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Jharkhand News: गुमला के विमरला, गुरदरी व अमतीपानी माइंस क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर, जनजातीय लोगों का होगा विकास

गुमला जिला अंतर्गत तीन माइंस क्षेत्र विमरला, गुरदरी एवं अमतीपानी की तस्वीर बदलने के लिए कार्ययोजना बन रही है. इसके लिए तीन से चार करोड़ रुपये खर्च होंगे. इससे माइंस क्षेत्र के विकास के साथ स्थानीय जनजातीय समुदाय के लोगों का भी विकास होगा.

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
करीब 4 करोड़ रुपये खर्च कर गुमला के तीन माइंस क्षेत्र की बदलेगी सूरत.
करीब 4 करोड़ रुपये खर्च कर गुमला के तीन माइंस क्षेत्र की बदलेगी सूरत.
फाइल फोटो.

Jharkhand News (जगरनाथ, गुमला) : झारखंड के गुमला जिला अंतर्गत विमरला, गुरदरी एवं अमतीपानी माइंस क्षेत्र की तस्वीर जल्द बदलेगी. इन माइंस क्षेत्रों की तस्वीर बदलने के साथ क्षेत्र में निवास करने वाले जनजातीय लोगों की भी तकदीर बदलेगी. इसके लिए 3-4 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह राशि हिंडालको प्रबंधन खर्च करेगा.

विमरला, गुरदरी एवं अमतीपानी माइंस क्षेत्र के विकास और वहां रह रहे लोगों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना तैयार किया जा रहा है. कार्ययोजना तैयार होने के बाद प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू हो जायेगा. इस संबंध में वन प्रमंडल, गुमला के डीएफओ श्रीकांत ने बताया कि हिंडालको प्रबंधन द्वारा विगत 15 वर्षों से भी अधिक समय से गुमला जिला के घाघरा, बिशुनपुर एवं लोहरदगा जिला से बॉक्साइट का उत्खनन कर रहा है. जिसमें गुमला जिला में विमरला, गुरदरी एवं अमतीपानी प्रमुख माइंस क्षेत्र है. बॉक्साइट माइनिंग के दौरान पर्यावरण को सुरक्षित रखना है. क्षेत्र का विकास करना है. साथ ही स्थानीय जनजातीय समुदाय के लोगों के लिए सुविधाएं मुहैया कराना है. लेकिन, हिंडालको प्रबंधन द्वारा इस दिशा में ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

डीएफओ ने बताया कि उन्होंने इन सभी चीजों को लेकर माइंस क्षेत्रों का दौरा कर गहन समीक्षा की. समीक्षा में उन्होंने बताया कि क्षेत्र और जनजातीय समुदायों के लिए हिंडालको प्रबंधन को जो काम करना था. वह काम नहीं हो रहा है. इसके बाद ही हिंडालको प्रबंधन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से कार्ययोजना तैयार किया जा रहा है. संभावना है कि तीन से चार करोड़ रुपये का कार्ययोजना तैयार किया जायेगा.

इन योजनाओं पर होगा काम

डीएफओ श्रीकांत ने बताया कि विमरला, गुरदरी एवं अमतीपानी माइंस क्षेत्र एवं स्थानीय जनजातीय समुदाय के लोगों के विकास के लिए क्षेत्र में जल संरक्षण पर विशेष रूप से काम होगा. माइंस क्षेत्रों में पानी की बड़ी समस्या है. इस समस्या के निदान के लिए क्षेत्र में चेकडैम का निर्माण एवं तालाबों का जीर्णोद्धार होगा. क्षेत्र के लोगों को बिजली की समस्या ना हो इसके लिए सोलर लाइट लगाया जायेगा. साथ ही क्षेत्र के सरना स्थलों का सुंदरीकरण किया जायेगा. बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के लिए स्कूल खोला जायेगा और आवागमन की सुविधा के लिए पक्की सड़कों का भी निर्माण किया जायेगा. साथ ही वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण पर भी काम होगा.

लप्सर और आदर चेकनाका का होगा आधुनिकीकरण

विमरला, गुरदरी एवं अमतीपानी माइंस क्षेत्र के विकास की कड़ी में लप्सर और आदर चेकनाका का भी आधुनिकीकरण किया जायेगा. दोनों चेकनाका में सीसीटीवी कैमरा लगाया जायेगा. सीसीटीवी कैमरा लगाने का उद्देश्य क्षेत्र के माइंस क्षेत्रों से बॉक्साइट एवं जंगल की लकड़ियों के अवैध तस्करी पर रोक लगाना है. वहीं, सीसीटीवी कैमरा लगने के बाद चेकनाका में तैनात सुरक्षा कर्मियों को प्रबंधन योजना से भुगतान किया जायेगा. साथ ही गश्ती में उपयोग होने वाले वाहन एवं वाहन की व्यवस्था भी प्रबंधन योजना से किया जायेगा.

Posted By : Samir Ranjan.

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Published Date

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