Jamshedpur News : भालुबासा में शॉर्ट सर्किट से घर में लगी भीषण आग, जिंदा जली 85 वर्षीय वृद्धा

Published by : RAJESH SINGH Updated At : 30 Jan 2026 12:41 AM

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जमशेदपुर (फाइल फोटो)

सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भालुबासा जोबा मंदिर के पास बुधवार की देर रात एक रिहायशी मकान में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गयी. इस हृदयविदारक घटना में कमरे में सो रहीं 85 वर्षीय बुजुर्ग शोभा मुखर्जी की जिंदा जलकर मौत हो गयी.

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बेबस रही ममता : संकरी गली बनी काल, तड़प-तड़प कर वृद्धा शोभा मुखर्जी ने तोड़ा दम

छत पर पिंजरे में रखे तोते की भी झुलसकर मौत

Jamshedpur News :

सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भालुबासा जोबा मंदिर के पास बुधवार की देर रात एक रिहायशी मकान में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गयी. इस हृदयविदारक घटना में कमरे में सो रहीं 85 वर्षीय बुजुर्ग शोभा मुखर्जी की जिंदा जलकर मौत हो गयी. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि घर की छत पर पिंजरे में कैद तोता की भी झुलसने से मौत हो गयी. घटना देर रात करीब 2:00 से 3:30 बजे के बीच की है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है.

नींद में ही घेर लिया आग की लपटों ने

शोभा मुखर्जी की बेटी शोवना मुखर्जी ने बताया कि वह और उनका बेटा बगल के कमरे में सो रहे थे. मां शोभा मुखर्जी अपने कमरे में अकेली थीं. रात करीब 2 बजे मां के कमरे से कुछ जलने की गंध और चीखने की आवाज आयी. जब तक नींद खुली और बाहर निकलीं, मां का कमरा आग के गोले में तब्दील हो चुका था. अफरा-तफरी के बीच स्थानीय लोगों ने बाल्टी और पाइप से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि बुझ नहीं सकी.

संकरी गली ने छीना कीमती समय, 250 फीट दूर खड़ी रही दमकल

घटना की सूचना पर पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन बस्ती की संकरी गलियां राहत कार्य में सबसे बड़ी बाधा बनी. दमकल की गाड़ी घर तक नहीं पहुंच सकी और उसे करीब 250 फीट की दूरी पर खड़ा करना पड़ा. दमकलकर्मियों ने तीन बड़े पाइपों को आपस में जोड़कर पानी की बौछार शुरू की. करीब एक घंटे की देरी और मशक्कत के बाद सुबह 4 बजे आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक शोभा मुखर्जी की मौत हो चुकी थी और घर का सारा सामान खाक हो चुका था.

सब कुछ खत्म हो गया

रोते-बिलखते हुए बेटी शोवना ने बताया कि रास्ता संकरा होने के कारण दमकल देरी से पहुंची. पुलिस तो आ गयी थी, पर उनके पास आग बुझाने के संसाधन नहीं थे. आंखों के सामने मां और हमारा घर जलता रहा, हम कुछ नहीं कर सके.

नजारा देख सिहर उठे लोग

सुबह जब आग बुझी और घर के भीतर का मंजर दिखा, तो मोहल्ले के लोगों की आंखें नम हो गयीं. बिस्तर पर बुजुर्ग महिला का शव पड़ा था और छत पर उस बेजुबान तोते का पिंजरा, जो आग की तपिश नहीं झेल सका. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. शोभा मुखर्जी के पति एनएमएल के पूर्व कर्मचारी थे.

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