jamshedpur news : स्वास्थ्य विभाग सख्त, बिना निबंधन चल रहे अस्पतालों पर गिरेगी गाज
Updated at : 19 Jan 2026 11:41 PM (IST)
विज्ञापन

जमशेदपुर (फाइल फोटो)
क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत 28 फरवरी तक निबंधन करना अनिवार्य
विज्ञापन
क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत 28 फरवरी तक निबंधन करना अनिवार्य
jamshedpur news :
पूर्वी सिंहभूम जिले में क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के पालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल ने सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर, पैथोलॉजी, आयुष क्लिनिक, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, इमेजिंग सेंटर, फिजियोथेरेपी संस्थान और नशा मुक्ति केंद्रों को पत्र जारी करते हुए 28 फरवरी 2026 तक निबंधन कराने का निर्देश दिया है. तय समय के बाद बिना निबंधन संचालित संस्थानों पर क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010 के तहत कार्रवाई की जायेगी. जानकारी के अनुसार, जिले में 800 से अधिक छोटे-बड़े निजी अस्पताल, क्लिनिक, नर्सिंग होम और जांच केंद्र इस अधिनियम के दायरे में आते हैं, लेकिन अब तक केवल 349 संस्थानों ने ही अपना निबंधन कराया है. स्वास्थ्य विभाग हर साल तीन से चार बैठकें कर अस्पताल संचालकों को नियमों का पालन करने का निर्देश देता है, इसके बावजूद अधिकांश संस्थान गंभीर नजर नहीं आते. सीएस डॉ साहिर पाल ने स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जायेगी और जांच के दौरान दोषी पाये जाने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.लाखों जुर्माना का है प्रावधान
अधिनियम के तहत पहली बार उल्लंघन पर 50 हजार रुपये और दूसरी बार में 2 लाख से 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है. नियमों के अनुसार, अस्पतालों में डॉक्टरों के नाम, योग्यता, पंजीकरण संख्या, शुल्क विवरण, मरीजों के अधिकार और आयुष्मान भारत से जुड़ी जानकारी हिंदी और अंग्रेजी में प्रदर्शित करना अनिवार्य है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




