पुनर्पाठ की मांग करती हैं प्रेमचंद की कहानियां

Published at :02 Aug 2016 6:59 AM (IST)
विज्ञापन
पुनर्पाठ की मांग करती हैं प्रेमचंद की कहानियां

गोष्ठी. मुंशी प्रेमचंद की 136वीं जयंती मनी, बलदेव पांडेय बोले हजारीबाग : महान कथाकार प्रेमचंद की जयंती के बहाने उनकी साहित्यिक विरासत को समझने का प्रयास किया गया. स्वर्णकार भवन में परिवेश की ओर से रविवार को आयोजित गोष्ठी यादगार बन गयी. शहर के कवि, लेखक, आलोचक, शिक्षक एवं साहित्यानुरागियों ने प्रेमचंद की कहानियों, उपन्यासों […]

विज्ञापन
गोष्ठी. मुंशी प्रेमचंद की 136वीं जयंती मनी, बलदेव पांडेय बोले
हजारीबाग : महान कथाकार प्रेमचंद की जयंती के बहाने उनकी साहित्यिक विरासत को समझने का प्रयास किया गया. स्वर्णकार भवन में परिवेश की ओर से रविवार को आयोजित गोष्ठी यादगार बन गयी.
शहर के कवि, लेखक, आलोचक, शिक्षक एवं साहित्यानुरागियों ने प्रेमचंद की कहानियों, उपन्यासों एवं उनके योगदान पर खुलकर चर्चा की. सुप्रसिद्ध आलोचक डॉ भारत यायावर ने कहा कि प्रेमचंद एक साधक थे. उनकी आज भी कई कहानियां अनुपलब्ध हैं. इसकी खोज चल रही है. कहा कि वे किसी लेखक के कृतियों को विचाराधारा की कसौटी पर मूल्यांकन करना उचित नहीं मानते. इससे उनका अवमूल्यन ही होता है. गजेंद्र सिंह ने प्रेमचंद की कहानी कहने की कला पर बहुत भी सुंदर ढंग अपनी बात रखी.
उन्होंने दो बैलों की कथा कहानी में पशुओं के मानवीकरण के साथ ही अन्य कहानियों पर प्रकाश डाला. डॉ बलदेव पांडेय ने कहा कि प्रेमचंद की कहानियां पुनर्पाठ की मांग करती है. कवि गणेश चंद्र राही ने कहा कि प्रेमचंद का जन्म हिंदी कथाजगत में उस वक्त हुआ जब हिंदी साहित्य में तिलस्मी, ऐयारी एवं जासूसी उपन्यासों की धूम थी. संचालक विजय केसरी ने कहा कि प्रेमचंद ने अपने साहित्य लेखन में किसी से समझौता नहीं किया. राजीव रंजन दुबे ने प्रेमचंद के साहित्य को प्रभावशाली बताया. बृजलाल राणा ने पंचपरमेश्वर कहानी को महत्वपूर्ण बताया. शंकर गुप्ता ने कहा कि प्रेमचंद की कृतियों में समाज की बुराइयों का चित्रण है.
डॉ प्रमिला गुप्ता ने प्रेमचंद को एक युग बताया. विवेक कुमार ने प्रेमचंद की कहानियों को अपने लेखने का प्रेरणास्रोत बताया. इसके अलावा अजय पांडेय, साकेत पाठक, लाला नरेंद्र किशोर, रंजीत कुमार ने भी विचार रखे. विवेकानंद स्कूल की कक्षा पांच के यश केसरी ने मजाक कहानी सुना कर सभी का मन मोह लिया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola