शिक्षा का संदेश लेकर साइकिल से निकले मनोज पांडे, कर चुके हैं 1200 किमी की यात्रा

Updated at : 09 Feb 2019 8:18 PM (IST)
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शिक्षा का संदेश लेकर साइकिल से निकले मनोज पांडे, कर चुके हैं 1200 किमी की यात्रा

दुर्जय पासवान, गुमला हैदराबादके मनोज पांडे (55 वर्ष) की साइकिल यात्रा रोमांच, मुश्किल और उत्साह से भरा हुआ है. श्री पांडेय बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, इस संदेश को लेकर साइकिल यात्रा पर निकले हैं. हैदराबाद से शुरू यात्रा तेलंगाना, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ राज्य में संपन्न हो चुका है. अब श्री पांडे छत्तीसगढ़ राज्य से […]

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दुर्जय पासवान, गुमला

हैदराबादके मनोज पांडे (55 वर्ष) की साइकिल यात्रा रोमांच, मुश्किल और उत्साह से भरा हुआ है. श्री पांडेय बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, इस संदेश को लेकर साइकिल यात्रा पर निकले हैं. हैदराबाद से शुरू यात्रा तेलंगाना, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ राज्य में संपन्न हो चुका है. अब श्री पांडे छत्तीसगढ़ राज्य से होते हुए गुमला के रास्ते झारखंड राज्य में प्रवेश किये हैं. झारखंड से श्री पांडे बिहार राज्य में प्रवेश करेंगे और पटना के मनैर में यात्रा का समापन करेंगे.

श्री पांडे ने हैदरबाद से शुरू यात्रा का गुमला में प्रवेश तक जो रोमांच व मुश्किलों का सामना करना पड़ा, इस संबंध में अपनी यात्रा के कुछ घटनाओं का जिक्र प्रभात खबर से किया है. श्री पांडे ने कहा कि मैं जब बच्चों को बेहतर शिक्षा का संदेश लेकर निकला तो मुझे विश्वास नहीं था कि रास्ते में मुझे खुद शिक्षा मिलेगी. रास्ते में पड़ने वाले कई स्कूल के बच्चों से मिला. वहां की पढ़ाई व्यवस्था को देखा. कुछ जगह मेरे दिल को सुकून मिला. लेकिन कुछ स्थानों पर मुझे खुशी नहीं मिली.

कई गांवों से गुजरा तो वहां शिक्षा का स्तर कम मिला. सरकार को चाहिए, आप जरूरी काम करें, लेकिन शिक्षा को फोकस करें. क्योंकि बिना शिक्षा के हम आगे नहीं बढ़ सकते हैं. शिक्षा के अलावा पर्यावरण संरक्षण पर भी सरकार ध्यान दे. कई क्षेत्रों में मैंने पर्यावरण के नष्ट होने का नजारा देखा. लेकिन कुछ क्षेत्रों में सुंदर जंगल, ऊंचे पहाड़, नदियों की सुंदर बनावट दिल को रोमांचित कर गयी’

यात्रा के दौरान मुझे मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा. बदलते मौसम, ठंड, धूप व बारिश से मुझे परेशानी हुई. लेकिन इसके बावजूद मैंने अपनी यात्रा चालू रखी. अबतक मैं 1200 किलोमीटर की यात्रा कर चुका हूं. अभी और 600 किमी की यात्रा करनी है. अभी तक जितनी दूरी मैंने तय की है. उसमें शिक्षा के अलावा पर्यावरण, स्वास्थ्य व गांवों की समस्याओं से भी रूबरू हुआ. मेरा मानना है. अभी भी विकास बाकी है. जनता की जो मूलभूत जरूरत है. वह अभी भी अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पा रहा है.

हर कठिन डगर में दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास विजयी की राह ले जायेगा

मनोज पांडे ने कहा कि हर कठिन डगर में अगर आप में आत्मविश्वास है. दृढ़ संकल्प से परिपूर्ण हैं. जो हर मुश्किल का सामना करते हुए आप जीत की मंजिल तक पहुंच जायेंगे. आप अगर किसी से मिले तो उसे हताश न करें. उसका हौसला बढ़ायें. क्या पता, आपका हौसला बढ़ाने का तरीके सामने वाले को तरक्की के मार्ग पर ले जाए. मैं उन लोगों से कहूंगा. आप में भी आगे बढ़ने की क्षमता है. जरूरी है. आप उसे समझे. सामने वाला क्या कहता है. उसे समझें. अगर आपकी कोई बुराई करता भी है. तो आप अपने अंदर झांके. अगर लगे कि हां, सामने वाले की बात सच है तो आप उस बुराई को दूर करें. निश्चित रूप से आप प्रगति के पथ पर बढ़ेंगे.

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