विनोबा भावे विश्वविद्यालय में धूल फांक रही दो करोड़ की खेल सामग्री

Author : Sameer Oraon Published by : Prabhat Khabar Updated At : 03 Dec 2020 3:18 AM

विज्ञापन

विवि की चार सदस्यीय टीम ने भी जांच के बाद कहा : की गयी थी अनावश्यक सामान की खरीद

विज्ञापन

हजारीबाग : विनोबा भावे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को खेलों से जोड़ने की योजना तो है, लेकिन इस पर अमल नहीं हो रहा है. हालत यह है कि विवि में खेल के मैदान के अलावा बैडमिंटन, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल कोर्ट नहीं हैं. इसके बावजूद करीब दो करोड़ रुपये की लागत से खेल के उपकरण और एथलेटिक्स, आर्चरी, हॉकी, बैडमिंटन, फुटबॉल, क्रिकेट आदि के सामान खरीद लिये गये हैं. फिलहाल, ये सामान चार साल से बेकार पड़े हैं.

लंबे समय से इस्तेमाल नहीं होने से इन पर धूल की मोटी परत भी जम गयी है. जानकारी के अनुसार, खेल के इन उपकरणों और अन्य संसाधनों की खरीद रूसा की राशि से की गयी थी. इधर, इन खेल सामग्रियों का लंबे समय से इस्तेमाल नहीं होने से खरीद के दौरान इन पर मिलनेवाली छूट और अन्य प्रक्रियाओं पर सवाल उठने

विवि की चार सदस्यीय टीम ने भी जांच में अनावश्यक सामान खरीद की जानकारी दी है.

इतना ही नहीं, विवि ने करोड़ों की लागत से जिम का सामान भी खरीदा है. यह सामान फिलहाल एक छोटे से बेसमेंट में रखा गया है. बरसात के दिनों में इस बेसमेंट में पानी घुस जाता है, जिससे ये सामान खराब हो रहे हैं. मजे की बात यह है कि इस जिम से विवि के किसी संकाय के छात्र-छात्राओं को अब तक नहीं जोड़ा गया है.

एथलेटिक्स, डिस्कस, हैमर, स्टार्टिंग ब्लॉक्स, एडल्स, पोल, रेन कवर, पोल मेजरमेंट डिवाइस, लैप काउंटर, रिले बेटन, मेजरमिंग टेप, शॉटपुट रैक, क्रॉस बार लिफ्टर, प्रिंटिंग ब्लॉक कार्ड, लांग जंप, हाई जंप, भाला फेंक, रिले रेस, बाधा दौड़ से संबंधित सामान खरीदे गये हैं. इसके अलावा आर्चरी, डब्ल्यू एंड डब्ल्यू एएक्सटी हैंडल, मैक्स रेसर, विगनेट, लांग बार, प्लंजर, पीपसाइट, टारगेट स्टैंड, बैडमिंटन, नेट, पोल, रैकेट और काफी संख्या में फुटबॉल, हॉकी, क्रिकेट, खो-खो, वॉलीबॉल एवं अन्य खेलों के सामान की भी खरीद की गयी है.

विवि के खेल मैदानों की स्थिति :

विनोबा भावे विवि में बास्केटबॉल कोर्ट का निर्माण अधूरा पड़ा है. हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट मैदान का समतलीकरण अब तक नहीं हुआ है. ड्रेनेज और गैलरी का काम अधूरा है. बैडमिंटन कोर्ट भवन का कार्य भी अधूरा है. वहीं, तीरंदाजी व शूटिंग रेंज और स्वीमिंग पूल का भी निर्माण अब तक नहीं हुआ है.

पूर्व के कुलपति के कार्यकाल में खेल सामग्री की खरीद की गयी थी. टीम बना कर उस खरीद की जांच की जा रही है. जिम के सामान को दूसरे भवन में स्थानांतरित किया जायेगा. खेल के सभी सामान का इस्तेमाल हो, इसके लिए सभी मैदानों को ठीक कराया जायेगा.

– डॉ मुकुल नारायण देव, कुलपति\

posted by : sameer oraon

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola