हजारीबाग : सालाना 100 करोड़ का है बजट, फिर भी 14 स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं

Updated at : 23 Sep 2021 1:59 PM (IST)
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हजारीबाग : सालाना 100 करोड़ का है बजट, फिर भी 14 स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं

हाल हजारीबाग झारखंड शिक्षा परियोजना का, स्कूलों में पानी एवं विद्युत व्यवस्था नहीं

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हजारीबाग के 14 सरकारी स्कूलों में शौचालय की व्यवस्था, पांच स्कूलों में पानी एवं छह स्कूलों में विद्युत व्यवस्था नहीं है. स्कूल में शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को काफी परेशानी हो रही है. सबसे अधिक परेशानी लड़कियों को हो रही है. सबसे अधिक चौपारण प्रखंड में तीन, बड़कागांव, बरकट्ठा एवं इचाक में दो-दो, चलकुसा, सदर, कटकमदाग, कटकमसांडी एवं केरेडारी प्रखंड के एक-एक स्कूल में शौचालय नहीं है.

14 स्कूल में शौचालय नहीं :

बड़कागांव प्रखंड के अपग्रेडेड प्राथमिक विद्यालय रूदी एवं अपग्रेडेड प्रावि चौफदार बलिया में शौचालय नहीं है. बरकट्ठा प्रखंड के अपग्रेडेड प्रावि दूधिया एवं अपग्रेडेड प्रावि लालोडीह, चलकुसा प्रखंड के अपग्रेडेड प्रावि, बाराडीह, चौपारण प्रखंड के प्राइमरी स्कूल मालिकाना एवं प्राइमरी स्कूल पपरो, प्राइमरी स्कूल ताजपुर, सदर प्रखंड के अपग्रेडेड मवि रेवार, इचाक प्रखंड के अपग्रेडेड प्रावि लुकैया, कटकमदाग प्रखंड के मवि सुल्ताना, कटकमसांडी प्रखंड के अपग्रेडेड मध्य विद्यालय मनार एवं केरेडारी प्रखंड के प्राइमरी स्कूल केमो में शौचालय नहीं है.

पांच स्कूलों में पानी की व्यवस्था नहीं :

चौपारण के गर्ल्स प्राइमरी स्कूल अंबादोहर सेलहारा, इचाक अपग्रेडेड प्रावि गोबरबंदा, कटकमसांडी प्राइमरी स्कूल गोविंदपुर, केरेडारी के अपग्रेडेड प्राथमिक विद्यालय बरवाटांड़ व अपग्रेडेड प्रावि बेला कराली स्कूल में पानी की व्यवस्था नहीं है.

छह स्कूलों में नहीं है विद्युत व्यवस्था :

बड़कागांव के अपग्रेडेड प्रावि पनदनवाटांड़, चौपारण न्यू प्राइमरी स्कूल अंबादोहर सेलहारा, अपग्रेडेड प्रावि जमुनियातरी, चुरचू अपग्रेडेड प्रावि चिरूबेड़ा, अपग्रेडेड प्रावि लुकइया एवं कटकमसांडी के अपग्रेडेड प्राथमिक विद्यालय पटियातरी स्कूल में विद्युत व्यवस्था अब-तक नहीं है.

एक सौ करोड़ का है बजट :

सरकार हजारीबाग झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय को प्रति वर्ष एक सौ करोड़ से अधिक राशि मुहैया कराती है. इस राशि का खर्च पारा शिक्षकों को मानदेय देने, स्कूलों के रख-रखाव पर, समय-समय पर शिक्षकों को प्रशिक्षण देने आैर विद्यार्थियों की पोशाक सहित अन्य शिक्षण गतिविधियों पर करना है.

कई कंपनी एवं एनजीओ की मदद :

हजारीबाग झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय को कई कंपनी एवं एनजीओ ने मदद की है. बरकागांव-केरेडारी क्षेत्र में कोयला खनन कार्य के लिए लगी नवरत्न कंपनी एनटीपीसी, प्राइवेट कंपनी त्रिवेणी सैनिक, चरही क्षेत्र में सीसीएल एवं अन्य एनजीओ ने अपने अधीन क्षेत्र के स्कूलों में शौचालय निर्माण, पठन-पाठन एवं विद्युत सामग्री देने सहित मेधावी विद्यार्थियों को समय-समय पर पुरस्कृत करने में करोड़ों खर्च किया है. हजारीबाग जिले में 882 प्राइमरी, 462 अपर प्राइमरी, 81 सेकेंडरी एवं 60 हायर सेकेंडरी को मिला कर कुल 1485 स्कूल हैं. इसके अलावा एक इंदिरा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, 10 कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय, दो झारखंड आवासीय विद्यालय, सात अल्पसंख्यक उवि सहित स्थापना अनुमति, मदरसा, राजकीय एवं राजकीयकृत सहित दर्जनों स्कूल शामिल हैं.

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