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Christmas 2021: रात्रि मिस्सा जागरण पूजा को लेकर सजे चर्च, श्रद्धालुओं ने किए बाल येशु के दर्शन

पल्ली पुरोहित फादर जेरोम एक्का सहित अन्य पुरोहितों ने मिस्सा पूजा करायी. मिस्सा पूजा से पूर्व मुख्य अनुष्ठाता ने चरनी में आशीष प्रदान किया. वहीं मिस्सा पूजा के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को बाल येशु का दर्शन कराया गया.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Christmas 2021: रात्रि मिस्सा जागरण पूजा में शामिल श्रद्धालु
Christmas 2021: रात्रि मिस्सा जागरण पूजा में शामिल श्रद्धालु
प्रभात खबर

Christmas 2021: झारखंड के गुमला धर्मप्रांत के सभी 39 चर्च में शुक्रवार को क्रिसमस पर्व को लेकर रात्रि जागरण मिस्सा पूजा हुई. मुख्य कार्यक्रम गुमला के संत पात्रिक महागिरजाघर में हुई. यहां मुख्य अनुष्ठाता गुमला धर्मप्रांत के प्रशासक फादर लिनुस पिंगल एक्का की अगुवाई में पल्ली पुरोहित फादर जेरोम एक्का सहित अन्य पुरोहितों ने मिस्सा पूजा करायी. मिस्सा पूजा से पूर्व मुख्य अनुष्ठाता ने चरनी में आशीष प्रदान किया. वहीं मिस्सा पूजा के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को बाल येशु का दर्शन कराया गया.

फादर लिनुस पिंगल एक्का ने कहा कि परमपिता परमेश्वर के सबसे प्रिय पुत्र ईसा मसीह बाल रूप में इस धरती में जन्म लिये. ईसा मसीह इस धरती में आये और सब कुछ बदल गया. लोगों को आशा थी कि ईसा मसीह का जन्म राजमहल में होगा. वे किसी राजघराने के राजकुमार होंगे, परंतु ईसा मसीह ने बेतलेहेम के एक गौशाला में जन्म लेकर लोगों की सोच को बदल दिया. फादर लिनुस ने कहा कि ईसा के आने के बाद से ही तारीख की गिनती शुरू हुई. यह दर्शाता है कि ईसा मसीह के आने से सबकुछ बदल दिया. हमने सोचा था कि पिछले वर्ष कोरोना काल के कारण क्रिसमस खुले रूप से नहीं मना पाये. इस वर्ष जरूर मना पायेंगे, परंतु ईसा मसीह ने कोरोना के विकसित रूप ओमिक्रॉन को लाकर हमारी सोच को बदल दिया. पिछले वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी हम सभी कोरोना महामारी के बीच में ही क्रिसमस पर्व मना रहे हैं.

फादर लिनुस ने कहा कि हम जो सोचते हैं. वह ईश्वर नहीं सोचता है. ईश्वर लोगों को अपने तरीके से जीवन में आगे बढ़ाता है और जीवन बचाता है. ईसा मसीह के जन्म की खुशी में हम सभी चरनी में बनाते हैं क्योंकि ईसा मसीह चरनी रूपी गौशाला में जन्म लिये थे, परंतु वह चरनी हमारे दिल का प्रतीक है. ईसा मसीह हमारे दिल में जन्म लेना चाहते हैं, परंतु इससे पहले हमें अपने दिल को पवित्र करने की जरूरत है. साथ ही ईसा मसीह के अपने हमें अपनी सोच को बदलने और उनके अनुसार जीवन जीने की जरूरत है. इस अवसर पर गीत का संचालन दीपनगर के कोयर दल ने किया. मौके पर फादर नीलम, फादर कुलदीप, फादर नवीन, फादर खुशमन, फादर अजय, फादर अरविंद, फादर पौल, फादर रंजीत सहित अन्य पुरोहित एवं दीपनगर, दाउद नगर, दया निकेतन, लिवंसडीह, पुग्गू, ढौठाटोली, खंभाटोली, विजय नगर, बरिसा व आनंदपुर के ख्रीस्त विश्वासी उपस्थित थे.

गुमला शहर के संत पात्रिक महागिरजाघर के अलावा शहरी क्षेत्र के संत इग्नासियुस, संत उर्सुलाइन एवं ग्रामीण क्षेत्र में संत अन्ना व नोट्रेडैम स्कूल में रात्रि जागरण मिस्सा पूजा हुआ. जिसमें संत इग्नासियुस के रात्रि जागरण मिस्सा पूजा में लोयोला नगर, खड़ियापाड़ा, रश्मिनगर, करमटोली सर्कल, दुंदुरिया, चाहा, चेटर के लोग भाग लिये. संत उर्सुलाइन में रात्रि जागरण मिस्सा पूजा में जोनपुर, प्रभात नगर, करंजटोली भाग लिये. संत अन्ना के रात्रि जागरण मिस्सा पूजा में उत्तरी एवं दक्षिणी डुंबरटोली, बेतलेहम नगर, नदीटोली एवं नोट्रेडैम के रात्रि जागरण मिस्सा पूजा में बेहराटोली, लक्ष्मणनगरर, तर्री, आनंदपुर, बिरसा नगर, फुटकलटोली, सरनाटोली, शांतिनगर के ख्रीस्त विश्वासी सहित चैरेटी सिस्टर्स शामिल हुई.

रात्रि जागरण मिस्सा पूजा को लेकर चर्चों को आकर्षक रूप से सजाया गया था. साथ ही पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था थी. मिस्सा पूजा स्थल के समीप चरनी बनायी गयी थी, जो ईसा मसीह के आगमन का संदेश दे रहा था. वहीं मिस्सा पूजा के दौरान सैनिटाइजर की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी थी. ख्रीस्त विश्वासी मास्क पहने हुए थे और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन किया.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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