नन्हें-मुन्हें बच्चों की जिंदगी से खेल रहे स्कूल प्रबंधन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :14 May 2018 3:36 AM (IST)
विज्ञापन

41 डिग्री तापमान में बच्चों को स्कूल भेजने को हैं विवश माता-पिता गुमला : गुमला में नन्हें-मुन्हें बच्चों की जिंदगी से स्कूल प्रबंधन खेल रहे हैं. तेज गरमी पड़ रही है. पारा हर रोज 41 डिग्री सेल्सियस से पार रह रहा है. लेकिन अभी तक स्कूलों में गरमी छुट्टी नहीं हुई है. बच्चों को स्कूल […]
विज्ञापन
41 डिग्री तापमान में बच्चों को स्कूल भेजने को हैं विवश माता-पिता
गुमला : गुमला में नन्हें-मुन्हें बच्चों की जिंदगी से स्कूल प्रबंधन खेल रहे हैं. तेज गरमी पड़ रही है. पारा हर रोज 41 डिग्री सेल्सियस से पार रह रहा है. लेकिन अभी तक स्कूलों में गरमी छुट्टी नहीं हुई है. बच्चों को स्कूल भेजना, कुछ स्कूलों का दबाव भी है. इस कारण मजबूरन माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं. अभी गुमला में हर रोज 41 से 42 डिग्री सेल्सियस तापमान रह रहा है. इतने तापमान में बड़े लोग बिना पंखे के नहीं रह सकते. लेकिन गुमला में पांच से 10 साल के बच्चे इतने ही तापमान में स्कूलों में बैठ कर पढ़ने को मजबूर हैं. वह भी बिना पंखा के. क्योंकि गुमला जिले के निजी स्कूलों में पंखा की व्यवस्था नहीं है. जबकि निजी स्कूल इन सुविधाओं के लिए भी फीस लेते हैं. गरमी में बच्चे पसीना से तर-बतर होकर पढ़ते हैं. यहां तक कि शिक्षकों के सामने भी लाचारी है.
स्कूल प्रबंधन व्यवस्था देती नहीं है. इसलिए शिक्षक भी इस तेज तपिश में बच्चों को पढ़ाते हैं. गुमला शहर में कई निजी स्कूलों की छुट्टी साढ़े 11 बजे होती है. उस समय तेज धूप रहती है.
बच्चे जब स्कूल से निकल कर घर जाने के लिए सड़क पर आते हैं तो 11.45 से 12.00 बज जाता है. उस समय कड़ाके की धूप रहती है. इस धूप में बड़े चल नहीं पाते. ऐसे में बच्चों को पीठ पर तीन से चार किलो का वजन (पुस्तकों से भरा बैग) का बैग ढोकर चलना पड़ता है. कई बच्चे तो तीन से चार व कोई पांच से छह किमी तक पढ़ने आते हैं. जो सक्षम हैं, वे स्कूल बस का फीस देते हैं. लेकिन जो सक्षम नहीं हैं उनके बच्चे पैदल या तो साइकिल से आते-जाते हैं. खुद अभिभावक बच्चों को स्कूल पहुंचाने व लाने का काम करते हैं. ऐसे में इस चिलचिलाती धूप का असर महसूस किया जा सकता है. इधर, तेज गरमी पड़ रही है. लेकिन गुमला प्रशासन भी बेखबर बने हुए है. एक अभिभावक ने कहा कि स्कूल के शिक्षक स्टाफ रूम में कूलर व पंखा में बैठते हैं. प्रधानाध्यापक हर समय एसी रूम या कूलर के पास रहते हैं. अधिकारी एसी वाले गाड़ी में चलते हैं. कार्यालय में भी कूलर व एसी रहता है. ऐसे में उन्हें गरमी का अहसास नहीं पड़ता. लेकिन उन बच्चों की क्या स्थिति होती होगी, जो 41 व 42 डिग्री तापमान में स्कूल आते-जाते हैं. हालांकि गरमी को देखते हुए कई स्कूलों ने छुट्टी दे दी है. लेकिन कुछ स्कूल जान बूझकर बच्चों व उनके अभिभावकों को परेशान करने में लगे हुए हैं. इस कारण अभी तक छुट्टी नहीं दी है. अभिभावकों ने गुमला डीसी से
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




