डिग्री के बाद नौकरी नहीं, चुना समाजसेवा का रास्ता; 250 युवाओं को सेना-पुलिस भर्ती की करा रहे तैयारी

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नेल्सन भगत | Prabhat Khabar Network

गुमला के नेल्सन भगत ने नौकरी छोड़कर लक्ष्य फिजिकल एकेडमी के जरिए आदिवासी युवाओं को सेना और पुलिस में भर्ती होने के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित कर रहे हैं।

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गुमला: अच्छी शिक्षा और डिग्री हासिल करने के बाद अधिकांश युवाओं का सपना बेहतर नौकरी हासिल करना होता है. लेकिन गुमला के नेल्सन भगत ने अपने लिए अलग रास्ता चुना है. उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद नौकरी करने के बजाय उन्होंने समाज के युवाओं को आगे बढ़ाने और आदिवासी समाज को जागरूक करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया है. वह शहर में लक्ष्य फिजिकल एकेडमी के माध्यम से युवाओं को सेना और पुलिस में भर्ती की तैयारी करा रहे हैं.

नेल्सन भगत ने अंग्रेजी विषय से स्नातक के साथ एमए और बीपीएड की पढ़ाई की है. वर्ष 2021 में उन्होंने लक्ष्य फिजिकल एकेडमी की शुरुआत की. इसका उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र के उन युवाओं को प्रशिक्षण देना था, जिनमें सेना और पुलिस में जाने का जज्बा है, लेकिन उचित मार्गदर्शन और प्रशिक्षण का अभाव है. आज एकेडमी में करीब 250 युवक-युवतियां सेना, पुलिस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं.

सुबह मैदान में पसीना, फिर पढ़ाई

एकेडमी में युवाओं को सुबह दौड़, व्यायाम और अन्य शारीरिक अभ्यास कराया जाता है. इसके बाद लिखित परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भी जोर दिया जाता है. नेल्सन का मानना है कि सेना और पुलिस में भर्ती के लिए शारीरिक रूप से मजबूत होने के साथ लिखित परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करना भी जरूरी है. उनके साथ छह अन्य शिक्षक भी युवाओं को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दे रहे हैं. सेना और पुलिस के अलावा जेपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाती है.

कई युवा बन चुके हैं सैनिक

नेल्सन के मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से कई युवा सेना में चयनित होकर देश की सेवा कर रहे हैं. उनके लिए युवाओं का चयन केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे समाज की उपलब्धि है. वह युवाओं को अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं.

रात में गांव-गांव जागरूकता अभियान

दिनभर एकेडमी में प्रशिक्षण देने के बाद नेल्सन रात में गांवों में जाकर बैठक और सभा करते हैं. वह आदिवासी समाज के लोगों को शिक्षा, अधिकार, सामाजिक एकजुटता और युवाओं को सही दिशा देने के प्रति जागरूक करते हैं. बच्चों को शिक्षा दिलाने और समाज में आपसी एकता बनाए रखने की अपील भी करते हैं.

सोशल मीडिया से भी जागरूकता

नेल्सन सोशल मीडिया के माध्यम से भी आदिवासी समाज से जुड़े विषयों को सामने रखते हैं. उनका मानना है कि सोशल मीडिया का सकारात्मक इस्तेमाल कर युवाओं और समाज के लोगों को जागरूक किया जा सकता है.

गुमला में नेल्सन भगत युवाओं को सेना और पुलिस की तैयारी कराने के साथ उन्हें आत्मविश्वास देने का काम कर रहे हैं. उनका प्रयास है कि ग्रामीण युवा अपने लक्ष्य को पहचानें और शिक्षा, मेहनत व अनुशासन के साथ आगे बढ़ें.


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दुर्जय पासवान

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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