शिक्षा से ही मिटेगा अंधविश्वास

Published at :18 Mar 2016 7:37 AM (IST)
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शिक्षा से ही मिटेगा अंधविश्वास

विभावि. एक दिवसीय सेमिनार में बोले पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा विभावि में गुरुवार को अंधविश्वास पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें भूतपूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने एक-दूसरे के सहयोग से अंधविश्वास को खत्म करने की अपील की. हजारीबाग : अंधविश्वास से बाहर निकलने के लिए लोगों में चेतना जगानी होगी. समाज में शिक्षा व […]

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विभावि. एक दिवसीय सेमिनार में बोले पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा
विभावि में गुरुवार को अंधविश्वास पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें भूतपूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने एक-दूसरे के सहयोग से अंधविश्वास को खत्म करने की अपील की.
हजारीबाग : अंधविश्वास से बाहर निकलने के लिए लोगों में चेतना जगानी होगी. समाज में शिक्षा व स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी जरूरी है. उक्त बातें पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने बतौर मुख्य अतिथि विभावि में आयोजित एक दिवसीय सेमिनार के उदघाटन सत्र में कहीं. सेमिनार पीजी मानवशास्त्र विभाग की ओर से विवेकानंद सभागर में हुआ. सेमिनार का विषय अंधविश्वास और मानवीय मूल्य था. मुख्य अतिथि ने कहा कि मनुष्य सामाजिक प्राणी है.
यह अपनी ताकत का प्रयोग अपने हित के लिए करता है, जबकि मनुष्य के अलावा अन्य प्राणी अपनी ताकत का प्रयोग पेट भरने के लिये करता है. अन्य प्राणी को भविष्य लिये संग्रह की जरूरत नहीं पड़ती. मनुष्य में चिंतन शक्ति है, जिससे जीवन पद्धति बनी. अंधविश्वास अंतरराष्ट्रीय विषय है. इसका समाधान हमलोगों पर निर्भर है.
अधिक खराबी वर्तमान समाज में: बतौर मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार विजय भास्कर ने कहा कि जब तक हमारा काम पूरा नहीं होता है, तब तक समाज की जरूरत रहती है. यदि कोई व्यक्ति काम पूरा नहीं कर पा रहा है, तो वह छल प्रपंच करता है. यहीं से अंधविश्वास की उपज होती है.
इन्होंने मनुष्य के जीन मैपिंग के विषय में बताया कि मनुष्य में अभी भी आदिम प्रजाति का जीन है, जिसका नतीजा है कि हम एक ऐसी दुनिया बना रहे हैं, जिसमें ज्यादा संघर्ष हो रहा है. उन्होंने अनुभव बताते हुए कहा: मैंने 50 साल पहले जो समाज देखा था, उसमें सौ गुणा खराबी वर्तमान में देख रहा हूं. अमेरिका जैसे देश, जिसने अंधविश्वास से छुटकारा पा लिया था, लेकिन अब वहां फिर से अंधविश्वास शुरू हो गया है. यह आश्चर्य की बात है.
अंधविश्वास में पड़ने से हम पीछे रह जायेंगे : अध्यक्षीय भाषण में विभावि कुलपति प्रो गुरदीप सिंह ने कहा कि अंधविश्वास को दूर करने का इलाज शिक्षा है. अंधविश्वास का असर पूरे समाज पर पड़ता है. अंधविश्वास सभी देशों में हैं.
इसे भुलने की जरूरत नहीं है.
अंधविश्वास अज्ञानता का प्रतीक : स्वागत भाषण में विभावि प्रति कुलपति प्रो मनोरंजन प्रसाद सिन्हा ने कहा कि अंधविश्वास को हटाने में विद्यार्थियों का सहयोग जरूरी है. विषय प्रवेश पीजी मानवशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ गंगानाथ झा ने किया. संचालन डॉ सुकल्याण मोइत्र ने किया. कार्यक्रम में डॉ विजय प्रकाश शर्मा, डॉ करमा उरांव (रांची विवि), डॉ सीमा ममता मिंज, रेणु प्रकाश समेत विभावि के सभी पदाधिकारी, विद्यार्थी उपस्थित थे. धन्यवाद ज्ञापन डॉ विनोद रंजन ने किया.
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