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Jamshedpur news. कुपोषण, खून की कमी, मानसिक-शारीरिक विकास में बाधा, शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है कृमि संक्रमण : उपायुक्त

Updated at : 16 Sep 2025 6:43 PM (IST)
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Jamshedpur news. कुपोषण, खून की कमी, मानसिक-शारीरिक विकास में बाधा, शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है कृमि संक्रमण : उपायुक्त

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर छात्रों को दवा खिलाकर किया अभियान का शुभारंभ, 19 को मॉप-अप राउंड चलाने का फैसला

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Jamshedpur news.

पूर्वी सिंहभूम जिला में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी द्वारा मंगलवार को साकची हाई स्कूल जमशेदपुर में छात्रों को कृमि मुक्ति की दवा खिलाकर किया. इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल, डीआरसीएचओ डॉ रंजीत पांडा एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे. विद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश प्रसारित किया गया. पूर्वी सिंहभूम जिला में मंगलवार को सभी शिक्षण संस्थानों में दवा खिलाई गयी. 19 सितंबर को ””मॉप-अप राउंड”” चलाया जायेगा, ताकि कोई भी छात्र छूट नहीं जाये. राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का उद्देश्य 1 से 19 वर्ष तक की आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोरों को कृमि संक्रमण से मुक्त कराना है. कृमि संक्रमण बच्चों में कुपोषण, खून की कमी, मानसिक एवं शारीरिक विकास में बाधा और शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है. उपायुक्त द्वारा प्रत्येक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और समुदायों में प्रत्येक योग्य बच्चों एवं किशोरों को दवा खिलाने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग की टीम को दिया. उन्होंने कहा कि एएनएम, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका एवं आशा कार्यकर्ता इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, अभिभावकों को जागरूक करें कि वर्ष में दो बार नियमित रूप से कृमिनाशक दवा दिलवाएं. इस अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि प्रत्येक बच्चा दवा ले, ताकि कृमि संक्रमण को जड़ से समाप्त किया जा सके.

उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों को कृमि नाशक दवा खिलाएं, शिक्षा और पोषण तभी सार्थक होंगे, जब बच्चे शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे. राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के माध्यम से हम अपने आने वाले भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक कदम उठा रहे हैं. हमारा लक्ष्य है कि जिले का कोई भी बच्चा कृमि संक्रमण से पीड़ित न रहे. सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल ने कहा कि कृमिनाशक दवा सुरक्षित है और हर बच्चे को साल में दो बार यह दवा लेनी चाहिए. स्वास्थ्य विभाग ने जिले के प्रत्येक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र तक दवा उपलब्ध कराई है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PRADIP CHANDRA KESHAV

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