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बागबेड़ा फायरिंग : कन्हैया और नीरज दूबे ने मिल कर कराई मोनू पर फायरिंग ,छह हथियार और 102 गोली बरामद

Updated at : 16 May 2024 12:25 PM (IST)
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बागबेड़ा फायरिंग : कन्हैया और नीरज दूबे ने मिल कर कराई मोनू पर फायरिंग ,छह हथियार और 102 गोली बरामद

फायरिंग के दौरान प्रयोग में लगाया गया जब्त हथियार , संवाददाता सम्मेलन में जानकारी देते पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी किशोर कौशल

Jamshedpur Crime News बागबेड़ा थानांतर्गत गणेश नगर में विजय सिंह उर्फ मोनू पर फायरिंग कर जख्मी करने के मामले में पुलिस ने छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार होने वालों में मो. चांद, नीरज दुबे , सिंटू सिंह, डेविड टोप्पो, सुनील रजक और ब्रजेश कुमार पांडेय शामिल है. गिरफ्तार अपराधियों के निशानदेही पर पुलिस […]

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Jamshedpur Crime News
बागबेड़ा थानांतर्गत गणेश नगर में विजय सिंह उर्फ मोनू पर फायरिंग कर जख्मी करने के मामले में पुलिस ने छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार होने वालों में मो. चांद, नीरज दुबे , सिंटू सिंह, डेविड टोप्पो, सुनील रजक और ब्रजेश कुमार पांडेय शामिल है. गिरफ्तार अपराधियों के निशानदेही पर पुलिस ने एक रिपीटर बंदूक, चार देसी पिस्टल एक देसी कट्टा,102 राउंड जिंदा गोली , चोरी की दो गाड़ी और मोबाइल बरामद किया है. पूछताछ करने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया. उक्त जानकारी एसएसपी किशोर कौशल ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान दी. बुधवार को अपने कार्यालय के सभागार में जानकारी देते हुए एसएसपी किशोर कौशल ने बताया कि घटना के बाद से सभी अपराधी फरार चल रहे थे. दस दौरान सीटी एसपी मुकेश कुमार लुणायत की देख रेख में डीएसपी हेडक्वार्टर वन भोला प्रसाद के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया. इस दौरान 11 मई को पुलिस को जानकारी मिली कि सभी अपराधकर्मी कोलकाता के बागयूटी थाना क्षेत्र के कोलूपूरक स्थित लोकनाथ अपार्टमेंट में छुपे हुए है. सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर गयी और मामले की छानबीन शुरू की.जहां पुलिस की टीम दल बल के साथ मौके पर पहुंची और छापेमारी कर अपार्टमेंट से पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया. उनके निशानदेही पर जमशेदपुर से सुनील रजक को जमशेदपुर से गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार सभी अपराधियों के निशानदेही पर मानगो और शहर के अलग अलग क्षेत्राें से पुलिस ने हथियार बरामद किया है.
पुलिस ने बताया कि हथियार इन लोगों ने पूर्व में ही बिहार से लेकर आये थे. बिहार के एक अपराधी गिरोह से भी नीरज दूबे और कन्हैया सिंह का लगातार बातचीत हो रहा है. वे लोग लगातार बिहार के अपराधी गिरोह से संपर्क में थे. इस कांड में दो अन्य अपराधकर्मी का नाम भी आया है. लेकिन वे लोग फिलहाल फरार है.

कन्हैया सिंह और नीरज दूबे ने मिल कर बनायी थी योजना :
पुलिस ने बताया कि बागबेड़ा में मोनू की सास की जमीन को लेकर कन्हैया सिंह का मोनू से विवाद हो गया था. इस मामले को लेकर पूर्व में भी गोली चली थी. इसी दौरान स्टेशन पार्किंग में नीरज दूबे पर भी गोली चली थी. जिसमें मोनू का नाम सामने आया था. उसके बाद से नीरज दूबे भी मोनू की हत्या करने के फिराक में था. इस दौरान कन्हैया सिंह और नीरज दूबे ने मीटिंग कर मोनू की हत्या की योजना बनायी और शूटर को तैयार किया. इस दौरान कन्हैया ने मो. चांद को शूटर के रूप में तैयार किया. योजना बनाने के बाद नीरज दूबे ने सभी के साथ मिल कर हत्या की प्लानिंग की. इस दौरान सात दिनों से आशीष तिवारी मोनू की रेकी करना शुरू कर दिया. सात दिन रेकी करने के बाद जब शूटर को इशारा किया गया तो मो. चांद और डेविड स्कूटी से मौके पर आये. और सुनील रजक बाइक से पहुंचे. जहां पहुंच कर मो. चांद ने मोनू पर फायरिंग किया गया. जिसमें मोनू और दो अन्य लोग जख्मी हो गया.
एसएसपी ने बताया कि गोली चलाने के दौरान स्कूटी और बाइक का प्रयोग किया गया था. बाइक और स्कूटी दोनों चोरी की है. बाइक पोटका के एक व्यक्ति की है. जो कि कुछ दिन पूर्व चोरी हो गयी थी. वहीं स्कूटी भी चोरी की है. स्कूटी पर कार का नंबर लगा कर घटना को अंजाम दिया गया है.

घटना के बाद सड़क मार्ग से भागे कोलकाता :
एसएसपी ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद सभी अलग अलग कोलकाता के लिए रवाना हुए. सभी अपराधकर्मी को कोलकाता में कहा रुकना है उसके बारे में पूर्व से जानकारी थी. कोई रूक रूक कर कोलकाता पहुंचा तो कोई सीधे सड़क मार्ग से कोलकाता गये. उसके बाद वहां नीरज दूबे के अपार्टमेंट स्थित सभी अपराधकर्मी रुके हुए थे.अपराधियों के हथियार को छुपाने और अपराधियों को रखने की व्यवस्था करने में ब्रजेश कुमार पांडेय ने सहयोग किया था. ब्रजेश ने ही उन लोगों का हथियार को छुपाया था. ब्रजेश को पुलिस ने अपराधियों को रहने की व्यवस्था करने और हथियार छुपाने के आरोप में गिरफ्तार किया है. ब्रजेश एक हत्या के मामले में सजायाप्ता है. लेकिन वर्तमान में वह अपील बेल पर जेल से बाहर है.

गुड्डू पांडेय पर फायरिंग में फरार था सिंटू, डेविड और सुनील
एसएसपी ने बताया कि चार अप्रैल को उलीडीह में गुड्डू पांडेय और सिंटू सिंह के बीच फायरिंग की हुई थी. इस मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया था. लेकिन इस मामले में सिंटू सिंह , सुनील रजक और डेविड टोप्पो भी शामिल थे. लेकिन वे लोग फरार चल रहे थे. सुनील रजक के पास से ही पुलिस ने रिपीटर बंदूक , पिस्तौल, देशी कट्टा और गोली बरामद किया है. एसएसपी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही एक साथ दो मामलों का उद्धभेदन पुलिस ने किया है. आगे सभी आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी.

सभी अपराधी का पूर्व से रह चुका है अपराधिक इतिहास :
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार सभी अपराधी हिस्ट्री शूटर है. पूर्व में सभी का अपराधिक इतिहास दर्ज है. कन्हैया सिंह पर 17,सिंटू सिंह पर 4,डेविड पर 3, मोच चांद पर दो, नीरज दूबे पर दो और ब्रजेश पांडेय और सुनील पर एक एक केस दर्ज है.


ये हुआ बरामद :
रिपीटर रेगुलर बंदूक – 1
देशी पिस्टल – 4
देसी  कट्टा – 1
रिपीटर रेगुलर बंदुक की गोली – 48
7.65 बोर की गाेली – 44
.315 बोर की गोली – 10
सात मोबाइल
स्कूटी और बाइक

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Nikhil Sinha

लेखक के बारे में

By Nikhil Sinha

Nikhil Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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