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Jamshedpur news. अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभा की अनुमति के बिना संसाधनों का दोहन गैर कानूनी : बैद्यनाथ मांडी

Updated at : 10 Sep 2025 6:21 PM (IST)
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Jamshedpur news. अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभा की अनुमति के बिना संसाधनों का दोहन गैर कानूनी : बैद्यनाथ मांडी

अनुसूचित क्षेत्र में बालू घाट पर पहला अधिकार स्थानीय आदिवासियों एवं ग्राम सभा का है

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Jamshedpur news.

ट्राइबल इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा झारखंड हाई कोर्ट ने पेसा कानून लागू होने तक बालू एवं लघु खनिज खदान की नीलामी पर रोक लगाने का स्वागत किया है. टिक्की ने कहा कि इस तरह के फैसले से निश्चित ही आम जनता का न्यायपालिका के प्रति विश्वास बढ़ेगा. टिक्की के प्रदेश अध्यक्ष बैद्यनाथ मांडी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निकाले गये बालू घाटों का ग्रुप निविदा का हम पुरजोर विरोध करते हैं. अनुसूचित क्षेत्र में बालू घाट पर पहला अधिकार स्थानीय आदिवासियों एवं ग्राम सभा का है. जब पेसा अधिनियम धारा 4 (डी), समता जजमेंट सुप्रीम कोर्ट 1997, झारखंड हाई कोर्ट एवं वन अधिकार अधिनियम 2006, सभी ने माना कि अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभा की अनुमति के बिना संसाधनों का दोहन गैर कानूनी है. संसाधनों का नियंत्रण एवं प्रबंधन दोनों ग्राम सभा के द्वारा किया जायेगा. इसके बावजूद राज्य सरकार ने सभी नियम कानून को ताक में रखकर बाहरी ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए निविदा आमंत्रित किया था. सरकार ने आदिवासी राज्य में आदिवासियों के अधिकार को संरक्षित करने के बजाय उनके नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए उपेक्षा करने का काम किया है.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जानबूझकर निविदा में ऐसे शर्तें रखी, जिससे स्थानीय आदिवासियों को निविदा में भाग लेने का मौका ना मिल सके. राज्य सरकार ने ग्रुप निविदा आमंत्रित कर बाहरी ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का काम किया है. यह अनुसूचित क्षेत्र की आत्मा एवं कानून दोनों के खिलाफ है. बालू घाटों का नीलामी के लिए ग्रुप निविदा करने के बजाय अलग-अलग निविदा निकाली जाये, ताकि अनुसूचित क्षेत्र के स्थानीय आदिवासी युवाओं या उनके द्वारा संचालित को-ऑपरेटिव संस्थाओं को उनका अधिकार मिल सके. वहीं निविदा में न्यूनतम अग्रधन राशि से लेकर न्यूनतम बोली तक की प्रक्रिया न्यायपूर्ण एवं सरल होनी चाहिए. टिक्की ने सरकार से अनुरोध किया कि अनुसूचित क्षेत्र में बालू घाट एवं अन्य लघु खनिज संपदा के लिए निविदाओं में स्थानीय आदिवासी युवाओं एवं स्थानीय कोऑपरेटिव संस्थाओं के लिए पूर्णत: आरक्षित की जाये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PRADIP CHANDRA KESHAV

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