3000 किसानों के धान का 23 करोड़ नहीं मिला

Published at :24 Apr 2018 4:37 AM (IST)
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3000 किसानों के धान का 23 करोड़ नहीं मिला

अपने ही पैसे के लिए चार माह से सरकारी कार्यालय के चौखट पर एड़ी रगड़ रहे हैं किसान हजारीबाग : पैक्सों द्वारा खरीदे गये धान से बने चावल गोदाम में बंद है. अब किसान खून-पसीने से उपजायी धान की कीमत पैक्स से लेने के लिए चार माह से सरकारी कार्यालय के चौखट पर एड़ी रगड़ […]

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अपने ही पैसे के लिए चार माह से सरकारी कार्यालय के चौखट पर एड़ी रगड़ रहे हैं किसान

हजारीबाग : पैक्सों द्वारा खरीदे गये धान से बने चावल गोदाम में बंद है. अब किसान खून-पसीने से उपजायी धान की कीमत पैक्स से लेने के लिए चार माह से सरकारी कार्यालय के चौखट पर एड़ी रगड़ रहे हैं. हजारीबाग, चतरा, रामगढ़, कोडरमा के तीन हजार से अधिक किसानों का 23 करोड़ 16 लाख 35 हजार रुपये सरकार के पास बकाया है. राशि के अभाव में किसान शादी-विवाह, बीमारी व अन्य खर्च के लिए साहूकारों के चंगुल में फंसते जा रहे हैं.
390449 क्विंटल धान की खरीदारी : वर्ष 2016-17 में राज्य सरकार ने हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, रामगढ़ जिले से 390449 क्विंटल धान की खरीदारी पैक्स के माध्यम से की थी. 9495 किसानों ने सरकार को 1700 रुपये क्विंटल के हिसाब से धान बेचा था. खरीदारी के बाद सरकार ने इनके धानों की मीलिंग कर एफसीआइ के गोदामों में रख दिया है. हजारीबाग जिले में 5814 किसानों ने 243473.5 क्विंटल, चतरा में 2169 किसान 85995 क्विंटल, रामगढ़ में 835 किसानों ने 30427.27 क्विंटल, कोडरमा में 677 किसानों ने 30554.52 क्विंटल धान पैक्स में बेचा है. किसानों को धान बेचने के लिए अंचल अधिकारी के एलपीसी के माध्यम से मात्रा तय की गयी थी. एक एकड़ में 16 क्विंटल धान के हिसाब से किसानों को बेचना था.
चतरा से हजारीबाग एसएफसी कार्यालय आये किसान मधुसूदन अग्रवाल ने कहा कि पिछले चार माह से कार्यालय का चक्कर लगा रहा हूं. मेरे चाचा जी महावीर वेदिका हॉस्पीटल रांची में भरती हैं. इनके इलाज के लिए काफी पैसे की जरूरत है. एक लाख 70 हजार रुपये धान का पैक्स में बकाया है. पैक्स का कहना है कि राशि नहीं आयी है. हजारीबाग कार्यालय से संपर्क करें.
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