राष्ट्रपति को स्मार पत्र भेजने का निर्णय

Published at :24 Oct 2016 2:41 AM (IST)
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राष्ट्रपति को स्मार पत्र भेजने का निर्णय

जनसूचना कार्यकर्ता संघ ने आरटीआइ नियमों की अनदेखी का लगाया आरोप समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराने का लगाया आरोप झूठे केस में फंसाने की देते हैं धमकी जामताड़ा : जन-सूचना कार्यकर्ता संघ की प्रमंडलीय बैठक रविवार को मध्य विद्यालय श्रीरामपुर परिसर में आयोजित की गयी. इसकी अध्यक्षता संघ के कार्यकर्ता चिंतामणी मंडल ने की. […]

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जनसूचना कार्यकर्ता संघ ने आरटीआइ नियमों की अनदेखी का लगाया आरोप

समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराने का लगाया आरोप
झूठे केस में फंसाने की देते हैं धमकी
जामताड़ा : जन-सूचना कार्यकर्ता संघ की प्रमंडलीय बैठक रविवार को मध्य विद्यालय श्रीरामपुर परिसर में आयोजित की गयी. इसकी अध्यक्षता संघ के कार्यकर्ता चिंतामणी मंडल ने की. इसमें जामताड़ा, दुमका व देवघर जिला के कार्यकर्ता शामिल हुए. चिंतामनी मंडल ने कहा कि देश में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 को लागू किया गया. सूचना का अधिकार अधिनियम जनता का एक बहुत बड़ा हथियार है. सारी चीजों की जानकारी इसके तहत मिल सकती है.
लेकिन वर्तमान अर्थव्यवस्था एवं नौकरशाही प्रशासन ने इस अधिनियम की खुलकर धज्जियां उड़ायी है. सूचना कार्यकर्ता को सूचना उपलब्ध नहीं कराते हैं. उल्टे झूठा केस में फंसाने की धमकी भी देते हैं. श्री मंडल ने कहा कि केंद्रीय लोक जन-सूचना पदाधिकारी एवं राज्य जन-सूचना पदाधिकारी आरटीआई कार्यकर्ता को समय पर सूचना नहीं देते हैं.
अपील को न्यायालय में लाया नहीं जाता है. वर्षों से सुनवाई लंबित हैं. उन्होंने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि राज्य जन-सूचना आयोग रांची एवं सीआइसी नयी दिल्ली में कई सीपीआइओ तथा पीआइओ को आर्थिक दंड, क्षतिपूर्ति तथा मुआवजा का आदेश आरअीआइ एक्ट 2005 के कंडिका 20 के 1-11 में पारित किया है, जो शुभ संकेत है. कहा कि भ्रष्ट प्रशसान पर यह आदेश एक चोट है. इस दौरान सर्व सम्मति से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल तथा मुखमंत्री के नाम स्मार-पत्र भेजने का निर्णय लिया गया. साथ ही 31 जनवरी 2017 तक प्रखंड कमेटी का गठन करने, मार्च 2017 तक संघ का सम्मेलन जामताड़ा में करने का निर्णय लिया.
राष्ट्रपति को भेजे जाने वाले स्मार पत्र के प्रस्ताव
सीपीआइओ, पीआइओ द्वारा समय पर सूचना नहीं देना, अपीलीय न्यायालय में उपस्थित नहीं होना, आवेदक से गलत पैसे की मांग करना, ज्यादा रकम लेकर आवेदक को वापस नहीं करना, आवेदक को गलत केस में फंसाने की धमकी देना, मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक रूप से परेशान करना आदि प्रस्ताव है. इस अवसर पर दिलीप भैया, नरसिंह पंडित, दुलार मंडल, नमिता रानी गोरायं, बासुदेब मंडल, मंत्रीराम मंडल, मोतीलाल पंडित, नदिया मंडल, आलोक कुमार सर्खेल आदि मौजूद थे.
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