मुश्किल में गुमला की नाबालिग बच्चियों की जिंदगी, पिता जेल में और मां की हो गयी मौत

Jharkhand News, Gumla News: झारखंड के गुमला जिला में दो नाबालिग बच्चियों की जिंदगी मुश्किलों में घिर गयी है. उसके पिता को जेल हो गयी है और मां की मौत. अब दोनों बहनों पर दुखों का जो पहाड़ टूट पड़ा है. दोनों बहनें संकट में जी रही हैं. इन्हें प्रशासन की मदद की जरूरत है. एक एनजीओ ने कहा है कि अगर इन्हें प्रशासन की ओर से मदद और आश्रय नहीं मिला, तो दोनों बहनें मानव तस्करी का शिकार हो सकती हैं.
गुमला (दुर्जय पासवान) : झारखंड के गुमला जिला में दो नाबालिग बच्चियों की जिंदगी मुश्किलों में घिर गयी है. उसके पिता को जेल हो गयी है और मां की मौत. अब दोनों बहनों पर दुखों का जो पहाड़ टूट पड़ा है. दोनों बहनें संकट में जी रही हैं. इन्हें प्रशासन की मदद की जरूरत है. एक एनजीओ ने कहा है कि अगर इन्हें प्रशासन की ओर से मदद और आश्रय नहीं मिला, तो दोनों बहनें मानव तस्करी का शिकार हो सकती हैं.
एनजीओ का कहना है कि अनाथ बच्चों पर मानव तस्करों की नजर सबसे अधिक रहती है. इसलिए प्रशासन को चाहिए कि दोनों बहनें खुशहाल जिंदगी जीये, ऐसी व्यवस्था करे. इनका भविष्य गढ़ने में उनकी मदद करे. मामला सिसई प्रखंड के ओलमोंडा सेमरा हर्राटोली गांव की है. गांव के जतरू खड़िया ने वर्ष 2011 में अपनी पत्नी फगनी देवी की हत्या कर दी थी. इसके बाद से जतरू जेल में है.
मां की मौत व पिता के जेल जाने के बाद उनकी दो बेटियां बसंती कुमारी व सुशंती कुमारी की जिंदगी संकट में है. हालांकि, उसके मामा टैंगरिया कोरकोटोली निवासी फिरोज इंदवार ने फिलहाल दोनों बहनों को अपने घर में आश्रय दिया है. फिरोज इंदवार भी गरीब है. खुद अपने परिवार का पालन-पोषण करने में परेशान रहता है. दो बहनों की परवरिश की जिम्मेदारी उस पर आने से उसकी परेशानी और बढ़ गयी है.
मामा फिरोज इंदवार ने कहा कि वह गरीब है. किसी प्रकार अपने परिवार की जीविका चला रहा है. बसंती कुमारी व सुशंती कुमारी का पालन-पोषण करने में दिक्कतें आ रही हैं. दोनों लड़कियां हैं. मानव तस्करों की नजर ऐसी ही बच्चियों पर रहती है. इसलिए डर है कि कोई इन्हें बहला-फुसलाकर ले न जाये. उसने प्रशासन से गुहार लगायी है कि बसंती कुमारी व सुशंती कुमारी के रहने, खाने-पीने व पढ़ने की व्यवस्था करे.
बसंती कुमारी तीन वर्ष की और सुशंती कुमारी एक वर्ष की थी, जब जतरू खड़िया ने अपनी पत्नी फगनी देवी की हत्या कर दी थी. दोनों बहनें उस समय बहुत छोटी थीं. उन्हें पता भी नहीं था कि उनकी मां की हत्या हो गयी है और पिता जेल में बंद है. जब दोनों बहनें बड़ी हुईं, तो उन्हें घटना के बारे में जानकारी मिली.
दोनों बहनों ने कहा कि मां की मौत व पिता के जेल जाने के बाद मामा फिरोज इंदवार हमारी परवरिश कर रहे हैं. मामा भी किसी प्रकार जीविका चला रहे हैं. हमारे पास न राशन कार्ड है, न कोई सरकारी सुविधा मिलती है. दोनों बहनों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगायी है.
मामा फिरोज इंदवार ने बसंती व सुशंती की परवरिश के लिए मिशन बदलाव के माध्यम से समस्या को प्रशासन तक रखने की मांग की है. मिशन बदलाव के गुमला संयोजक जितेश मिंज, शांति खड़िया, अमृता खड़िया, देवनारायण यादव, प्रेम कच्छप, अरुण कुमार ने कहा कि समस्या जानने के बाद हमलोगों ने गांव जाकर पीड़ित परिवार की स्थिति को देखा है. परिवार की स्थिति ठीक नहीं है. गुमला प्रशासन को आवेदन देकर दोनों बहनों की मदद की मांग की जायेगी. साथ ही मुख्यमंत्री को भी पूरे मामले की जानकारी ट्विटर पर दी जायेगी, ताकि इन्हें सरकारी मदद मिल सके.
Posted By : Mithilesh Jha
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