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Jharkhand News: शहीदों की भूमि गुमला 39 साल का हुआ, धार्मिक के साथ ऐतिहासिक और पर्यटक स्थल से है परिपूर्ण

Updated at : 18 May 2022 6:19 PM (IST)
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Jharkhand News: शहीदों की भूमि गुमला 39 साल का हुआ, धार्मिक के साथ ऐतिहासिक और पर्यटक स्थल से है परिपूर्ण

शहीदों की जन्मस्थली गुमला 39 साल का हो गया है. आज ही के दिन गुमला जिला का स्थापना हुआ. विकास की ओर अग्रसर इस जिले में धार्मिक के साथ-साथ ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल है. यहां जानें गुमला जिला की पूरी स्थिति

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Jharkhand News: गुमला जिला आज 39 साल का हो गया. आज ही के दिन यानी 18 मई, 1983 को गुमला को जिला का दर्जा मिला था. गुमला जिले में कुछ अपवाद को छोड़ दें, तो निरंतर कुछ नया हो रहा है. गुमला जिला विकास के पथ पर अग्रसर है. धीरे-धीरे नक्सलवाद खत्म हो रहा है. लेकिन, भ्रष्टाचार जिले के विकास में बाधक बनी हुई है. गुमला के विकास के लिए सरकार करोड़ों रुपये दे रही है. लेकिन, एक टेबल से दूसरे टेबल होते हुए पब्लिक तक विकास का पैसा पहुंचने में देरी हो रही है. टेबल दर टेबल बढ़ने में विकास का आधा पैसा खत्म हो जा रहा है.

आज ही के दिन गुमला का स्थापना दिवस

ऐसे, मनुष्य के जीवन में उतार-चढ़ाव एक निरंतर प्रक्रिया है. इसी प्रक्रिया का एक अंग अपना गुमला जिला रहा है. जो कई उतार-चढ़ाव के बाद आज विकास के पथ पर है. जरूर कुछ स्थानों पर हम पीछे हैं. फिर भी वर्तमान में गुमला जिला की जो स्थिति है. पहले की भांति बेहतर है. प्रयास सभी का है. हम आगे बढ़ रहे हैं. 18 मई यानी आज गुमला का जिला स्थापना दिवस है. कई चुनौतियों का सामना करते हुए आज गुमला 39 साल का हो गया. यानी पूरी तरह समझदार और परिपक्व गुमला.

धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल है गुमला

झारखंड राज्य के अंतिम छोर में बसे गुमला जिले का इतिहास गौरवपूर्ण है. नक्सलवाद से जूझ रहे गुमला में सभी जाति और धर्म के लोग रहते हैं. यह आदिवासी बहुल जिला है. इसाईयों की संख्या भी अधिक है. यह श्रीराम भक्त हनुमान की जन्मस्थली है. पग-पग पर धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल है. दक्षिणी कोयल एवं शंख नदी गुमला से होकर बहती है. धार्मिक आस्था के केंद्र टांगीनाथ धाम, देवाकीधाम, महामाया मंदिर, वासुदेव कोना मंदिर है. रमणीय पंपापुर, नागफेनी, बाघमुंडा, हीरादह गुमला जिले की पहचान है. ऐतिहासिक धरोहर डोइसागढ़ है.

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शहीदों की भूमि है गुमला

गुमला धर्मप्रांत में 39 चर्च है. कई चर्च पुराने हैं जो अपने अंदर प्राचीन इतिहास समेटे हुए है. अंग्रेजों को धूल चटाने वाले बख्तर साय, मुंडन सिंह, तेलंगा खड़िया एवं जतरा टाना भगत जैसे वीर सैनानियों की जन्मभूमि है. परमवीर चक्र विजेता शहीद अलबर्ट एक्का जैसे वीर सपूत इसी गुमला के जारी प्रखंड की धरती पर जन्म लिये. गुमला शहीदों की भूमि है.

18 मई, 1983 को रांची से अलग होकर जिला बना

गुमला जिला 5327 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है. कुल जनसंख्या 1246249 है. जिसमें पुरुषों की जनसंख्या 625292 व महिला जनसंख्या 620957 है. लिंगानुपात 993 प्रति हजार पुरुष है. गुमला जिले में 12 प्रखंड और तीन अनुमंडल गुमला, चैनपुर एवं बसिया है. पंचायतों की संख्या 159 है. राजस्व गांव 952 है. दो राजस्व गांव बेचिरागी है. गुमला शहरी क्षेत्र में एक नगर परिषद है. जिसकी आबादी 51307 है. जिले में कृषि योग्य भूमि 3.296 लाख व वन क्षेत्र 1.356 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है.

गुमला जिला की स्थिति
जिला का क्षेत्रफल : 5327 वर्ग किमी
कुल जनसंख्या : 12,46,249
पुरुषों की जनसंख्या : 6,25,292
महिला जनसंख्या : 6]20,957
लिंगानुपात : 993 प्रति हजार पुरुष
कुल प्रखंड : 12
कुल अनुमंडल : 03 (गुमला, चैनपुर एवं बसिया)
कुल पंचायतों की संख्या : 159
राजस्व गांव की संख्या : 952 (दो राजस्व गांव बेचिरागी है)
नगर परिषद : 01
थाना : 18
शहरी क्षेत्र में नगर परिषद की आबादी : 51,307
कृषि योग्य भूमि : 3.296 लाख
वन क्षेत्र : 1.356 लाख हेक्टेयर

खनिज संपदाओं से परिपूर्ण गुमला

खनिज के रूप में बॉक्साइड है, लेकिन कारखाना नहीं है. गुमला गांवों में बसा है. यहां के लोग जीविका के लिए खेती-बारी, घेरलू उद्योग-धंधे एवं मजदूरी करते हैं. गुमला के बगल में लोहरदगा, सिमडेगा, रांची एवं लातेहार जिला का बॉर्डर है. यह छत्तीसगढ़ और ओड़िशा राज्य का प्रवेश द्वार है. उग्रवाद, पलायन, गरीबी, अशिक्षा, सिंचाई, बेरोजगारी जैसी कई चुनौतियों का सामना करते हुए गुमला आगे बढ़ रहा है. लेकिन, गुमला के कुछ हालात ऐसे हैं. जिसे बदलना है. जरूरत है, हम सभी की अच्छी सोच की. जिससे गुमला झारखंड ही नहीं पूरे देश में मॉडल जिला बन सके.

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प्रमुख धार्मिक, पर्यटक व ऐतिहासिक स्थल

गुमला के प्रमुख धार्मिक, पर्यटक व ऐतिहासिक स्थलों में आंजनधाम, टांगीनाथ धाम, वासुदेव कोना, देवाकीधाम, बनारी में पांच पांडव पहाड़, बिशुनपुर में रंगनाथ मंदिर, डुमरी में सीरासीता, अलबर्ट एक्का जारी में रूद्रपुर का प्राचीन शिवमंदिर, सिसई में छोटानागपुर महाराजाओं की राजधानी डोयसागढ़, नागफेनी, पंपापुर, सुग्रीव गुफा, हापामुनी का प्रसिद्ध महामाया मंदिर, रायडीह में हीरादह, बाघमुंडा जलप्रपात, डुम्बो मंदिर है.

39 डीसी और 29 एसपी को देखा जिला

अपने 39 वर्ष की उम्र में गुमला जिला ने अबतक 35 डीसी व 29 एसपी देखे हैं. खेल के क्षेत्र में निरंतर बढ़ते गुमला की धरती से कई राज्य व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का जन्म हुआ है. जेपीएससी व यूपीएससी की परीक्षा में कई होनहारों ने गुमला जिले का मान सम्मान बढ़ाया है. बस अब बुलंदियों को छूने की आशा है और यह तभी संभव है. जब हम सब मिलकर एक सोच, नये उत्साह, उमंग, जोश से आगे बढ़ेंगे.

गुमला की आबादी (धर्म के अनुसार)

धर्म : आबादी
हिंदू : 3,76,305
मुस्लिम : 62,517
ईसाई : 2,46,097
सिख : 269
बौद्ध : 645
जैन : 28
अघोषित : 4,290
अन्य : 5,56,098
कुल : 12,46,249

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रिपोर्ट : दुर्जय पासवान, गुमला.

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