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कलश स्थापना के साथ श्री शारदीय नवरात्र सह दुर्गा पूजनोत्सव शुरू

Updated at : 22 Sep 2025 7:47 PM (IST)
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कलश स्थापना के साथ श्री शारदीय नवरात्र सह दुर्गा पूजनोत्सव शुरू

श्री शारदीय नवरात्र सह दुर्गा पूजनोत्सव सोमवार से शुरू हो गया है

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मां दुर्गा मंदिरों व पूजा पंडालों में पूजा व शंख-घंट की ध्वनि के बीच कलश की स्थापना की गयी. प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा की गयी, 23 गुम 1 में श्रीबड़ा दुर्गा मंदिर में पूजा के साथ कलश की स्थापना प्रतिनिधि, गुमला श्री शारदीय नवरात्र सह दुर्गा पूजनोत्सव सोमवार से शुरू हो गया है. इस वर्ष 11 दिवसीय महोत्सव को लेकर सभी मां दुर्गा मंदिरों एवं पूजा पंडालों में विधिविधान से कलश की स्थापना की गयी. इसी के साथ सनातन धर्मावलंबी मां दुर्गा की आराधना में लीन हो गये हैं. दुर्गा मंदिरों में प्रथम दिन मां दुर्गा के प्रथम रूप मां शैलपुत्री दुर्गा की पूजा की गयी. इस दौरान वातावरण शंख व घंट की ध्वनि से गुंजायमान रहा. कलश स्थापना के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ रही. पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. अगले नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा और आराधना की जायेगी. वहीं पूजनोत्सव को लेकर जिलांतर्गत सभी प्रखंडों में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह पर पूजा पंडाल बनाये जा रहे हैं. 29 सितंबर (आश्विन शुक्ल पक्ष षष्ठी-रविवार) को प्रात: सात बजे से 10 बजे तक कल्पारंभ तथा संध्या छह बजे से नौ बजे तक श्री दुर्गा जी का बोधन, अधिवास व आमंत्रण के पश्चात 29 सितंबर (आश्विन शुक्ल पक्ष सप्तमी-सोमवार) को प्रात: छह से आठ बजे के बीच बिल्ववृक्ष पूजन, शाखा ग्रहण, महास्नान व नव पत्रिका प्रवेश के पश्चात प्रात: सात बजे सप्तमी विहित पूजन के बीच श्रद्धालुओं के लिए पूजा पंडालों के पट्ट खोले जायेंगे. उसी दिन रात्रि 10.20 बजे श्री भद्रकाली पूजा की जायेगी. इसके पश्चात 30 सितंबर (आश्विन शुक्ल पक्ष अष्टमी-मंगलवार) को प्रात: 7.20 बजे महा अष्टमी विहित पूजन, दोपहर 1.51 बजे संधि पूजन व दोपहर 1.21 बजे से 2.09 बजे तक संधि बलि प्रदान की जायेगी. वहीं एक अक्टूबर (आश्विन शुक्ल पक्ष नवमी-बुधवार) को प्रात: 7.30 बजे से 11 बजे तक महानवमी विहित पूजन के पश्चात 11.20 बजे से हवन तथा दो अक्टूबर (आश्विन शुक्ल पक्ष दशमी-गुरुवार) को प्रात: 7.20 बजे से नौ बजे तक दशमी विहित पूजन व विसर्जन, प्रात: 9.30 बजे से 10.30 बजे तक अपराजिता पूजन व लता धारण के पश्चात प्रतिमाओं के साथ नगर भ्रमण के पश्चात प्रतिमाओं का तालाबों व नदियों में विसर्जन किया जायेगा. इस दौरान नवमी तक रोजाना संध्या आरती संध्या 7.30 बजे होगी. आरती के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जायेगा. शंख-घंट की ध्वनि के बीच कलश की स्थापना श्री दुर्गा मंदिर बड़ाइक मुहल्ला गुमला में आचार्य पंडित यमुना पांडेय, पूजक पंडित हरिशंकर त्रिपाठी एवं सहयोगी पंडित रमेश नंद व पंडित भगवान नंद ने विधिविधान से पूजा अर्चना और शंख-घंट की ध्वनि के बीच कलश स्थापना करायी. पूजा के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. पूजा में पूजा समिति के अध्यक्ष निर्मल गोयल, सचिव रमेश कुमार चीनी, उपाध्यक्ष विश्वनाथ पांडेय, अवधेश गोप, सह सचिव राम निवास प्रसाद, सानू साहू, कोषाध्यक्ष द्वारिका मिश्र, संजीव उर्वशी, विनोद केशरी, ओम प्रकाश साहू, भूपन साहू, सुरेश मंत्री, रूपेश भगत, ओम प्रकाश साह, किशोर रजक, रौनक पांडेय, संतोष यादव, अमित सिंह, भोला नाग, दीपक कुमार, सूरज सिंह सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे. नौ दिवसीय रामायण व श्रीश्री सप्तशती पाठ शुरू श्री दुर्गा मंदिर बड़ाइक मुहल्ला गुमला में कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय श्रीश्री दुर्गा सप्तशती पाठ व रामायण पाठ शुरू हो गया है. एकल श्री हरि सत्संग की यशोदा, मीरा, रेणु कुमारी, शांति कुमारी, रेशमा कुमारी, चंद्रिका समेत अन्य बहनों द्वारा रामायण पाठ किया जा रहा है. वहीं श्रीश्री चंडी पाठ पंडित देवेंद्र नाथ तिवारी द्वारा किया जा रहा है. रामायण पाठ व मां दुर्गा की भक्तिमय गीतों से गुमला का वातावरण भक्तिमय हो गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH NATH

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