फर्जी तरीके से दो सरकारी लाभ ले रहे थे शराफत

Published at :28 Mar 2016 5:10 AM (IST)
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फर्जी तरीके से दो सरकारी लाभ ले रहे थे शराफत

जन संवाद में शिकायत के बाद हुआ मामले का खुलासा पेंशन व शिक्षक के लिए दिये गये आवेदन में शराफत ने दर्शाया है अलग-अलग पता प्रखंड प्रशासन की गलती बनी जिला प्रशासन की मुसीबत जामताड़ा : पारा शिक्षक मो शराफत अंसारी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मामला आज शिक्षा विभाग के लिए गले […]

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जन संवाद में शिकायत के बाद हुआ मामले का खुलासा

पेंशन व शिक्षक के लिए दिये गये आवेदन में शराफत ने दर्शाया है अलग-अलग पता
प्रखंड प्रशासन की गलती बनी जिला प्रशासन की मुसीबत
जामताड़ा : पारा शिक्षक मो शराफत अंसारी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मामला आज शिक्षा विभाग के लिए गले की हड्डी बन गया है या कहें एक प्रकार से आफत. वहीं उस पर कार्रवाई करना भी विभाग के लिए परेशानी बना हुई है. इसका महज एक कारण प्रखंड प्रशासन की गलती कहे या अनदेखी. बता दें कि करमाटांड़ प्रखंड के कुरवा निवासी शराफत अंसारी का नाम साल 2002 में नि:शक्त पेंशन के लिए अनुमोदन किया गया.
इसके बाद उसे साल 2016 तक यह लाभ दिया गया. इसी बीच साल 2007 में ग्राम शिक्षा समिति ने उसे उर्दू मध्य विद्यालय में पारा शिक्षक के पद पर चयन कर लिया गया. इसके बाद उसने स्कूल में सेवा देते हुए पारा शिक्षक का मानदेय भी उठाया और पेंशन का भी लाभ साथ में लेते रहा. नि:शक्तता पेंशन व पारा शिक्षक के लिए दिये गये आवेदन में उसका पता अलग-अलग था. वह विभाग को गुमराह कर दोनों ही लाभ लेते रहा.
नि:शक्तता पेंशन व पारा शिक्षक के मानदेय का एक साथ ले रहे थे लाभ
जन संवाद से मामला आया सामने
पारा शिक्षक मो शराफत अंसारी के खिलाफ पांच मार्च को जनसंवाद में शिकायत की गयी. इसके बाद जिला से लेकर प्रखंड प्रशासन हरकत में आया और मामले के तह तक गया. जन संवाद में बताया कि शराफत अंसारी के एसबीआइ कुरवा के बैंक खाता संख्या 11867943415 दोनों सरकारी लाभ का राशि हस्तांतरण किया गया. इसमें बताया कि एक व्यक्ति द्वारा दो लाभ लेना सरकारी नियम का विरुद्ध है. मामले की जांच कर कार्रवाई की जाये.
15 दिन बाद भी पेंशन राशि की रिपोर्ट नहीं
जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय से 14 मार्च को करमाटांड़ बीडीओ को शराफत को दी जाने वाली नि:शक्ता पेंशन की राशि की गणना कर रिपोर्ट बीआसी को देने को कहा गया. 15 दिन बीत जाने के बाद भी आज तक यह रिपोर्ट बीआरसी को नहीं दी गयी है. साथ ही शिक्षा विभाग को इस बारे में कोई सूचना भी नहीं दी.
तीन जनवरी को दिया शिक्षक पद से इस्तीफा
दुमका जिले में शिक्षक नियुक्ति में कक्षा एक से पांच तक में उसका चयन साल 2015 में हो गया. 31 दिसंबर को उसने नियुक्ति पत्र भी ले लिया. इसके बाद तीन जनवरी 2016 को उर्दू मध्य विद्यालय के सचिव को पद से इस्तीफा दे दिया.
शिक्षा विभाग ने डीसी को कार्रवाई के लिए लिखा पत्र
दो लाभ लेने के मामले में पारा शिक्षक मो शराफत अंसारी पर कार्रवाई करने के लिए शिक्षा विभाग ने डीसी को पत्र लिखा है. जिसमें विभाग ने पत्र में उल्लेख किया है कि शराफत ने गुमरह कर दो तरह का सरकारी लाभ लिया है. साथ ही फर्जी पता भी दिया है. मामले पर शराफत अंसारी पर कार्रवाई की जाय.
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