Jamshedpur news. बच्चेदानी में गांठ, कैंसर या सुजन होने से मासिक धर्म के दौरान होता है ज्यादा रक्त की हानि

Published by : PRADIP CHANDRA KESHAV Updated At : 06 Sep 2025 9:51 PM

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महिला स्वास्थ्य एवं एनीमिया पर सेमिनार का आयोजन

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Jamshedpur news.

किसी भी महिला के बच्चेदानी में गांठ, कैंसर या सुजन होने की स्थिति में असामान्य और असामान्य रूप से भारी रक्तस्राव हो सकता है, जो सामान्य मासिक धर्म से अलग होता है. यह सिर्फ अत्यधिक रक्तस्राव ही नहीं है, बल्कि मासिक धर्म के बीच में खून आना, पेट में दबाव या दर्द, बार-बार पेशाब आना या यौन संबंध के दौरान दर्द जैसे कई लक्षण हो सकते हैं. उक्त बातें बिष्टुपुर स्थित एक होटल में जमशेदपुर ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी की ओर से महिला स्वास्थ्य एवं एनीमिया पर आयोजित सेमिनार में उपस्थित सिलीगुड़ी से आये डॉ हाफिज रहमान ने कही. उन्होंने कहा कि किसी भी महिलाओं में इस तरह के लक्षण मिलते हैं, तो उन्होंने एक बार डॉक्टर से मिलकर जांच कराने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि मासिक धर्म के दौरान अधिकतर रक्त निकलना खतरे की घंटी हो सकती है. इतना ही नहीं अत्यधिक रक्तस्राव से शरीर में एनीमिया (खून की कमी) हो सकता है, जिससे कमजोरी महसूस होती है. इस दौरान डॉ एके देवदास, डॉ सेन, डॉ कविराज, डॉ मौसमी दास घोष, डॉ रंजना जोशी, डॉ अर्चना बारिक, डॉ वनिता सहाय, डॉ आशा गुप्ता, डॉ रघुमनी, डॉ पूनम मेहता, डॉ अर्चना, डॉ वीणा, डॉ सुनीता और डॉ एस गांधी सहित सेमिनार में 100 से अधिक स्नातकोत्तर और एमबीबीएस छात्रों व शहर की कई स्त्री रोग विशेषज्ञ मौजूद थीं.

महिलाओं में एनीमिया का करण उसमें आयरन की कमी

डॉ अनिशा चौधरी ने बताया कि न्यूट्रिशन (पोषण) संबंधी एनीमिया महिलाओं और बच्चों में हीमोग्लोबिन के निम्न स्तर को दर्शाता है, जो खराब आहार, विशेष रूप से आयरन, फोलेट या विटामिन बी-12 की कमी से होता है. यह कमजोरी, थकान, बच्चों में बिगड़े संज्ञानात्मक और शारीरिक विकास और गर्भवती महिलाओं में जटिलताओं का कारण बन सकता है. इसका समाधान पर्याप्त आयरन युक्त आहार, पूरक आहार और स्वच्छ वातावरण व नियमित डीवर्मिंग जैसे सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों से संभव है. मासिक धर्म के दौरान रक्त की हानि के कारण महिलाओं में सामान्य रूप से आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया का खतरा अधिक होता है.

गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन लगभग 27 से 30 मिलीग्राम आयरन की जरूरत

डॉ लीला शर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन लगभग 27-30 मिलीग्राम आयरन की आवश्यकता होती है, हालांकि यह मात्रा आयरन की कमी या अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के आधार पर 60 मिलीग्राम या उससे अधिक हो सकती है, इसलिए हमेशा डॉक्टर से परामर्श करके सही खुराक जाननी चाहिए. आयरन की गोली खाली पेट सुबह लेना सबसे अच्छा है, लेकिन डॉक्टर की सलाह पर दिन में कई बार भी ली जा सकती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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