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बंगाल सरकार ने आलू के निर्यात पर लगा दी रोक, मिहिजाम में बढ़े दाम

Updated at : 30 Nov 2024 10:18 PM (IST)
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बंगाल सरकार ने आलू के निर्यात पर लगा दी रोक, मिहिजाम में बढ़े दाम

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में आलू की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए दूसरे राज्यों में आलू के निर्यात पर रोक लगा दी है. झारखंड बंगाल सीमा पर आलू लदे वाहनों को वापस किया जा रहा है.

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मिहिजाम. पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में आलू की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए दूसरे राज्यों में आलू के निर्यात पर रोक लगा दी है. झारखंड बंगाल सीमा पर आलू लदे वाहनों को वापस किया जा रहा है. बंगाल सीमा पर झारखंड में प्रवेश करने वाले ट्रकों की जांच की जा रही है. मिहिजाम-रूपनारायणपुर बंगाल सीमा पर भी आलू लदे ट्रकों को वापस किया गया है. ट्रक चालकों से पुलिस ने कहा है कि जिस स्थान से आलू लोड कर लाये हैं इसे वापस ले जायें. बताया कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में जबतक आलू की कीमतें नियंत्रित नहीं हो जाय. बंगाल से दूसरे राज्यों को आलू निर्यात नहीं होने दें. इस निर्देश के बाद सीमा पर वाहनों की पड़ताल कर आलू लदे वाहनों को आगे जाने से रोक दिया जा रहा है. इससे झारखंड में बंगाल से आलू की आयात ठप पड़ गई है. जून के महीने में भी बंगाल सरकार ने दूसरे राज्यों को आलू निर्यात पर रोक लगायी थी, जिसे कुछ दिनों पर निर्यात को बहाल कर दिया गया था. बंगाल के खुदरा बाजार में आलू 30 से 32 रुपये किलो बिक रहा है. पिछले कुछ महीने से आलू, प्याज, लहसून सहित हरी सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं. लगातार महंगी हो रही आलू, प्याज व हरी सब्जी के भाव से लोगों के घरों में किचन का बजट लड़खड़ा गया है. इस मामले में आलू के व्यापार से जुडे बंगाल में व्यापारियों का कहना है कि राज्य में आलू की कोई कमी नहीं है. व्यापारियों को इस बात का डर सता रहा है कि आलू का निर्यात पूरी तरह रोक दिये जाने पर आलू के खराब होने की संभावना बनी हुई है. इस बीच बंगाल से आलू के निर्यात पर रोक लगने पर झारखंड के आलू व्यापारी पंजाब व उत्तर प्रदेश से आलू मंगवाने की वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं. बताया जाता है कि पूरे देश में उत्तर प्रदेश के बाद पश्चिम बंगाल सबसे अधिक आलू उत्पादन करने वाला राज्य है. बंगाल से आलू का निर्यात झारखंड, उड़ीसा, बिहार, असम, छतीसगढ़, मध्यप्रदेश के अलावा बांग्लादेश किया जाता है. एक अनुमान के मुताबिक झारखंड में 7,33,770 टन आलू की सालाना पैदावार होती है, जबकि खपत 30 लाख टन है. रांची, पूर्वी सिंहभूम व हजारीबाग प्रमुख आलू उत्पादक जिले हैं. मिहिजाम में आलू की इस समय 32 से 35 रुपये किलो बिक रहा है. स्थानीय आलू विक्रेताओं का कहना है कि बंगाल से आलू के निर्यात पर रोक से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा. उत्तर प्रदेश व पंजाब से आलू की खेप झारखंड में प्रवेश करेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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