ePaper

पानी के लिए तरस रहीं बड़कागांव की दस पंचायतें

Updated at : 04 May 2025 10:20 PM (IST)
विज्ञापन
पानी के लिए तरस रहीं बड़कागांव की दस पंचायतें

बड़कागांव प्रखंड की दस पंचायतों में पेयजल आपूर्ति करने वाले अधिकांश पानी टैंकर खराब हो चुके हैं. इस कारण कई पंचायतों में पानी की आपूर्ति ठप हो गयी है.

विज्ञापन

बड़कागांव. बड़कागांव प्रखंड की दस पंचायतों में पेयजल आपूर्ति करने वाले अधिकांश पानी टैंकर खराब हो चुके हैं. इस कारण कई पंचायतों में पानी की आपूर्ति ठप हो गयी है. 2011-12 में पंचायत समिति के मद से 23 पंचायतों में पानी टैंकर खरीदे गये थे, जिससे प्रत्येक वर्ष गर्मी के दिनों में हर वार्ड में पानी की आपूर्ति होती थी. इसके अलावा, लोग घर, सड़क और नाली निर्माण के साथ-साथ शादी-विवाह एवं अन्य कार्यक्रमों के लिए भी पानी टैंकर का उपयोग करते थे. फिलहाल, दस पंचायतों के पानी टैंकर खराब पड़े हैं.

किन-किन पंचायतों के पानी टैंकर खराब हैं

बड़कागांव पूर्वी पंचायत, बड़कागांव पश्चिमी पंचायत, गोंदलपुरा, डाड़ीलकला, सिकरी, सिरमा, चंदौल, पोटंगा, सिंदवारी, चेपाकला पंचायत में पानी टैंकर खराब हैं. इस कारण जलापूर्ति बाधित हो गयी है, जिससे पानी की समस्या बढ़ती जा रही है. बड़कागांव पूर्वी पंचायत के प्रतिनिधि राजकुमार साव ने बताया कि उनके हैंडओवर में पानी टैंकर नहीं मिला. पंचायत समिति सदस्य (पंसस) सहेश कुमार ने बताया कि दोनों पानी टैंकर खराब हैं.

निजी खर्च पर टैंकर की मरम्मत करायी

नयाटांड़ पंचायत के प्रतिनिधि अजीत महतो ने बताया कि पंचायत में केवल एक पानी टैंकर था, जो खराब हो चुका था. उन्होंने निजी खर्च से उसकी मरम्मत करायी, जिससे अब लोगों को शादी-विवाह जैसे आयोजनों में पानी उपलब्ध हो रहा है. बड़कागांव मध्य पंचायत के प्रतिनिधि मोहम्मद तकरीमुला खान ने बताया कि उनके पंचायत में एक पानी टैंकर है, जो खराब है. शंकर प्रजापति के पास पानी टैंकर रहता है और उन्होंने अपने निजी खर्च पर उसकी मरम्मत करायी. आंगों पंचायत के प्रतिनिधि महेंद्र मांझी ने बताया कि उन्हें टैंकर के स्थान की जानकारी नहीं है.

वित्तीय संकट में जलापूर्ति बाधित

मुखिया संघ के प्रखंड अध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि अधिकांश पंचायतों में पानी टैंकर टूट चुके हैं और सरकार ने 2024-25 के 15वें वित्त आयोग का अनुदान नहीं भेजा है. इस कारण पंचायतों में विकास कार्य भी बाधित हो रहे हैं. बड़कागांव में जल संकट और सरकारी अनुदान की कमी से ग्रामीणों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इस गंभीर स्थिति में समाधान की आवश्यकता महसूस की जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
PRAVEEN

लेखक के बारे में

By PRAVEEN

PRAVEEN is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola