jamshedpur news : शहर के 24 भवनों का ''''भाग्य'''' अब दिल्ली के हाथ, सुनवाई नौ मार्च को

Published by : AKHILESH KUMAR Updated At : 03 Feb 2026 11:53 PM

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जमशेदपुर (फाइल फोटो)

नक्शा विचलन मामले में तीन और भवन मालिकों को सुप्रीम कोर्ट से मिला स्टे

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नक्शा विचलन मामले में

तीन और भवन मालिकों को सुप्रीम कोर्ट से मिला स्टे

jamshedpur news :

शहर में नक्शा विचलन और अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन के बुलडोजर अभियान पर सुप्रीम ब्रेक लग गया है. मंगलवार को शीर्ष अदालत ने शहर के तीन और भवन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए ध्वस्तीकरण पर स्टे लगा दिया. अब शहरवासियों और भवन मालिकों की निगाहें नौ मार्च को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं. झारखंड हाइकोर्ट ने शहर के 24 भवनों के विचलित हिस्सों को तोड़ने का आदेश दिया था.

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने जिन भवनों की यथास्थिति को बहाल रखने का आदेश दिया है, उनमें बिष्टुपुर के टीके (इंडिया) रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड, सोनारी (कागल नगर) के एस कामेश्वर और साकची (न्यू बाराद्वारी) की पूर्वी बनर्जी का भवन शामिल है. नौ मार्च की सुनवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसी दिन तौसीफ अली, राजेश चौधरी और जवाहर विग की याचिकाओं पर भी सुनवाई होगी. एक दिन पहले इन्हें भी सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिला था.

अदालत ने मांगा चार सप्ताह में जवाब

शीर्ष अदालत ने विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी ) संख्या 4741/2026 पर सुनवाई करते हुए झारखंड सरकार, जिला प्रशासन और मूल शिकायतकर्ता राकेश झा को नोटिस जारी किया है. सभी प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया है.

वहीं, इस संबंध में जेएनएसी के उप-नगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने बताया कि स्टे ऑर्डर की कॉपी मिलने के बाद हम अपनी लीगल टीम से सलाह ले रहे हैं. न्यायालय का जो भी निर्देश होगा, उसके आधार पर शेष भवनों पर कार्रवाई की जायेगी.

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