लीड :8:::: मरना जीवन का अंत नहीं, शुरूआत है : बिशप पॉल

Updated at :02 Nov 2015 6:42 PM
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लीड :8:::: मरना जीवन का अंत नहीं, शुरूआत है : बिशप पॉल ख्रीस्त विश्वासियों ने मृत आत्माओं के लिए प्रार्थना की, कब्र में मोमबत्ती जलायी.3 गुम 31 में संदेश देते बिशप पॉल लकड़ा3 गुम 32 में कब्र के पास बैठे ख्रीस्त विश्वासी3 गुम 33 में कार्यक्रम में मौजूद लोगप्रतिनिधि, गुमलागुमला में सोमवार को कब्र पूजा […]

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लीड :8:::: मरना जीवन का अंत नहीं, शुरूआत है : बिशप पॉल ख्रीस्त विश्वासियों ने मृत आत्माओं के लिए प्रार्थना की, कब्र में मोमबत्ती जलायी.3 गुम 31 में संदेश देते बिशप पॉल लकड़ा3 गुम 32 में कब्र के पास बैठे ख्रीस्त विश्वासी3 गुम 33 में कार्यक्रम में मौजूद लोगप्रतिनिधि, गुमलागुमला में सोमवार को कब्र पूजा कर मृत आत्माओं के लिए प्रार्थना की गयी. ख्रीस्त विश्वासियों ने अपने अंदर की बुराई को खत्म करने के लिए ईश्वर को याद किया. मुख्य कार्यक्रम गुमला के संत पात्रिक कब्रिस्तान में हुआ. बिशप पॉल लकड़ा की अगुवाई में मिस्सा पूजा हुई. सहयोगी के रूप में पल्ली पुरोहित फादर सामुवेल कुजूर व फादर मनोहर खोया थे. बिशप ने अपने संदेश में कहा कि जीवन व मरण एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. लेकिन ख्रीस्त विश्वास की मान्यता के अनुसार जो मनुष्य मरता है, उसका दोबारा जन्म होता है. मरना जीवन का अंत नहीं, बल्कि शुरूआत है. मृत्यु से न डरें. मनुष्य का संबंध मृत आत्माओं से है. क्योंकि जो मरे हैं, वे हमारे अपने हैं. आज हम मृत आत्माओं के लिए प्रार्थना करें. अपने जीवन काल में पूर्वजों ने जो पाप व बुराई किया और ईश्वर से माफी नहीं मांगी, हम इसके लिए माफी मांगे. अपने अंदर की छिपी बुराई व शैतान को मारें. ईश्वर से प्रार्थना करें, कि वह हमें अच्छे मार्ग पर ले चलें. मिस्सा पूजा के बाद शाम ढलते ही कब्र मोमबत्ती से जगमग हो उठी. ख्रीस्त विश्वासी कब्र के पास बैठ आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना किये. कब्र पर्व मनाने के कारणफादर सामुवेल ने कहा कि जो मर गये हैं, वे पहले मनुष्य थे. उनमें जीवन था. वे अपने जीवन काल में पाप किये, लेकिन ईश्वर से क्षमा नहीं मागें. इसलिए हम उनके संतान मृत पूर्वजों के लिए ईश्वर से माफी मांगे. कब्र पवित्र स्थल होता है. मरने के बाद कोई भेदभाव नहीं रहता है, जो मर गये, वे कब्र मेें शांत मुद्रा में रहते हैं. माइकल के कब्र में पूजागुमला धर्मप्रांत के प्रथम बिशप माइकल मिंज (स्व.) के कब्र में विशेष पूजा हुई. उनके लिए भी प्रार्थना की गयी. माइकल मिंज का कब्र संत पात्रिक महागिरजाघर के अंदर बनाया गया है. यहां लोगों ने आस्था से मोमबत्ती जलायी.700 कब्र में हुई पूजागुमला धर्मप्रांत में 37 पल्ली है. इसके अंतर्गत 350 छोटे-छोटे चर्च हैं. इन चर्चों में 700 कब्र है. जहां हर वर्ष दो नवंबर को कब्र पूजा मनायी जाती है. इसमें मृत आत्माओं के लिए विशेष प्रार्थना होती है.

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