पांच गांवों के ग्रामीणों ने जाम रखा रांची-गुमला पथ

Author Deepak
Updated:
विज्ञापन
पांच गांवों के ग्रामीणों ने जाम रखा रांची-गुमला पथ

प्रखंड के नागफेनी कोयल नदी पुल के समीप हाइवे को मुरगु सड़क से जोड़ने के लिए सर्विस सड़क बनाने, मुरगु मोड़ हाइवे में यू टर्न व यात्री शेड बनाने की मांग को लेकर रविवार को मुरगु, सुपाली, चाइलीटोली, आंबाटोली, नागफेनी के सैकड़ो ग्रामीणों ने हाइवे पर उतरकर रांची-गुमला मुख्य पथ को जाम कर दिया.

विज्ञापन

प्रतिनिधि, सिसई

प्रखंड के नागफेनी कोयल नदी पुल के समीप हाइवे को मुरगु सड़क से जोड़ने के लिए सर्विस सड़क बनाने, मुरगु मोड़ हाइवे में यू टर्न व यात्री शेड बनाने की मांग को लेकर रविवार को मुरगु, सुपाली, चाइलीटोली, आंबाटोली, नागफेनी के सैकड़ो ग्रामीणों ने हाइवे पर उतरकर रांची-गुमला मुख्य पथ को जाम कर दिया. मुख्य पथ के जाम रहने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतार लग गयी. वहीं जाम की सूचना पर थानेदार संतोष कुमार सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचकर जमाकर्ताओं से वार्ता करते हुए सड़क जाम हटाने का अनुरोध किया. लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे. इसके बाद थानेदार ने जिले के वरीय अधिकारियों व आरकेडी कंपनी के अधिकारियों से बात कर 15 दिनों के अंदर ग्रामीणों की मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिये जाने पर ग्रामीणों ने जाम हटाया. इस दौरान लगभग एक घंटे तक सड़क पूरी तरह से जाम रहा. ग्रामीणों ने कहा कि यदि मांग पूरी नहीं होती है तो 15 दिन बाद पुन: सड़क पर उतरेंगे और जाम करेंगे. ग्रामीणों ने कहा कि कोयल नदी के समीप हाइवे को जोड़ने वाली मुरगु कालीकरण पथ दर्जनों गांव के 15 हजार से अधिक लोगो के लिए लाइफ लाइन सड़क है. वर्षों से इस पथ से होकर प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चों के साथ हजारों ग्रामीण जिला मुख्यालय व प्रखंड मुख्यालय आवागमन करते हैं. हाइवे निर्माण के दौरान आरकेडी कंपनी द्वारा हाइवे को जोड़ने वाली मुरगु कालीकरण पथ को बंद कर दिया है. जिससे राहगीरों को किसी तरह जान जोखिम में डालकर हाइवे पकड़ना पड़ रहा है और उन्हें नागफेनी गांव में बने पुलिया से गुजरकर जिला मुख्यालय या प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है. वहीं वापस लौटने की समय भी लंबा चक्कर काटना पड़ता है. या गलत साइट से आना पड़ता है. जिससे अधिक समय लगने के साथ हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है. ग्रामीणों ने कहा कि उपायुक्त व आरकेडी कंपनी को कई बार लिखित आवेदन देकर सभी मांगे की गयी थी. परंतु इस दिशा में कोई पहल नहीं किया गया. जिससे मजबूरन उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा. मांग पूरा नहीं होने पर वे पुनः सड़क पर उतने को बाध्य होंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Deepak

लेखक के बारे में

By Deepak

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola