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झारखंड विधानसभा चुनाव : उरांव बहुल सीट में भाजपा और झामुमो का है जोर, जानें गुमला विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा

Updated at : 06 Nov 2019 7:42 AM (IST)
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झारखंड विधानसभा चुनाव : उरांव बहुल सीट में भाजपा और झामुमो का है जोर, जानें गुमला विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा

दुर्जय पासवान गुमला : 1951 में अनुसूचित जनजाति के लिए गुमला विधानसभा क्षेत्र बना था. सुकरू उरांव पहले विधायक थे. इस सीट पर उरांव जाति के विधायकों का दबदबा रहा. सबसे अधिक छह बार भाजपा से विधायक चुने गये हैं. जबकि यहां से कांग्रेस के तीन व झामुमो के दो विधायक रह चुके हैं. कांग्रेस […]

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दुर्जय पासवान
गुमला : 1951 में अनुसूचित जनजाति के लिए गुमला विधानसभा क्षेत्र बना था. सुकरू उरांव पहले विधायक थे. इस सीट पर उरांव जाति के विधायकों का दबदबा रहा. सबसे अधिक छह बार भाजपा से विधायक चुने गये हैं. जबकि यहां से कांग्रेस के तीन व झामुमो के दो विधायक रह चुके हैं.
कांग्रेस के बैरागी उरांव तीन बार विधायक बननेवाले एकमात्र नेता हैं. 1990 के बाद कोई भी विधायक दूसरी बार जीत कर विधानसभा नहीं पहुंच सका है. जनता या तो चुनाव हरा देती है या फिर पार्टी टिकट नहीं देती है. गुमला से एक भी महिला विधायक नहीं बनी है. गुमला विस सीट के अंतर्गत गुमला, रायडीह, चैनपुर, डुमरी व जारी प्रखंड है. 1995 से 2014 तक भाजपा व झामुमो गुमला सीट पर आपस में टकराते रहे हैं. कांग्रेस के वोटर घटे हैं.
2019 के चुनाव में उम्मीदवारों की लंबी कतार है. स्व कार्तिक उरांव के दामाद व पूर्व आइजी डॉ अरुण उरांव के भाजपा में शामिल होने से टिकट के दावेदारों में खलबली है. वहीं झामुमो से भूषण तिर्की प्रबल दावेदार हैं. लेकिन पूर्व आइपीएस हेमंत टोप्पो भी दावा ठोक रहे हैं. वापसी के इंतजार में खड़ी कांग्रेस भी चुनाव लड़ना चाहती है.
तीन महत्वपूर्ण कार्य जो हुए
– पॉलिटेक्निक कॉलेज व जीएनएम नर्सिंग कॉलेज शुरू हुआ.
– मांझाटोली से कोंडरा तक पक्की सड़क का निर्माण हुआ.
– जोलो घाट नदी में हाइलेबल पुल का निर्माण हुआ.
तीन महत्वपूर्ण काम जो नहीं हुए
– गुमला में बाइपास सड़क का निर्माण नहीं हुआ.
– अलबर्ट एक्का जारी प्रखंड का नहीं हुआ विकास.
– गुमला अभी तक रेल लाइन से नहीं जुड़ सका.
यह विकास का कार्यकाल रहा है : शिवशंकर उरांव
गुमला विधानसभा के भाजपा विधायक शिवशंकर उरांव ने अपने पांच साल के कार्यकाल को विकास का कार्यकाल बताया है. उन्होंने कहा कि गुमला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पड़नेवाले हरेक क्षेत्र में विकास के काम हुए हैं. पानी, धुमकुड़िया, रोड, पुलिया, पेवर ब्लॉक का निर्माण कराये हैं. पॉलिटेक्निक कॉलेज व जीएनएम नर्सिंग कॉलेज शुरू हुआ. मांझाटोली से कोंडरा तक पक्की सड़क का निर्माण हुआ. जोलो घाट नदी में हाइलेबल पुल का निर्माण हुआ. इसके अलावा कई काम हुए हैं.
जनता से दूर रहे हैं विधायक : भूषण तिर्की
पिछले विधानसभा चुनाव में झामुमो से चुनाव लड़ कर दूसरे नंबर पर रहे भूषण तिर्की ने कहा है कि भाजपा विधायक शिवशंकर उरांव पांच साल तक अपने स्वार्थ की राजनीति करते रहे. जनता से दूरी बनाये रखा. अब जब चुनाव आया तो इधर कुछ महीनों से सक्रिय नजर आ रहे हैं. जनता की समस्याओं को दूर करने में विधायक नाकाम साबित रहे. बाइपास सड़क नहीं बनी. रायडीह, डुमरी, चैनपुर व जारी प्रखंड से मुंह मोड़े रहे. इन क्षेत्रों में कई पुल ध्वस्त हो गये.
पिछले तीन चुनाव का रिकाॅर्ड
वर्ष 2014
प्राप्त वोट : 50473
हारे : भूषण तिर्की (झामुमो)
प्राप्त वोट : 46441
तीसरा स्थान : विनोद किस्पोट्टा (कांग्रेस)
प्राप्त वोट : 12847
वर्ष 2005
जीते : भूषण तिर्की (झामुमो),
प्राप्त वोट : 36266
हारे : सुदर्शन भगत (भाजपा),
प्राप्त वोट : 35397
तीसरा स्थान : बरवनास हेम्ब्रम (जेकेपी) प्राप्त : 4079
वर्ष 2009
जीते : कमलेश उरांव (भाजपा), प्राप्त वोट : 39555
हारे : भूषण तिर्की (झामुमो), प्राप्त वोट : 27468
तीसरा स्थान: जॉय फेड्रिक बाखला (कांग्रेस), प्राप्त वोट : 21326
जीते : शिवशंकर उरांव (भाजपा)
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