प्रभात एक्सक्लुसिव : सगी बहनों को बेचने ले जा रही थी दल्लिी

प्रभात एक्सक्लुसिव : सगी बहनों को बेचने ले जा रही थी दिल्लीसगी बहन ललिता थी तस्कर, पुलिस ने भेजा जेल.गुमला जिले की सबसे बड़ी तस्कर है ललिता देवी.ललिता का पति सुदर्शन सिंह भी तस्कर, वह फरार.2 गुम 14 में सगी बहनों के साथ तस्कर बहनदुर्जय पासवान, गुमलापालकोट प्रखंड के सारूबेड़ा गांव की ललिता देवी अपनी […]
प्रभात एक्सक्लुसिव : सगी बहनों को बेचने ले जा रही थी दिल्लीसगी बहन ललिता थी तस्कर, पुलिस ने भेजा जेल.गुमला जिले की सबसे बड़ी तस्कर है ललिता देवी.ललिता का पति सुदर्शन सिंह भी तस्कर, वह फरार.2 गुम 14 में सगी बहनों के साथ तस्कर बहनदुर्जय पासवान, गुमलापालकोट प्रखंड के सारूबेड़ा गांव की ललिता देवी अपनी ही दो सगी बहनों को बेचने के लिए दिल्ली ले जा रही थी. लेकिन पालकोट व गुमला थाना की पुलिस की तत्परता से दोनों बहन दिल्ली में बिकने से बच गयी. ललिता गांव की एक अन्य लड़की को भी दिल्ली बेचने के लिए ले जा रही थी. पुलिस उसे भी तस्कर के चंगुल से मुक्त करा लिया है. नाबालिग लड़कियों को दिल्ली में बेचने के इस खेल में ललिता के साथ उसका पति सुदर्शन सिंह भी शामिल है, जो अभी फरार है. पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ललिता को जेल भेज दिया है. वहीं सुदर्शन को गिरफ्तार करने के लिए खोज रही है. गुमला जिले में यह दूसरा केस है. जब अपने ही अपनों को दिल्ली में बेचने में लगे थे. इससे पहले के केस में भी बेटी को बेचने के आरोप में उसके पिता को पुलिस जेल भेज चुकी है. सीडब्ल्यूसी व पुलिस की माने तो ललिता व सुदर्शन गुमला जिले के सबसे बड़े मानव तस्कर है. कब से इन दोनों की तलाश थी.ऐसी बेटी को जेल में रहना ठीक है : पिताललिता देवी मानव तस्कर है. वह गांव की नाबालिग लड़कियों को दिल्ली में ले जाकर बेचती है. इससे उसका पिता अनभिज्ञ था. सोमवार को सीडब्ल्यूसी कार्यालय पहुंचे पिता ने कहा कि 30 अक्तूबर को ललिता अपनी ही बहनों को दिल्ली बेचने ले जा रही थी. उसे दूसरे दिन इसकी जानकारी मिली जब उसे किसी ने घर आकर बताया. उसने कहा कि ऐसी बेटी को जेल में ही रहना ठीक है.कई लड़कियों को दिल्ली में बेच चुकी हैपालकोट प्रखंड का सारूबेड़ा गांव घोर उग्रवाद प्रभावित है. प्रखंड से 20 किमी दूर भी है. गांव में रोजगार नहीं है. लोग गरीबी में जी रहे हैं. इसी का फायदा ललिता ने उठाया है. गांव की कई नाबालिग लड़कियों को ललिता दिल्ली में ले जाकर बेच चुकी है. ग्रामीणों ने बताया कि कई बार ललिता को मना किया गया. लेकिन छह से सात महीना में वह एक बार आती है और गांव से दो तीन लड़कियों को दिल्ली ले जाती है. पहले खुद बिकी, अब तस्कर बन गयीपरिजनों ने बताया कि ललिता खुद ट्रैफिकिंग का शिकार हुई है. दलालों ने उसे दिल्ली में कम उम्र में ही बेच दिया था. अबं वह खुद मानव तस्कर बन गयी. कम पढ़ी-लिखी है. लेकिन दिल्ली में रहने के बाद वह काफी तेज हो गयी है. उसका पति सुदर्शन भगत के कहने पर ही वह गांव की लड़कियों को दिल्ली में ले जाकर बेचती है. बहनों ने केस करने से इंकार कीपुलिस द्वारा 30 अक्तूबर को ललिता को पकड़ने के बाद जब उसकी बहनों को केस करने के लिए कहा गया, तो उन लोगों ने केस नहीं की. अंत में पुलिस ने सीडब्ल्यूसी से सहयोग लिया. रातोंरात ललिता के चंगुल से मुक्त एक अन्य लड़की ने केस की. इसके बाद केस कर आरोपी को जेल भेजा गया. परिजनों ने इसलिए केस नहीं किया कि वे लोग गरीबी में जी रहे हैं.
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