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गुमला : गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा बनटोली जंगल, मुठभेड़ में उग्रवादियों के मारे जाने की सूचना के बाद पत्रकारों को रोका

Updated at : 25 Feb 2019 7:05 AM (IST)
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गुमला : गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा बनटोली जंगल, मुठभेड़ में उग्रवादियों के मारे जाने की सूचना के बाद पत्रकारों को रोका

घटना स्थल से लौटकर दुर्जय पासवान गुमला से करीब 90 किमी दूर अमटोली व बनटोली जंगल है. इसी जंगल में पुलिस व पीएलएफआइ के बीच मुठभेड़ हुई थी. अमटोली व बनटोली गांव के लोगों ने पहली बार गोलियों की आवाज सुनी है. ग्रामीणों ने बताया कि अमटोली गांव के कई घरों में शौचालय नहीं है. […]

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घटना स्थल से लौटकर दुर्जय पासवान
गुमला से करीब 90 किमी दूर अमटोली व बनटोली जंगल है. इसी जंगल में पुलिस व पीएलएफआइ के बीच मुठभेड़ हुई थी. अमटोली व बनटोली गांव के लोगों ने पहली बार गोलियों की आवाज सुनी है. ग्रामीणों ने बताया कि अमटोली गांव के कई घरों में शौचालय नहीं है. इसिलए गांव की महिलाएं जंगल की ओर गयी थीं. लौटने के क्रम में करीब साढ़े पांच बजे गोलियों की तड़तड़ाहट सुनायी देने लगी. सभी डर गये. भागे-भागे घर पहुंचे. जंगल से सटे 10 घर के लोगों ने डर से अपने को घर में बंद कर लिया.
करीब एक घंटे तक गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंजता रहा. गांव की चनियो टोपनो ने कहा : गोली चली तो हमलोग डर से घर में ही दुबक गये. चूंकि पानी भरने के लिए अमटोली जंगल में बने कुआं पर जाते हैं. लेकिन गोली की आवाज सुन पानी भरने कोई वहां नहीं गया. जब गोलियों की तड़तडाहट कम हुई, तो आठ बजे के बाद कोबरा के जवान नजर आये. जवानों की अनुमति के बाद करीब नौ बजे ग्रामीण पानी भरने जंगल में घुसे.
इधर, डीआइजी एवी होमकर ने बताया कि जैसे ही गुमला एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा व खूंटी एसपी आलोक को पीएलएफआइ के उग्रवादियों के जमावड़े की सूचना मिली. शनिवार रात को ही उग्रवादियों को घेरने की योजना बन गयी थी. रात करीब 12 बजे कोबरा के जवान, गुमला व खूंटी जिला की पुलिस जंगल में घुसी. जंगल में रास्ता नहीं होने के कारण फोर्स ने पैदल जंगल में प्रवेश किया. धीरे-धीरे पुलिस फोर्स आगे बढ़ते गयी. जिस स्थान पर उग्रवादी जमे हुए थे.
वहां पुलिस फोर्स चार बजे पहुंच चुकी थी. लेकिन उस समय अंधेरा था, इस कारण उजाले का इंतजार करना पड़ा. करीब साढ़े पांच बजे साफ-साफ दिखायी देने लगा तो पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी शुरू की. पुलिस की मंशा थी कि सभी उग्रवादियों को सरेंडर कराये. लेकिन पुलिस को देख कर उग्रवादी फायरिंग करने लगे.
अंत में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. करीब एक घंटे तक मुठभेड़ चला.जब उग्रवादियों की तरफ से गोली चलना बंद हुआ तो कोबरा व पुलिस जवानों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया. सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से तीन उग्रवादियों का शव मिला. जबकि एक उग्रवादी लंगड़ाते हुए दूर जंगल में भागते दिखा. अन्य पांच छह उग्रवादी भी भागते नजर आये. कोबरा के जवानों ने पीछा किया, लेकिन घना जंगल होने के कारण उग्रवादी अमटोली इलाके की ओर भाग गये.
पत्रकारों को रोक दिया
मुठभेड़ में तीन उग्रवादियों के मारे जाने की सूचना के बाद कामडारा प्रखंड के पत्रकार बनटोली जंगल पहुंचे. लेकिन मुठभेड़ का हवाला देकर पत्रकारों को जंगल में घुसने से पुलिस के जवानों ने रोक दिया.
वहीं गुमला से भी कई प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार भी घटनास्थल पर पहुंचे. उन्हें भी आगे बढ़ने से रोका गया. दो पत्रकार पकरा रेलवे स्टेशन से होते हुए बुरुहातू पहुंचे. फिर बुरूहातू से पहाड़गांव होते हुए अमटोली गांव पहुंचे. जहां ग्रामीणों ने मुठभेड़ की सूचना दी. लेकिन ग्रामीणों काे यह पता नहीं था कि कितने उग्रवादी मारे गये हैं.
अमटोली जंगल में प्रवेश करने पर कोबरा के जवानों ने आगे जाने से रोका. लेकिन वरीय अधिकारी की अनुमित के बाद दोनों पत्रकार जंगल में घुसे. जंगल की भूल-भूलैया रास्ते में भटकते हुए मुठभेड़ स्थल पर पहुंचे. इसके बाद पुन: अमटोली जंगल के रास्ते से वापस लौटे.
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