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jharkhand news : बिना हेलमेट पकड़ी गयीं परिवहन मंत्री की बेटी, धरने पर बैठीं, बिना जुर्माना छोड़ा गया

By Prabhat Khabar Print Desk
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परिवहन व आदिवासी कल्याण मंत्री चंपई सोरेन की बेटी दुखनी सोरेन बिना हेलमेट पकड़ी गयीं, जुर्माना की बात पर धरने पर बैठी
परिवहन व आदिवासी कल्याण मंत्री चंपई सोरेन की बेटी दुखनी सोरेन बिना हेलमेट पकड़ी गयीं, जुर्माना की बात पर धरने पर बैठी
champai soren file photo

जमशेदपुर : परिवहन व आदिवासी कल्याण मंत्री चंपई सोरेन की बेटी दुखनी सोरेन व उनके रिश्तेदार बुधवार सुबह जमशेपुर के साकची गोलचक्कर पर बिना हेलमेट के पकड़े गये. आरोप है कि जब पुलिस ने उनसे जुर्माना भरने को कहा, तो पुलिसकर्मी पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए वे धरने पर बैठ गयीं. जमशेदपुर में मंत्री चंपई सोरेन की बेटी दुखनी सोरेन बिना हेलमेट के पकड़े जाने से जुड़ी हर News in Hindi से अपडेट रहने के लिए बने रहें हमारे साथ.

करीब आधे घंटे तक चले हाइवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस ने बिना जुर्माना वसूले ही दुखनी सोरेन को जाने दिया. हालांकि, मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. दुखनी सोरेन ने पुलिसकर्मी के खिलाफ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए ट्वीट किया.

कोल्हान डीआइजी ने इस पर संज्ञान में लेते हुए एसएसपी को जांच करने के निर्देश दिये हैं. जानकारी के अनुसार, दुखनी सोरेन अपने रिश्तेदार के साथ बाइक से साकची गोलचक्कर से गुजर रही थीं. तभी ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें रोका और हेलमेट नहीं होने के कारण जुर्माना की मांग की.

दुखनी सोरेन ने कहा कि वह परिवहन मंत्री की बेटी हैं. इस पर साकची यातायात थाने में पदस्थापित दारोगा अनिल नायक ने कहा कि वह बिना वरीय पदाधिकारी के अनुमति के उन्हें नहीं छोड़ सकते हैं. यह सुन कर दुखनी सोरेन भड़क गयीं. उन्होंने अपने परिजन को फोन कर मामले की जानकारी दी और उसके बाद धरने पर बैठ गयी. करीब आधे घंटे तक हंगामा होता रहा, जिसे देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गयी. बाद में पुलिस ने दुखनी सोरेन और उनके रिश्तेदार को बिना जुर्माना वसूल ही छोड़ दिया.

जुर्माना देने को तैयार थी, पर दुर्व्यवहार हुआ : दुखनी

दुखनी सोरेन का कहना है कि जब ट्रैफिक पुलिस द्वारा रोके जाने पर वे लोग जुर्माना देने को तैयार थे. लेकिन, दारोगा अनिल नायक उनके साथ दुर्व्यवहार करने लगा. इसके कारण उन्हें धरने पर बैठना पड़ा. पुलिस अधिकारी जब एक महिला के साथ एेसा दुर्व्यवहार करेंगे, तो आमलोगों के साथ क्या करते होंगे. एैसे पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

दुर्व्यवहार नहीं किया

दारोगा अनिल नायक ने कहा कि वरीय अधिकारी के निर्देश पर साकची गोलचक्कर के पास हेलमेट और मास्क की जांच की जा रही थी. इस दौरान बिना हेलमेट के बाइक चलाने पर उन्हें रोका गया था और जुर्माना भरने को कहा गया था. इस पर महिला आक्रोशित हो गयी. यह आरोप निराधार है, मैंने दुर्व्यवहार नहीं किया.

ट्रैफिक पुलिस ने अपनी ड्यूटी की है. इस दौरान दुर्व्यवहार जैसी कोई बात नहीं है. यह रुटीन घटनाक्रम है. - चंपई सोरेन, परिवहन मंत्री

posted by : sameer oraon

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