एनजीओ ने दो किस्तों में 99 लाख रुपये अग्रिम ले ली थी

Published at :28 Apr 2018 6:01 AM (IST)
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एनजीओ ने दो किस्तों में 99 लाख रुपये अग्रिम ले ली थी

गुमला : रायडीह प्रखंड की सिलम पंचायत मुर्गीपालन में पूरे देश में अव्वल है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिलम गांव में हुए मुर्गीपालन की प्रशंसा की थी. पीएम की प्रशंसा के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास सिलम गांव पहुंच कर महिलाओं द्वारा किये जा रहे मुर्गीपालन को देखा था. उन्होंने महिलाओं के हौसले […]

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गुमला : रायडीह प्रखंड की सिलम पंचायत मुर्गीपालन में पूरे देश में अव्वल है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिलम गांव में हुए मुर्गीपालन की प्रशंसा की थी. पीएम की प्रशंसा के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास सिलम गांव पहुंच कर महिलाओं द्वारा किये जा रहे मुर्गीपालन को देखा था.

उन्होंने महिलाओं के हौसले को सलाम किया था. लेकिन इसी सिलम पंचायत को कुछ अधिकारियों ने स्वयं सेवी संस्था से मिल कर लूट का अड्डा बना दिया है. बात हो रही है मुर्गीपालन के लिए बनाये गये मुर्गी शेड का. इस मुर्गी शेड को बनाने में लाखों रुपये का गड़बड़झाला हुआ है. हालांकि स्वयंसेवी संस्था अभिनव विकास समिति लातेहार द्वारा सिलम पंचायत में बनाये गये मुर्गी शेड की जांच एक एजेंसी द्वारा की जा रही है. एजेंसी को एक महीने में जांच पूरी करनी है. एक अधिकारी ने जांच शुरू की है. जांच में 15 दिन लग गये. इस जांच में अधिकारी को भारी गड़बड़ी मिली है.
किस प्रकार एनजीओ ने बिना काम कराये अग्रिम राशि ले ली. वहीं कुछ शेड बनाने का एनजीओ ने दावा तो किया है, लेकिन धरातल में जांच के बाद पता चला कि एनजीओ आधा-अधूरा काम करा कर फरार हो गया. जिन महिला लाभुकों के नाम से मुर्गी शेड बनना था, वे महिलाएं एनजीओ के भागने के बाद अपना पैसा खर्च कर मुर्गी शेड का निर्माण पूरा किया है.
बैठक में एनजीओ का चयन हुआ था
रायडीह प्रखंड की सिलम पंचायत में विशेष केंद्रीय सहायता योजना के तहत आयवृद्धि एवं आधारभूत संरचना के लिए वर्ष 2011-2012 में मुर्गी शेड निर्माण की स्वीकृति दी गयी थी. यह तीन वर्ष की योजना थी. एग्रीमेंट के अनुसार शेड का निर्माण तीन वर्ष में कर लेना था. इसके लिए प्रोटोटाइप योजना फेज-पांच के तहत मुर्गीपालन योजना के लिए परियोजना कार्यान्वयन समिति की बैठक भी 10 मार्च 2012 को हुई थी. बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार स्वयं सेवी संस्था अभिनव विकास सेवा समिति लातेहार को मुर्गी शेड बनाने की जिम्मेवारी सौंपी गयी थी.
शुरुआत में ही आइटीडीए विभाग द्वारा अभिनव विकास सेवा समिति को 33 लाख रुपये अग्रिम भुगतान किया गया था. इससे पहले ही एनजीओ को 66 लाख रुपये अग्रिम दिया जा चुका था. इस प्रकार एनजीओ को दो किस्तों में 99 लाख रुपये अग्रिम दिया गया था.
एनजीओ अभिनव विकास सेवा समिति, बरवाडीह लातेहार का है. सिलम पंचायत में उसे मुर्गी शेड बनाने की जिम्मेवारी दी गयी थी, लेकिन उसने पूरा काम नहीं किया. 99 लाख रुपये की निकासी की है.
कृष्ण किशोर, निदेशक, आइटीडीए
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