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World Water Day: जमशेदपुर में गहरा सकता है पानी का संकट, हर व्यक्ति 70 लीटर रोजाना बर्बाद करता है पानी

Updated at : 21 Mar 2024 11:39 PM (IST)
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World Water Day: जमशेदपुर में गहरा सकता है पानी का संकट, हर व्यक्ति 70 लीटर रोजाना बर्बाद करता है पानी

World Water Day

World Water Day: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर में पानी का संकट गहरा सकता है. यहां हर व्यक्ति 70 लीटर रोजाना पानी बर्बाद करता है. शहर में करीब 6 फीसदी वाटर लॉस होता है.

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World Water Day 2024: जमशेदपुर, ब्रजेश सिंह: पानी को लेकर जहां यह कयास लगाये जा रहे है कि आने वाले समय में युद्ध पानी को लेकर ही होगा. वहीं, जमशेदपुर अब तक इसे लेकर काफी बेफिक्र है. इसकी बड़ी वजह पानी की उपलब्धता है. टाटा कमांड एरिया और गैर टाटा कमांड एरिया में हालात जुदा सा तो है, लेकिन एक अध्ययन के मुताबिक, देश के प्रति व्यक्ति पानी की खपत से अधिक उपयोग जमशेदपुर के लोग करते हैं. विश्व जल दिवस पर पढ़िए ये रिपोर्ट.

रोजाना 200 लीटर प्रति व्यक्ति पानी की खपत
एसी निलसन सर्वे के अनुसार देश में प्रति व्यक्ति पानी की खपत प्रति दिन 130 लीटर होनी चाहिए, लेकिन जमशेदपुर में करीब 200 लीटर प्रति व्यक्ति पानी की खपत करते हैं. वैसे इसमें कुछ सुधार भी हुई है. करीब सात साल पहले पानी की खपत 232 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी की खपत थी. लेकिन यह भी काफी ज्यादा है. जमशेदपुर में पानी का स्रोत सुवर्णरेखा और खरकई नदी है, जबकि भूजल का दोहन भी काफी अधिक है. इसके अलावा टाटा कमांड एरिया में पानी की आपूर्ति डिमना डैम से भी होता है, जिसे टाटा स्टील ने स्थापित किया है.

शहर में करीब 6 फीसदी वाटर लॉस होता है
चांडिल डैम और सीतारामपुर डैम के माध्यम से आदित्यपुर, मानगो समेत आसपास के कई इलाके में पानी की आपूर्ति की जाती है. शहर में करीब 6 फीसदी वाटर लॉस होता है. ताजा आंकड़े के मुताबिक, आवासीय क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत के मुकाबले करीब 50 फीसदी पानी क बर्बाद किया जाता है. जमशेदपुर के टाटा लीज एरिया में पानी की आपूर्ति काफी बेहतर है. इसके तहत टाटा स्टील के क्वार्टरों में 18079 पानी का कनेक्शन पाइप के जरिये है जबकि सबलीज एरिया में कुल 13705 कनेक्शन है जबकि बगान एरिया में 19067 पानी के कनेक्शन है. बिरसानगर के मोहरदा में 11300 कनेक्शन है. इसके अलावा मानगो में करीब 25 हजार से अधिक कनेक्शन है जबकि जुगसलाई में भी करीब 120 लोगों के पास पानी के कनेक्शन है. टाटा स्टील यूआइएसएल टाटा स्टील के लिए जमशेदपुर में पानी की आपूर्ति करती है, जहां लोगों को ऑन डिमांड पानी की सप्लाइ होती है जबकि टाटा लीज से बाहर के एरिया में एक टाइम पानी की सप्लाइ हो सकती है. टाटा स्टील यूआइएसएल की ओर से 64 वर्ग किलोमीटर एरिया में पानी की सप्लाइ की जाती है, जिसमें 90 फीसदी हिस्सा में पानी का कनेक्शन है. 730 किलोमीटर से अधिक का पानी का कनेक्शन दिया गया है. 213 एमएलडी पानी की सप्लाइ ट्रीटमेंट के बाद की जाती है.

जमशेदपुर में नाले का पानी का ट्रीटमेंट होता है
जमशेदपुर इकलौता शहर है, जहां नाले का पानी का ट्रीटमेंट होता है. इसके तहत शहर के नाले से बहने वाले वेस्ट वाटर का ट्रीटमेंट कर इसका रिसाइकिल किया जाता है. रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए भी यह टाटा लीज कमांड एरिया रोल मॉडल है. सीवेज रिसाइक्लिंग 34 मिलियन लीटर रोजाना होता है. यहां के सारे नाले को रिसाइकिल करने की योजना पर काम चल रहा है.

भूगर्भ जल का सबसे निचले स्तर पर जा रहा
एक आकलन के मुताबिक, जमशेदपुर में लगातार भूगर्भ जल नीचे जा रहा है. शहर के गैर टाटा लीज एरिया में लगातार पानी निचले स्तर पर चला गया है. बागबेड़ा, कीताडीह, घाघीडीह समेत आसपास के कई इलाको में 500 फीट नीचे चला गया है. वहीं, मानगो में भी 200 फीट के नीचे भूमि का जलस्तर चला गया है. आदित्यपुर समेत आसपास के इलाके में भी पानी का स्तर नीचे गया है, जो चिंता का विषय है.
सुवर्णरेखा और खरकई नदी भी तेजी से सिकुड़ रहा है
स्वर्णरेखा नदी और खरकई नदी भी तेजी से सिकुड़ रहा है. इसका जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है. पांच साल में सबसे निचले स्तर पर नदी का जलस्तर पहुंच चुका है.

घर के अंदर इन तरीकों से बचाएं पानी

  1. ब्रश करते समय, शेविंग, फेस वॉश के दौरान, सिंक में बर्तन धोते वक्त कई बार हम नल खुला रखते हैं, जिससे काफी पानी बर्बाद होता है, तो जब जरूरत हो तभी नल खोलें.
  2. नहाते के लिए शॉवर की जगह बाल्टी और मग का इस्तेमाल करें. इससे पानी की काफी बचत होगी.
  3. हर बार टॉयलेट इस्तेमाल के बाद फ्लश टैंक यूज करने की जगह बॉल्टी से पानी डालना ज्यादा अच्छा ऑप्शन है.
  4. घर में कहीं पाइप लीक है, तो उसे तुरंत ठीक कराएं. इससे भी थोड़ा-थोड़ा करके काफी पानी बर्बाद होता है.
  5. गाड़ी धोते के लिए पाइप की जगह बाल्टी व मग का यूज करें.
  6. वाशिंग मशीन में रोजाना थोड़े-थोड़े कपड़े धोने की जगह एक ही साथ धोना पानी की काफी बचत करता है.
  7. सिर्फ घरों के ही नहीं बल्कि पब्लिक पार्क, गली, मोहल्ले, अस्पतालों, स्कूल और भी ऐसी किसी जगह में नल की टोंटियां खराब हों या पाइप लीक हो रहा हो, तो उसके बारे में संबंधित ऑफिस में सूचना दें. इससे हजारों लीटर पानी की बर्बादी को रोका जा सकता है.
  8. बाग बगीचों एवं घर के आस पास पौधों में पाइप से पानी देने के बजाय वाटर कैन द्वारा पानी देने से काफी पानी की बचत हो सकती है.
  9. गार्डन में दिन के बजाय रात में पानी देना सही होता है. इससे पानी का वाष्पीकरण नहीं हो पाता. कम पानी से ही सिंचाई हो जाती है और पेड़-पौधे सूखते भी नहीं.
  10. खेतों में सिंचाई के लिए कम लागत वाली मॉर्डन तकनीकों का इस्तेमाल करने से भी काफी मात्रा में पानी को बचाया जा सकता है.

पानी बचाना सबकी जिम्मेदारी, सभी को मेहनत करना होगा : चाणक्य चौधरी
टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कारपोरेट सर्विसेज चाणक्य चौधरी ने कहा है कि पानी को बचाना सबकी जिम्मेदारी है. इसके लिए सबको मेहनत करना होगा. अगर ऐसा नहीं किया गया तो आनेवालों दिनों में काफी मुश्किल हालात हो सकते हैं.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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