ePaper

निचले तल्ले पर आरक्षण केंद्र लाने से अव्यवस्था का आलम, ऊपरी तल्ला खाली, एक दूसरे की पीठ पर फॉर्म रख भरते हैं यात्री

Updated at : 23 Oct 2018 6:20 AM (IST)
विज्ञापन
निचले तल्ले पर आरक्षण केंद्र लाने से अव्यवस्था का आलम, ऊपरी तल्ला खाली, एक दूसरे की पीठ पर फॉर्म रख भरते हैं यात्री

जमशेदपुर : रेल प्रशासन के फरमान से पर्व-त्योहार के मौके पर टाटानगर स्टेशन से सफर करने से पहले ही यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. दो-तीन माह पूर्व टाटानगर कंप्यूटराइज्ड आरक्षण केंद्र को यूटीएसी सेंटर में (निचले तल्ले) शिफ्ट कर दिया गया था. वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए कोई व्यवस्था निचले […]

विज्ञापन
जमशेदपुर : रेल प्रशासन के फरमान से पर्व-त्योहार के मौके पर टाटानगर स्टेशन से सफर करने से पहले ही यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. दो-तीन माह पूर्व टाटानगर कंप्यूटराइज्ड आरक्षण केंद्र को यूटीएसी सेंटर में (निचले तल्ले) शिफ्ट कर दिया गया था. वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए कोई व्यवस्था निचले तल्ले में नहीं की गयी.
आलम यह है कि यात्रियों को आरक्षण फार्म तक एक-दूसरे की पीठ पर रखकर भरना पड़ रहा है. वहीं ऊपरी तल्ला आज भी खाली पड़ा हुआ है. दीपावली व छठ के मौके पर बिहार व यूपी जाने वाले सैकड़ों यात्री आरक्षित टिकट लेने टाटानगर स्टेशन आ रहे हैं. एक ही जगह आरक्षण व जनरल टिकट काउंटर होने से निचले तल्ले में भीड़ लग रही है. रेलवे के अाला अधिकारियों के फरमान से कंप्यूटराइज्ड आरक्षण केंद्र को यूटीएसी सेंटर में (निचले तल्ले) शिफ्ट होने से टाटानगर के अधिकारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं.
पॉकेटमारी का शिकार हो रहे यात्री. निचले तल्ले में भीड़ का फायदा पॉकेटमारों को हो रही है. भीड़ का फायदा उठा पॉकेटमार घुस जाते हैं. भले ही पॉकेटमारी की शिकायत रेल थाना में दर्ज नहीं हो रही है, लेकिन प्रतिदिन तीन-चार लोगों का जेब भीड़ में कट रही है.
तत्काल के समय हर दिन हो रहा हंगामा. आरक्षण केंद्र में तत्काल टिकट के समय हर दिन हंगामा हो रहा है. लाइन को लेकर यात्री हंगामा कर रहे हैं. शनिवार को भी तत्काल के समय लाइन को लेकर जमकर हंगामा हुआ. तत्काल टिकट के लिए रात में ही यात्री लाइन में लग जाते हैं और कागज पर नाम, नंबर लिखते हैं.
दिन भर बहता रहता है पानी
निचले तल्ले पर यात्रियों की सुविधा के लिए भले ही वाटर कूलर लगाया गया है, लेकिन पानी निकासी का कोई रास्ता नहीं है. इसके कारण कूलर का पानी निचले तल्ले पर अक्सर बहता रहता है. रेलवे के वरीय अधिकारियों के दौर के क्रम में सफाई की जाती है, लेकिन आम दिनों में शिफ्ट के हिसाब से सफाई होती है. फर्श में पानी बहने से अक्सर यात्री फिसल कर गिरते रहते हैं.
पंखा व लाइट खराब, कुर्सी का पता नहीं
रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए निचले तल्ले में लगाये गये पंखे व लाइट इन दिनों खराब है. इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है. आरक्षण फॉर्म भरने के लिए जगह तक नहीं है. यात्री एक दूसरे के कंधे पर फॉर्म रख या सीढ़ी व जमीन पर बैठ कर रेलवे आरक्षण फॉर्म भरने को विवश है. वृद्ध यात्रियों के बैठने तक के लिए एक भी कुर्सी नहीं लगायी गयी है.
वहीं ऊपरी तल्ले में यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सी लगी हुई है, जो यात्री लाइन लगने में असमर्थ होते थे, वे पीछे के यात्री को बता कुर्सी में बैठ अपने नंबर का इंतजार करते थे. निचले तल्ले में आरक्षण केंद्र शिफ्ट होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और वृद्ध यात्रियों को होती है. निचले तल्ले में महिला शौचालय तक नहीं है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola