100 साल से भी पुराना गुमला का बुढ़वा महादेव मंदिर, पीपल पेड़ की खोह में है शिवलिंग

Published at :22 Jul 2019 11:23 AM (IST)
विज्ञापन
100 साल से भी पुराना गुमला का बुढ़वा महादेव मंदिर, पीपल पेड़ की खोह में है शिवलिंग

जगरनाथ गुमला : झारखंड राज्य के गुमला शहर के करमटोली मुहल्ला में 100 साल से ज्यादा पुराना बुढ़वा महादेव मंदिर है. यह मंदिर जितना पुराना है, इसका इतिहास भी उतना ही अनोखा है. पीपल के पेड़ की खोह में एक शिवलिंग निकला था. यह शिवलिंग अब बड़ा हो गया है. जब पेड़ की खोह में […]

विज्ञापन

जगरनाथ

गुमला : झारखंड राज्य के गुमला शहर के करमटोली मुहल्ला में 100 साल से ज्यादा पुराना बुढ़वा महादेव मंदिर है. यह मंदिर जितना पुराना है, इसका इतिहास भी उतना ही अनोखा है. पीपल के पेड़ की खोह में एक शिवलिंग निकला था. यह शिवलिंग अब बड़ा हो गया है. जब पेड़ की खोह में शिवलिंग प्रकट हुआ, तो श्रद्धालुओं से श्रमदान कर खपड़ा का छोटा-सा मंदिर बना दिया.

मंदिर के प्रति लोगों की बढ़ती श्रद्धा व विश्वास को देखते हुए स्थानीय लोगों ने उस खपड़ा से बने मंदिर को तोड़कर पक्का मंदिर बनवा दिया. इसके लिए मंदिर निर्माण समिति का गठन किया गया है. मंदिर समिति के लोगों ने बताया कि मंदिर जितना पुराना है, इसकी खासियत भी उतनी ज्यादा है. बुढ़वा महादेव सबकी मुरादें पूरी करते हैं. मनोकामना की पूर्ति होने पर भक्त मंदिर में आकर पूजा-पाठ करता है.

बैगा के सपने में आये थे भगवान

करम टोली में स्थित बुढ़वा महादेव मंदिर आज शिव भक्तों के लिए आस्था का केंद्र बन गया है. हर साल सावन में, शिवरात्रि व अन्य उत्सवों पर यहां शिव भक्तों का तांता लगा रहता है. मंदिर के बारे में कहा जाता है कि करम टोली गांव के एक बैगा पाहन को रात्रि में सपना आया था कि उस पीपल के पेड़ की खोह में एक शिवलिंग है. वहां पूजन शुरू करो. प्रातःकाल बैगा वहां पहुंचा, तो देखा कि एक शिवलिंग है.

इसकी जानकारी उसने ग्रामवासियों सहित गुमला शहर के मुरारी प्रसाद केसरी, करमटोली के मुखिया बालकराम भगत, सोहर महतो, मधुमंगल बड़ाईक सहित कई लोगों को दी. सूचना पाकर मुरारी केसरी (अब स्वर्गीय) अपने मित्र तेजपाल साबू व गौरीशंकर साव के साथ वहां गये. उन्होंने करमटोली के मुखिया और अन्य लोगों को एकत्रित किया. खपड़ानुमा मंदिर का निर्माण कर पूजा-पाठ शुरू करायी.

जानकारी के मुताबिक, स्वर्गीय मुरारी केसरी ने ही मंदिर तक जाने का रास्ता व मंदिर के पास कुआं का निर्माण करवाया. मंदिर के लिए एक एकड़ 35 डिसमिल जमीन भी दान दी. लगातार कई वर्षों तक स्वर्गीय केसरी ने मंदिर में रंग-रोगन व प्रसाद की व्यवस्था की. बाद में गांव के लोगों ने मंदिर की व्यवस्था अपने हाथ में ले ली. मंदिर की कमेटी बनाकर मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है.

मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए अलग से कमेटी बनायी गयी है. पिलर व दीवार में पानी पटाने के लिए मुहल्ले के युवक सहयोग करते हैं. कुछ लोग मंदिर निर्माण में लगे मिस्त्री व मजदूरों का भी सहयोग कर रहे हैं, ताकि मंदिर का निर्माण जल्द से जल्द पूरा हो जाये.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola