सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन विरोध में बनाया आदिवासी मूलवासी एकता मंच
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :16 Jan 2017 5:24 AM (IST)
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एसपीटी व सीएनटी एक्ट में संशोधन बरदाश्त नहीं : डॉ वरुण जामताड़ा : एसपीटी एवं सीएनटी एक्ट में संशोधन बरदाश्त नहीं होगा. इसे सरकार जल्द वापस लें. नहीं तो आदिवासी समाज में भूचाल आ जायेगा. यह बातें पबिया पंचायत के पूर्व मुखिया सह डॉ वरुण कुमार बेसरा ने कही. उन्होंने कहा कि एसपीटी एक्ट के […]
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एसपीटी व सीएनटी एक्ट में संशोधन बरदाश्त नहीं : डॉ वरुण
जामताड़ा : एसपीटी एवं सीएनटी एक्ट में संशोधन बरदाश्त नहीं होगा. इसे सरकार जल्द वापस लें. नहीं तो आदिवासी समाज में भूचाल आ जायेगा. यह बातें पबिया पंचायत के पूर्व मुखिया सह डॉ वरुण कुमार बेसरा ने कही. उन्होंने कहा कि एसपीटी एक्ट के अपने कुछ नियम हैं जो आदिवासियों के हित को ध्यान में रखकर बनाया गया था. एसपीटी एक्ट हर राज्य में है.
बंगाल में भी मां माटी मानुष, महाराष्ट्र में भी तथा कश्मीर में भी अपना एसपीटी एक्ट है. कहा कि राज्य में रघुवर दास बाहरी मुख्यमंत्री हैं, जिन्हें राज्य की जनता के सुख-दु:ख से कोई मतलब नहीं है. स्थानीय नीति भी बाहरी लोगों की मदद के लिए बनाया गया है. स्थानीय नीति भी 1932 के खतियान के आधार पर ही बनें. श्री बेसरा ने कहा कि सरकार इन दोनों एक्ट में संशोधन को वापस लें नहीं तो आदिवासी समाज इसे कभी बरदाश्त नहीं करेगा.
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