टीके लगाने के 15 घंटे बाद बच्ची ने तोड़ा दम

Published at :30 Jun 2018 6:45 AM (IST)
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टीके लगाने के 15 घंटे बाद बच्ची ने तोड़ा दम

पोटका सीएचसी में परिजनों व ग्रामीणों ने किया हंगामा मेडिकल बोर्ड की टीम ने किया बच्ची का पोस्टमॉर्टम जमशेदपुर/पोटका : पोटका थाना क्षेत्र की हेंसलबील पंचायत अंतर्गत इंदासाई गांव की एक साढ़े तीन माह की बच्ची रानी कैवर्तो की गुरुवार को टीकाकरण के 15 घंटे बाद मौत हो गयी. घटना शुक्रवार अहले सुबह करीब तीन […]

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पोटका सीएचसी में परिजनों व ग्रामीणों ने किया हंगामा

मेडिकल बोर्ड की टीम ने किया बच्ची का पोस्टमॉर्टम
जमशेदपुर/पोटका : पोटका थाना क्षेत्र की हेंसलबील पंचायत अंतर्गत इंदासाई गांव की एक साढ़े तीन माह की बच्ची रानी कैवर्तो की गुरुवार को टीकाकरण के 15 घंटे बाद मौत हो गयी. घटना शुक्रवार अहले सुबह करीब तीन बजे हुई. सुबह होने पर पिता अश्विनी कैवर्तो बच्ची को लेकर पोटका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया जहां मौजूद नर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद आक्रोशित लोगों ने शुक्रवार को पोटका सीएचसी में जमकर हंगामा किया. परिजन एएनएम पर गलत टीका लगाने का आरोप लगाने लगे. मामले की गंभीरता देख पोटका थानेदार विनोद कुमार
टीके लगाने के..
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सिंह ने सीएचसी प्रभारी के निर्देश पर सीओ द्वारिका बैठा की मौजूदगी में टीकाकरण वाली भायल सील कर दी है. थानेदार ने मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए उपायुक्त को मेडिकल बोर्ड के तहत बच्ची का पोस्टमार्टम के लिए आवेदन दिया. पुलिस दोपहर एक बजे बच्ची का शव को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची. उपायुक्त के निर्देश पर दंडाधिकारी अनिता केरकेट्टा की मौजूदगी में विडियोग्राफी में चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमॉर्टम किया. शाम साढ़े चार बजे के बाद परिवार के लोग शव को गांव ले गये.
एएनएम ने दिया था टीका, सस्पेंड करने की मांग
अश्विनी कैवर्तो ने बताया कि उनकी बेटी रानी का जन्म 10 मार्च 2018 की रात 11 बजे बारीडीह मर्सी अस्पताल में हुआ था. जन्म के बाद लगातार वह बच्ची को पोटका के हेंसलबील आंगनबाड़ी केंद्र टीका दिलवा रहे थे. 28 जून को दिन में वह बच्ची को लेकर टीका दिलवाने आंगनबाड़ी केंद्र गये. वहां एएनएम रायमनी दास ने बच्ची को टीका लगाया. एएनएम ने बच्ची को टीका देने के कुछ घंटे बाद बुखार आने की बात कही और बुखार आने पर एक दवा दी, जिसे टुकड़ा कर पानी में मिलाकर खिलाने को कहा. अश्विनी ने बताया कि रात एक से दो बजे के बीच बच्ची को तेज बुखार आने पर एएनएम द्वारा दी गयी दवा खिलायी.
आधे घंटे बाद बच्ची का बदन ठंड़ा हो गया. वह कुछ नहीं समझ सके. सुबह छह बजे वह बच्ची को लेकर पोटका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गये, जहां उन्हें बच्ची की मौत की पुष्टि की. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों, जनप्रतिनिधियों ने एएनएम को सस्पेंड करने और गलत दवा देने से बच्ची की मौत होने का मामला दर्ज करने की मांग पर हंगामा शुरू कर दिया. बाद में पुलिस ने मामला शांत कराया. बच्ची की मां आरती कैवर्तो के बयान पर पोटका थाने में एएनएम के खिलाफ लिखित शिकायत की गयी है.
तीन टीके लगे थे बच्ची को
एएनएम रायमनी दास ने बच्ची रानी कैवर्तो को तीन टीके अोपीवी-3, रोटा-3 एवं पेंटा-3 लगाये थे. बच्ची दिन भर ठीक थी, लेकिन रात के करीब 11 बजे के बाद बच्ची का शरीर गर्म होने लगा. रात एक बजे के बाद मां ने बच्ची को दूध पिलाया और सो गयी. दो बजे के बाद बच्ची की सांस चलना बंद देखर आनन-फानन में परिजन बच्ची को शंकर दा निजी चिकित्सालय ले गये, जहां बच्ची का इलाज नहीं हो पाया. सुबह छह बजे पोटका स्वास्थ्य केंद्र ले गये.
चिकित्सा प्रभारी के समक्ष जमकर हंगामा
बच्ची की मौत के बाद पहुंचे ग्रामीणों के बाद सीएचसी प्रभारी डॉ एम धावोड़िया सुबह 11 अस्पताल पहुंचे. उनके आते ही जिला परिषद सदस्य संजीव सरदार, झामुमो के पोटका प्रखंड के पूर्व उपाध्यक्ष शंकर मुंडा, झाविमो (प्र) नेता बबलू दास, विश्वनाथ मार्डी, किशन गुप्ता समेत ग्रामीण उग्र हो गये. उग्र लोगों ने गलत दवा देकर बच्ची को मारने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया. एएनएम पर इस मामले में एफआइआर कर उसे निलंबित करने की मांग की. जिप सदस्य संजीव सरदार ने अस्पताल से गायब रहने वाले चिकित्सकों पर भी कार्रवाई की मांग की.
टीका की एक्सपायरी तिथि अक्तूबर 2019 तक
रानी कैवर्त को जिस भायल से टीकाकरण किया गया था, उसकी एक्सपायरी तिथि की जांच प्रभारी डॉ मृत्युंजय धावोड़िया ने करायी. ओपीवी की एक्सपायरी तिथि जुलाई 2019, रोटा का दिसंबर 2019 तथा पेंटा की अक्तूबर 2019 है.
रानी तीसरे नंबर पर थी
अश्विनी कैवर्तो ने बताया कि उनके दो बच्चे है. रानी तीसरे नंबर की थी. बड़ा बेटा शंकर कैवर्तो है और उसके बाद खुशी कैवर्तो दूसरे नंबर पर है.
कोट
गलत दवा देने से हुई बच्ची की मौत
टीकाकरण से पूर्व मेरी बच्ची एकदम स्वस्थ थी. टीका लगाने के बाद उसकी स्थिति खराब होती गयी. गलत दवा देने के कारण मेरी बच्ची की मौत हो गयी. एएनएन रायमनी दास इसकी पूर्ण रूप से जिम्मेवार है.
अश्विनी कैवर्त, बच्ची के पिता
जिस भायल से मृत बच्ची का टीकाकरण किया गया था, उसी भायल से पांच अन्य बच्चियों का भी टीकाकरण हुआ है. वे बच्चियां ठीक हैं. बच्ची को बुखार आने के बाद शंकर दा नाम के एक झोला छाप डॉक्टर के पास परिजन उसे लेकर गये थे. सीएचसी पहुंचने से पूर्व बच्ची की मौत हो गयी थी.
– डॉ एम धावोड़िया, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, पोटका सीएचसी
मृत बच्ची की मां ने एएनएम के विरुद्ध थाने में शिकायत की है. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है.- विनोद कुमार सिंह, थाना प्रभारी, पोटका
वैक्सीन से मौत नहीं : सीएस
प्रारंभिक जांच में पता चलता है कि उसकी मौत वैक्सीन देने से नहीं हुई है. वैक्सीन का रिएक्शन तुरंत होता है. इतनी देर के बाद इसका रिएक्शन नहीं होता है. उसकी मौत कैसे हुई इसका पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकता है.
डॉ महेश्वर प्रसाद, सिविल सर्जन
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