भारत को यदि सुरक्षित राष्ट्र बनाना है, तो मौजूदा कानून बदलना होगा

Edited by KUMAR ANAND
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जमशेदपुर (फाइल फोटो)

फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल सोसाइटी जमशेदपुर चैप्टर की वार्षिक बैठक में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सह पीआइएल मैन ऑफ इंडिया अश्विनी कुमार उपाध्याय शहर पहुंचे, कहा

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शहर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने कहा (फ्लैग)

फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल सोसाइटी जमशेदपुर चैप्टर की वार्षिक बैठक में शामिल हुए पीआइएल मैन ऑफ इंडिया

(फोटो बीके गोस्वामी की)

मुख्य संवाददाता, जमशेदपुर

भारत को यदि सुरक्षित राष्ट्र बनाना है, तो देश के मौजूदा कई कानूनों को बदलना पड़ेगा. यह बदलाव दो ही स्थानों से हो सकता है. पहला संसद से और दूसरा सुप्रीम कोर्ट से. उक्त बातें सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सह पीआइएल मैन ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर अश्विनी कुमार उपाध्याय ने कहीं. श्री उपाध्याय शनिवार को बिष्टुपुर स्थित एक होटल में आयोजित फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल सोसाइटी जमशेदपुर चैप्टर की वार्षिक बैठक को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते कर रहे थे. श्री उपाध्याय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में तो वे पहले से ही इस दिशा में पीआइएल दाखिल कर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब जरूरत है कि संसद में भी इसकी आवाज उठे. श्री उपाध्याय ने कहा कि भारत के अप्रासंगिक कानूनों को खत्म करना जरूरी है. उन्होंने ‘लव जिहाद, लैंड जिहाद, धर्मांतरण, नशा, घूस-भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से निपटने के लिए सख्त कानून बनाने की वकालत की. सिंगापुर और जापान जैसे देशों का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि इन देशों के सख्त कानून और नीतियों जैसा भारत में भी कानून बनाने की जरूरत है. इससे पूर्व एफटीएस जमशेदपुर चैप्टर के अध्यक्ष राजेश मित्तल ने अध्यक्षीय संबोधन दिया, जबकि सचिव अभिषेक गर्ग ने चैप्टर की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की. वहीं कोषाध्यक्ष संजय गोयल ने वर्ष का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया.

जनमुद्दों से पीछे हटने वाले जनप्रतिनिधि को पहचानें

श्री उपाध्याय ने कहा कि समाज का हर व्यक्ति केवल चुनाव में वोट डालकर अपने कार्य में व्यस्त न रहें, बल्कि चुनाव जीते सांसद, विधायक, मंत्री से बात करे. सिर्फ जनमुद्दों की बात ही बात न हो, बल्कि सभ्य समाज में चीजे कैसे व्यवस्थित होंगी. संसद, विधानसभा में बात को उठाये. जनमुद्दों पर पीछे हटने वाले जनप्रतिनिधि को आम जनता पहचाने.

शंखनाद फॉर सुरक्षित भारत का हुआ विशेष कार्यक्रम

सीनियर मेंबर महेश अग्रवाल द्वारा अंचल रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी, जिसके बाद ‘शंखनाद फॉर सुरक्षित भारत’ विषय पर एक विशेष प्रस्तुति हुई, जो जनजातीय क्षेत्रों में सुरक्षा और सशक्तीकरण को समर्पित थी. वहीं, युवा समिति के अध्यक्ष रश्मि गर्ग और सचिव पीयूष चौधरी ने समिति के कार्यों की जानकारी दी. जबकि कोमल मित्तल ने विगत वर्ष की गतिविधियों की जानकारी दी.

किरण देबुका को महिला समिति अध्यक्ष की नयी जिम्मेवारी मिली

कार्यक्रम के दौरान महिला समिति की अध्यक्ष नीलम केडिया ने अपना पदभार किरण देबुका को सौंपा, किरण देबुका अब 2025-26 के कार्यकाल के लिए नयी अध्यक्ष होंगी. महिला समिति की सचिव ममता बाकरेवाल ने समिति की वार्षिक गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की.

एकल आंदोलन के कार्यों व लक्ष्य की जानकारी दी

एफटीएस के बारे में सीनियर पदाधिकारी मनमोहन खंडेवाल और सुनील बागड़ोदिया ने एकल आंदोलन खासकर एफटीएस के मूल कार्य, इसमें दूरस्थ गांवों में एक शिक्षक स्कूल संचालित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों और किये जा रहे कार्यों की बिंदुवार आंकड़ों के साथ जानकारी दी.

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