांसदा ने की. धरने का संचालन जामताड़ा प्रखंड मांझी परगना के अध्यक्ष नाजिर सोरेन ने किया. मौके पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक सुनील कुमार बास्की, मांझी हाड़ाम सह वीर मांझी हराधन मुर्मू, सेवानिवृत्त शिक्षक लेबेन हांसदा, गेडिया चौवालीस के परगाना धनालाल हांसदा, महादेव हांसदा, संजीत हेंब्रम, सज्जन कुमार मुर्मू, वीर मांझी बाबूलाल सोरेन, नंदलाल हांसदा, नवीन मरांडी, अबिलाल मरांडी, तारकेश्वर मुर्मु, डॉक्टर सोरेन, दारोगा मुर्मु, मंगल सोरेन, साहेबलाल मरांडी, कालेश्वर, सज्जन कुमार मुर्मू, महादेव हांसदा, शिवलाल मुर्मू आदि मौजूद थे. ये है पांच सूत्री मांग: संताल परगना क्षेत्र में संताल समुदाय में सामाजिक अथवा रूढ़िगत प्रधान मांझी होते हैं. परंतु ग्रामसभा के लिए राजस्व संग्रहकर्ता प्रधान की बात की जा रही है जो गलत है. जिला प्रशासन द्वारा संबंधित राजस्व प्रधान को छोड़कर रूढ़िगत मांझी को ही ग्रामसभा का पदेन अध्यक्ष के रूप में बुलाया जाय. आदिवासी स्वशासन व्यवस्था के सभी पद धारकों मांझी, जोगमांझी, प्राणिक, जोगप्रणिक, नाईकी, कुडाम नाईकी, भद्दो, गोडित, लासेरसाल एवं परगना को सम्मान राशि प्रदान करने के लिए सभी पदों का नामांकन किया जाय. ग्रामसभा के माध्यम से पुनः संपुष्ट कर स्वशासन के सभी पद धारकों के लिए सम्मान राशि प्रदान करने की प्रक्रिया चालू कीजाय. पेसा कानून 1996 लागू किया जाय, संताल परगना सिविल रूल्स 1946, संताल परगाना जस्टिस रेगुलेशन 1893 एवं संताल परगना काश्तकारी 1949 का सख्ती से पालन किया जाय.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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UMESH KUMAR

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By UMESH KUMAR

UMESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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