साइबर ठगी के आरोपियों को बनाया गवाह

Updated at : 22 Feb 2020 3:42 AM (IST)
विज्ञापन
साइबर ठगी के आरोपियों को बनाया गवाह

जमशेदपुर : साइबर थाना की पुलिस ने एक नया कारनामा किया है. पुलिस ने जिस साइबर अपराधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की, उसे गिरफ्तार करने के बजाय तीन दिनों बाद उसे ही स्वतंत्र गवाह बना दिया. जानकारों की मानें, तो प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी को तबतक गवाह नहीं बना सकती, जब तक […]

विज्ञापन

जमशेदपुर : साइबर थाना की पुलिस ने एक नया कारनामा किया है. पुलिस ने जिस साइबर अपराधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की, उसे गिरफ्तार करने के बजाय तीन दिनों बाद उसे ही स्वतंत्र गवाह बना दिया. जानकारों की मानें, तो प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी को तबतक गवाह नहीं बना सकती, जब तक कि वह दोष मुक्त न हो जाये. छह फरवरी को इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक ने साइबर ठगी करने के आरोप में सोनू महतो को पकड़ कर साइबर थाने को सौंपा था.

उलीडीह ब्राह्मण गली राजा मैदान के पास रहने वाले सोनू महतो ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसके साथ गिरोह में घाटशिला का प्रदीप मजूमदार, उलीडीह का सत्यम सांडिल और घाटशिला का विद्याधर सिंह शामिल हैं. पुलिस ने मामले में उसके सहयोगी प्रदीप मजूमदार को भी गिरफ्तार की और दोनों के निशानदेही पर 30 से अधिक बैंक खाते, 10 मोबाइल, सिम कार्ड, 36 आधार कार्ड, स्कैन मशीन, प्रिंटर समेत अन्य सामान जब्त किया. प्रदीप मजूमदार बर्खास्त रेल कर्मचारी है.
मामले में इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक संजय कुमार सिन्हा के बयान पर साइबर थाने में सोनू महतो, प्रदीप मजूमदार, सत्यम सांडिल और विद्याधर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया, लेकिन मामले के दो अन्य आरोपी सत्यम सांडिल और विद्याधर सिंह को गिरफ्तार नहीं किया. पुलिस नौ फरवरी को डिमना रोड में साइबर ठग रितेश कुमार को गिरफ्तार करने पहुंची. इस दौरान पुलिस ने सत्यम सांडिल और विद्याधर सिंह को गिरफ्तार रितेश कुमार के पास से बरामद सामान का स्वतंत्र गवाह बनाया है.
पुलिस ने रितेश कुमार के पास से 21 एटीएम कार्ड, 12 पासबुक, नौ चेकबुक, 12 फर्जी आधार कार्ड, आठ वोटर कार्ड, तीन पैन कार्ड, तीन सिम कार्ड और 140 लोगों का पासपोर्ट साइज फोटो जब्त किया है. गिरफ्तारी के बाद साइबर थाने के पुलिस निरीक्षक दीपक कुमार के बयान पर रितेश कुमार, कांता उर्फ गोपाल उर्फ राणा उर्फ मुन्ना, राहुल कुमार, नीतीश उर्फ नितेश, प्रदीप मजूमदार, अविनाश और कौशिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की.
पुलिस निरीक्षक दीपक कुमार ने दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि गिरफ्तारी के बाद स्वतंत्र गवाह विद्याधर सिंह और सत्यम सांडिल की उपस्थिति में रितेश कुमार की तलाशी ली गयी. इस क्रम में रितेश कुमार की जेब से 10 एटीएम कार्ड मिला, जिसमें इंडियन बैंक के एटीएम कार्ड पर रवि कुमार, पेटीएम के दो एटीएम पर क्रमश: रामकाज यादव, दिनेश मल्लिक, कोटक महिंद्रा बैंक के एटीएम पर धर्मेंद्र, आइसीआइसीआइ बैंक के एटीएम पर रितेश कुमार, बीओआइ बैंक के एटीएम पर अवधेश कुमार, बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम कार्ड पर प्रवीण कुमार अंकित है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola