Jamshedpur News : सर्जरी व ऑर्थो में भर्ती बंद होने से मरीजों की बढ़ी परेशानी, किया जा रहा रेफर

Updated at : 04 Jun 2025 1:07 AM (IST)
विज्ञापन
Jamshedpur News : सर्जरी व ऑर्थो में भर्ती बंद होने से मरीजों की बढ़ी परेशानी, किया जा रहा रेफर

Jamshedpur News : साकची स्थित एमजीएम अस्पताल को डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में नवनिर्मित अस्पताल परिसर में स्थानांतरित किये जाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है.

विज्ञापन

Jamshedpur News :

साकची स्थित एमजीएम अस्पताल को डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में नवनिर्मित अस्पताल परिसर में स्थानांतरित किये जाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. जिसके कारण एमजीएम के पुराने अस्पताल में कई विभाग को बंद कर मरीजों की भर्ती बंद कर दी गयी है. यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को रेफर कर दिया जा रहा है. इस अस्पताल में आर्थिक रूप से कमजोर मरीज अधिक संख्या में आते हैं. ऐसे दूसरे अस्पताल में रेफर करने इन मरीजों को परेशानी बढ़ जा रही है. एमजीएम अस्पताल में ऑर्थो और सर्जरी के मरीजों को खासमहल स्थित सदर अस्पताल या रांची रिम्स में रेफर किया जा रहा है. अस्पताल में इमरजेंसी से प्रतिदिन तीन से चार मरीजों को दूसरे अस्पताल में रेफर किया जा रहा है. कभी इनकी संख्या बढ़ भी जाती है. अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार अभी तक 150 से ज्यादा मरीजों को दूसरे अस्पताल रेफर किया जा चुका है.

एमजीएम में अधिकतर मरीज गरीब या गांव से आते हैं, उन्हें कैसे भटकना पड़ रहा है

एमजीएम अस्पताल की शिफ्टिंग की जानकारी अभी भी अधिकतर लोगों को नहीं है, जिसके कारण वे लोग इलाज कराने के लिए एमजीएम के पुराने अस्पताल पहुंच जा रहे हैं. यहां आने पर पता चलता है कि यह विभाग यहां बंद कर दिया गया है. नये अस्पताल में इलाज कराने के लिए जाना होगा. एमजीएम अस्पताल में गांव से गरीब तबके के लोग अधिक संख्या में इलाज कराने के लिए आते हैं. उन लोगों के पास इतना पैसा नहीं होता है कि वे लोग प्राइवेट अस्पताल में अपना इलाज करा सकें. एमजीएम से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को नये व पुराने अस्पताल में मिलाकर कुल 1092 मरीज इलाज कराने के लिए आये थे, जिसमें लगभग 600 मरीज ग्रामीण क्षेत्र के थे.

अल्सर पीड़ित को रिम्स किया गया रेफर

एमजीएम अस्पताल से ऑर्थो व सर्जरी के अधिकतर मरीजों को रेफर कर दिया जा रहा है. वहीं गायनिक व बच्चा वार्ड में भी अगर कोई गंभीर मरीज आता है, तो उसे भी रेफर किया जा रहा है. मंगलवार को एमजीएम के इमरजेंसी से सिर्फ एक मरीज को रेफर किया गया. उसको सर्जरी की जरूरत थी. उसे रांची रिम्स भेज दिया गया. पटमदा निवासी नामसी कुई के पेट में अल्सर था, जिसका ऑपरेशन होना है. यहां सर्जरी ओटी बंद होने के कारण उसे रांची रिम्स भेज दिया गया. नामसी ने बताया कि पेट में दर्द होने के कारण सोमवार को वह एमजीएम के इमरजेंसी में भर्ती हुई थी. डॉक्टरों ने जांच के बाद रांची रिम्स रेफर कर दिया है. हमारी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वहां रहकर अपना इलाज करा सकूं. हालांकि उसे अस्पताल से 108 एंबुलेंस से रांची रिम्स भेजा गया है.

बेड की कमी के कारण स्ट्रेचर पर हो रहा इलाज

पुराने एमजीएम अस्पताल में ऑर्थो व सर्जरी विभाग के ओपीडी व वार्ड को बंद कर दिया गया है. इससे संबंधित ओपीडी नये अस्पताल में चलाया जा रहा है. वहीं पुराने अस्पताल में इमरजेंसी चलाया जा रहा है. जिसके कारण सभी विभाग के इमरजेंसी मरीज यहीं आ रहे हैं. इमरजेंसी में कुल 50 बेड है. लेकिन मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण स्ट्रेचर पर इलाज किया जा रहा है. बेड नहीं मिलने के कारण मरीजों व उनके परिजनों को काफी परेशानी हो रही है.

एमजीएम के ऑर्थो व सर्जरी ओपीडी में प्रतिदिन इलाज कराने आने वाले मरीजों की संख्या

दिनांक ऑर्थो सर्जरी27 मई – 93-5428 मई- 125-6429 मई- 94-5530 मई- 104-6631 मई- 110-4202 जून- 128- 8103 जून – 117-62

मरीजों के बोल…

मेरे पति की छाती में तेज दर्द हो रहा था. पेट भी फुल गया था, जिससे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. किसी तरह इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल लेकर आयी. यहां बेड नहीं मिला जिसके कारण स्ट्रेचर पर ही लिटा कर इलाज किया जा रहा है. इनको हार्ट के डॉक्टर से दिखाने को कहा जा रहा है. इसके लिए नये अस्पताल जाना होगा. इस स्थिति में कैसे लेकर जायें समझ में नहीं आ रहा है.

जोबा हेंब्रम, कांड्रामेरी पड़ोस में रहती है. आज अचानक बेहोश हो गयी. जिसको इलाज के लिए एमजीएम लेकर आया. यहां डॉक्टरों ने जांच कर बताया कि इसको लकवा मार दिया है. इसको लेकर रिम्स जाना होगा. रिम्स के लिए एंबुलेंस तो मिल जायेगा, लेकिन इसके बाद भी पैसे की जरूरत होती है, वह मेरे पास नहीं है. जिससे परेशानी हो रही है.

नर्सिंग टुडू, बावनगोड़ा

मेरी पत्नी को शुगर है, जिससे उसकी स्थिति खराब हो गयी है. उसको इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल लेकर आया हूं. यहां बेड नहीं मिलने के कारण स्ट्रेचर पर ही इलाज किया जा रहा है. कर्मचारियों के अनुसार अस्पताल को डिमना स्थित नये अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है. जिसके कारण बेड की कमी हो गयी है.

मो सरवर, मकदमपुर

मेरे भाई का पेट फुल गया है. जिससे उसके पेट में काफी दर्द हो रहा है. डॉक्टरों ने देखा तो बताया कि इसकी स्थिति काफी गंभीर है. इसको रांची रिम्स लेकर जाना होगा. बेड नहीं मिलने के कारण स्ट्रेचर पर लिटा कर इलाज किया जा रहा है.

हरीश, गुवा

शिफ्टिंग के चक्कर में हो रही परेशानी, जल्द होगा निदान

एमजीएम अस्पताल के इमरजेंसी में सभी प्रकार के मरीजों का इलाज किया जा रहा है. इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर जिनकी स्थिति ज्यादा गंभीर रहती है, उनको भर्ती लेकर इलाज किया जा रहा है. वहीं ऑर्थो व सर्जरी में जिनका ऑपरेशन होना है. उनको 108 एंबुलेंस से नि:शुल्क रांची रिम्स भेज दिया जा रहा है, ताकि उनका इलाज हो सकें. एक सप्ताह के अंदर नये अस्पताल में ऑर्थो व सर्जरी की ओटी शुरू हो जायेगी. उसके बाद मरीजों की भर्ती व ऑपरेशन नये अस्पताल में शुरू हो जायेगा.

डॉ नकुल चौधरी, उपाधीक्षक एमजीएम अस्पतालB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJESH SINGH

लेखक के बारे में

By RAJESH SINGH

RAJESH SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola