पीड़ित छात्र की शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 Jun 2016 4:23 AM (IST)
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वाहन चेकिंग के नाम पर रोका था छात्र को साइबर क्राइम में फंसाने का दिया धौंस तीन एटीएम छात्र से छीना तीनों एटीएम से हजारों रुपये निकलवाये छात्र ने की थाने में शिकायत जांच में दोषी पाया गया सिपाही मंजूर अन्य कई मामलों में संदिग्ध है मंजूर की भूमिका अन्य कई मामलाें में भी मंजूर […]
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वाहन चेकिंग के नाम पर रोका था छात्र को
साइबर क्राइम में फंसाने का दिया धौंस
तीन एटीएम छात्र से छीना
तीनों एटीएम से हजारों रुपये निकलवाये
छात्र ने की थाने में शिकायत
जांच में दोषी पाया गया सिपाही मंजूर
अन्य कई मामलों में संदिग्ध है मंजूर की भूमिका
अन्य कई मामलाें में भी मंजूर आलम की भूमिका संदिग्ध रही है. पुलिस के मुताबिक वह पिछले कई माह से ड्यूटी से गायब है विभाग ने उसका वेतन बंद कर रखा है. उसने अन्य थाने में भी ड्यूटी के दौरान कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था.
वह मूलत: दुमका जिले के जामा थाना क्षेत्र का निवासी है. 2011 में वह पुलिस की सेवा में बहाल हुआ था. पुलिस की वर्दी का धौंस दिखलाकर वह कई वारदातों को अंजाम दे चुका है. पूर्व में वह नाला थाना में पोस्टेड था. वहां भी वह ऐसी कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था. लेकिन पुलिस कर्मी होने का लाभ उठाते हुए वह कार्रवाई से बच निकलता था.
लक्ष्य 25,000, लाभ मिला 428 कृषकों को
सरकार की महती योजना जिले में दम तोड़ती नजर आ रही है. विभाग को 25 हजार किसानों को फसल बीमा दिलाने के लक्ष्य दिया गया था. अधिकतर किसानों को फसल बीमा के बारे में जानते भी नहीं हैं.
जामताड़ा : प्रचार-प्रसार के अभाव में जामताड़ा जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है. जिले में 25 हजार किसानों को 31 जुलाई तक फसल बीमा का लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. लेकिन जून का महीना शुरू हो गया है. अब तक 428 किसानों को इसका लाभ मिल पाया है. प्रधानमंत्री फसल बीमा की धीमी गति पर जिला सहकारिता विभाग भी सोच में पड़ गयी है. जिला सहकारिता पदाधिकारी रामनाथ साह का कहना है सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को युद्धस्तर पर बीमा का प्रचार-प्रसार करने तथा बीमा के लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश दिया है.
31 जुलाई तक लक्ष्य साधने का टारगेट
होगी कार्यशाला
लक्ष्य पूरा करने में जब दो महीने से कम समय बचा है तब विभाग हरकत में आयी है. अब सहकारिता विभाग फसल बीमा योजना के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए कार्यशाला एवं प्रचार-प्रसार करेगी. छह जून को रेडक्रॉस में कार्यशाला लगायेगी.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को जिस तरह से जिले में गति मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पायी है. इसका बड़ा कारण किसानों में जागरूकता का अभाव है. जबकि यह योजना किसानों के लिए बहुत ही फायदेमंद है. किसानों को जागरूक करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किया जा रहा है. कार्यशाला व प्रचार-प्रसार किये जायेंगे.
प्रधानमंत्री फसल बीमा के फायदे
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रति हेक्टेयर कृषि भूमि पर 988 रुपये 42 पैसे किसानों को फसल बीमा के तहत बीमा कंपनियों को भुगतान करना है. बीमा योजना में धान का बिचड़ा डालने के 15 दिन के अंदर यदि प्राकृतिक आपदा से नष्ट हो जाता है तो किसानों को कृषि बीमा कंपनी से 25 प्रतिशत का भुगतान तुरंत मिलेगा. अगर फसल काटने के 14 दिन के अंदर यदि प्राकृतिक आपदा से फसल नष्ट हो जाता है तो बीमा कंपनी तुरंत 25 प्रतिशत का भुगतान करेगी.
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